: कार्यक्रम में संविधान से सम्बन्धित वृत्त चित्र का प्रसारण भी किया जाय : डीएम
Sat, Nov 23, 2024
संविधान दिवस पर होंगे विविध आयोजनकार्यक्रम में संविधान से सम्बन्धित वृत्त चित्र का प्रसारण भी किया जाय : डीएमअयोध्या। शासन के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने बताया कि संविधान दिवस 26 नवम्बर 2024 को स्वतंत्रता के अमृत काल के अवसर पर जनपद में वर्ष-पर्यन्त विविध कार्यक्रम नगरीय निकायों, जिला पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में सुनिश्चित किया जायेगा तथा कार्यक्रम में संविधान से सम्बन्धित वृत्त चित्र का प्रसारण भी किया जाय। इस अवसर पर संविधान की विशिष्टताओं एवं उनमें वर्णित मौलिक कर्तव्यों पर जनपद के सरकारी/निजी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य अथवा वरिष्ठ शिक्षक द्वारा छात्रों के समक्ष उद्बोधन देकर प्रस्तावना का वाचन किया जाए तथा भारत के संविधान एवं उसमें उल्लिखित नागरिक कर्तव्यों पर प्राथमिक कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के लिए वाद-विवाद एवं पूर्व माध्यमिक/माध्यमिक कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के लिए निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र/छात्राओं को पुरस्कृत किया जाय। जनपद के समस्त शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों (चिकित्सा शिक्षा/प्राविधिक शिक्षा/कृषि शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा सहित) की समस्त कक्षाओं में शिक्षकों द्वारा समस्त छात्र छात्राओं सहित पूर्वान्ह की अवधि में संविधान की प्रस्तावना का वाचन एवं अपरान्ह की अवधि में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। संविधान दिवस के अवसर पर जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में स्वच्छता का विशेष अभियान चलाया जायेगा।
: अयोध्या के गांवों में पर्यटकों को मिलेगी ठहरने की सुविधा
Sat, Nov 23, 2024
अयोध्या के गांवों में पर्यटकों को मिलेगी ठहरने की सुविधापर्यटन की दृष्टि से विकसित होंगे धार्मिक स्थलों के पास के गांवबाहर से दिखेगा खपरैला, अंदर होंगे जबरदस्त इंतजामगांव के चार से छह घरों को होम स्टे की तरह किया जाएगा प्रमोटचूल्हे की रोटी से लेकर, विभिन्न देसी सब्जियों व मटके में बनी दाल का ले सकेंगे जायकाअयोध्या। अयोध्या शहर घूम चुके लोग अब यहां के गांवों का भी लुत्फ उठा सकेंगे। इसके लिए गांवों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। पर्यटक चूल्हे की रोटी से लेकर विभिन्न सब्जियों व मटके में बनी दाल का न सिर्फ आंनद ले सकेंगे बल्कि वहां ठहर भी सकेंगे। बाहर से गांव जैसा व अंदर का नजारा वेस्टर्न रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में अयोध्या विकास प्राधिकरण जल्द ही इस योजना पर काम शुरू करने जा रहा है।
भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। अकेले शहर में राम मंदिर के अलावा कई ऐसे प्राचीन मठ-मंदिर व पौराणिक स्थल हैं। यहां पहुंचने के बाद चार दिन तो शहर में ही घूमने-टहलने व दर्शन पूजन में निकल जाते हैं। ऐसे में वे जिले के अन्य धार्मिक स्थलों पर नहीं पहुंच पाते हैं। इसे देखते हुए अब एक नई योजना को अयोध्या जिले में उतारी जाएगी। राम मंदिर निर्माण के साथ ही शासन-प्रशासन ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान लगा लिया था। इस दौरान होम स्टे की योजना शुरू की गई थी, जिसके बाद नगर में लगभग 1100 लोग इस योजना से जुड़े और अपने घर को पेइंग गेस्ट हाउस बना लिया। आज सारे होम स्टे फुल रहते हैं। इसमें रहने-खाने का अच्छा इंतजाम रहता है। इससे लोगों को आर्थिक मजबूती भी मिल रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण होम स्टे पेइंग गेस्ट योजना का दूसरा चरण शुरू करने जा रहा है। इसके तहत अयोध्या जिले के ऐसे धार्मिक स्थल जो मुख्यालय से दूर किसी तहसील में पड़ते हैं। उनके पास के छोटे गांव को डेवलप किया जाएगा। जैसे भरतकुंड, मखौड़ा धाम व स्वामी नारायणमंदिर जैसे धाम के आस-पास के गांव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। अयोध्या विकास प्राधिकरण में होम स्टे पेइंग गेस्ट योजना के नोडल अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि गांव के सात से आठ घरों को ऐसा डवलप किया जाएगा कि बाहर से पूरी गांव वाली फीलिंग आएगी, लेकिन अंदर वेस्टर्न सुविधा रहेगी। वेस्टर्न टॉयलेट, एलईडी, बेड आदि की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने बताया कि होम स्टे में रुकने वाले को लोग अपने घरों के व्यंजन खिला सकेंगे। इससे हमारे यहां का मोटे आनाज को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीणों की आमदनी भी हो सकेगी। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्विनी पांडेय ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए योजना को विस्तार दिया जा रहा है। इससे न सिर्फ गांवों में पर्यटन बढ़ेगा बल्कि ग्रामीणों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
: दुल्हा सरकार के विवाह महोत्सव के लिए सजा जानकी महल
Sat, Nov 23, 2024
दुल्हा सरकार के विवाह महोत्सव के लिए सजा जानकी महलसीताराम विवाह महोत्सव में मिथिलांचल से उत्सव में सराबोर होगा श्री जानकी महल ट्रस्टसीता-राम विवाहोत्सव हमारे लिए अतीत का घटनाक्रम ही नहीं, बल्कि जीवन में प्रतिपल प्रेरित होने का दिव्य सूत्र है: आदित्य सुल्तानिया6 दिसंबर मारवाड़ी ठाट बाट से अगहन पंचमी पर निकलेगी दुल्हा सरकार की बारातदुल्हा सरकार संग बरातियों के सेवा में बनारस की चाट,कलकत्ता की चाय टोस्ट व कानपुर के दूध का लुफ्त उठायेंगेदुल्हा सरकार व किशोरी जी का होगा विशेष श्रृंगार, सोने के आभूषण के मध्य चमकेंगे युगल सरकारजानकी महल ट्रस्ट में हजारों लोगों को वस्त,कंबल, राशन व ऊनी कपड़े किया जायेगा वितरणबनारस की शहनाई व राजस्थान की पगड़ी के साथ करीब आधा दर्जन बग्घियों व 3 बैंडबाजे के साथ दिल्ली की लाइटिंग की अद्वितीय व्यवस्था की गई हैअयोध्या। राम जन्म भूमि में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार श्रीराम विवाह का उत्सव धूमधाम से मनाने की तैयारी है। राम नगरी के अलग-अलग मंदिरों से 6 दिसंबर को राम बारात निकाली जाएगी। विवाह पंचमी का मुहूर्त 6 दिसंबर को ही पड़ रहा है, अयोध्या के लिए यह तिथि बेहद खास मानी जाती है. मठ मंदिरों में यह उत्सव मनाया जाएगा. अयोध्या के संत-महंत दशरथ, जनक और महर्षि की भूमिका में नजर आएंगे।श्रीसीता-राम विवाहोत्सव का मुख्य उत्सव 6 दिसंबर को है। उत्सव की तैयारी चरम की ओर उन्मुख है। रामनगरी के चुनिंदा मंदिरों में राम विवाहोत्सव पूरे भाव-चाव से मनाया जाता है। रामनगरी के श्री जानकी महल ट्रस्ट में मिथिला पद्धति से विवाहोत्सव मनाया जाता है। यहां पर भगवान राम को दुल्हा सरकार और किशोरी जी को बेटी माना जाता है। श्री जानकी महल ट्रस्ट का सीताराम विवाहोत्सव देखने के लिए दूर दूर से लोग आते है। यहां की विवाहोत्सव सुप्रसिद्ध है। जो अपने आप में अद्वितीय है। रामनगरी के कनक भवन, लक्ष्मणकिला, हनुमान बाग, दशरथ राजमहल बड़ा स्थान रसमोद कुंज रंग महल विअहुती भवन आदि का विवाहोत्सव देखने के लिए लोग आतुर रहते है।जानकी महल ट्रस्ट में सीता के बिना श्रीराम की कल्पना तक नहीं की जाती है और ऐसे में श्रीराम एवं सीता के मिलन के महापर्व पर यहां उत्सव का चरम परिलक्षित होता है।
इस बार यह उत्सव और भी खास होने जा रहा है। दिल्ली की मशहूर रामलीला जो प्राण प्रतिष्ठा के समय रामलला के सम्मुख लीला कर चुकी है। वही लीला इस बार राम विवाह में जानकी महल की शोभा बढ़ायेगी। दुल्हा सरकार व किशोरी जी के लिए ट्रस्ट ने जयपुर के रुकमण ज्वेलर्स से विशेष आभूषण बनवायें है जो विवाह उत्सव पर युगल सरकार को समर्पित किया जायेगा।
वर पक्ष व वधू पक्ष मिलाकर करीब 1 हजार लोगो के लिए खानेपीने की विशेष व्यवस्था ट्रस्ट ने कराई है। बनारस की मशहूर चाट जो उघोगपति अंबानी परिवार के विवाह की सेवा दे चुके है बनारस की काशी चाट भंडार इस बार भगवान राम की बारातियों की सेवा में शामिल होगा साथ ही कलकत्ता का चाय टोस्ट व कानपुर की दूध सभी का सभी लोग लुफ्त उठायेंगे। वर पक्ष की अगुवाई दिल्ली के मुरारी लाल अग्रवाल करेंगे तो वधू पक्ष जानकी महल ट्रस्ट दुल्हा सरकार व बारातियों की सेवा करेगा।
तो वही करीब हजार लोगों को वस्त्र, कंबल, राशन व ऊनी कपड़े भेंट किये जायेंगे।विवाहोत्सव का केंद्र जानकीमहल ट्रस्ट तैयारियों के साथ ही उत्सव के आगोश में डूबता जा रहा है। यहां उत्सव का आगाज 3 दिसंबर मंगलवार की प्रथम बेला में रामार्चा महायज्ञ एवं सायं रामलीला की प्रस्तुति तथा गणेश पूजन से शुरु हो गया। बुधवार को फुलवारी सायं विवाहगीत एवं रामलीला की प्रस्तुति संयोजित है। जानकीमहल में राम विवाहोत्सव की रस्म किस प्रामाणिकता से मनायी जाती है। इसे हल्दात तिलक मेंहदी बिनौरी नेग न्यौछावरी नेग घुड़चढ़ी बरात प्रस्थान वैवाहिक कार्यक्रम और विवाहोत्सव के अगले दिन छप्पन भोग तथा कुंवर कलेवा के आयोजनों से समझा जा सकता है। उत्सव को लेकर निमंत्रण पत्रिका छापी है जो विशिष्ट लोगों को वितरण की जा रही है। जिसमें स्वागताकांक्षी श्री जानकी महल ट्रस्ट एवं भक्त गण है। जानकीमहल के ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया के अनुसार सीता-राम विवाह हमारे लिए अतीत का घटनाक्रम ही नहीं बल्कि जीवन में प्रतिपल प्रेरित होने का दिव्य सूत्र है और इस आयोजन में हम कोई कसर नहीं छोड़े रखना चाहते। राम विवाहोत्सव के दौरान जानकीमहल में फुलवारी की प्रस्तुति आकर्षण की सबब होती है। जानकीमहल के मुख्य आगार के सम्मुख स्थापित मनोहारी फुलवारी को जनकपुर की उस फुलवारी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। जहां त्रेता में श्रीराम और सीता का पहली बार आमना-सामना हुआ था। इस मौके पर रामनगरी के प्रतिनिधि चुनिंदा संत धर्माचार्य भी आमंत्रित होते हैं जो श्रीराम के प्रसंग का आस्वाद ही नहीं लेते बल्कि अपनी वेश-भूषा और ध्यानियों जैसी भाव-भंगिमा से श्रीराम के गुरु तथा संरक्षक-मार्गदर्शक के रूप में ऋषि विश्वामित्र की याद भी दिलाते हैं।जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानियां बताते हैं कि यह स्थान किशोरी जी का मायका माना जाता है। राम जी को दूल्हा और किशोरी जी को बेटी मानकर वर्ष में एक बार जानकी महल की दहलीज विग्रह को पार कराया जाता है। बता दें कि गणेश भगवान को न्योता भेजकर विवाह उत्सव शुरू हो गया है।कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्टी दिलीप सुल्तानिया, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया समेत पूरा जानकी महल परिवार लगा हुआ है।