: सीताराम जी का वार्षिक प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया
Thu, Mar 13, 2025
सीताराम जी का वार्षिक प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव धूमधाम से मनाया गयाहनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के अगुवाई में इमली बगिया में हुआ विशाल भंडारा, संतों का हुआ अभिनन्दनअयोध्या। रामनगरी के सिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के पावन सानिध्य में सीताराम जी का वार्षिक प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव मनाया गया। यह महोत्सव हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी माघ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस अवसर पर पूरे हनुमानगढ़ी के चारों पट्टी समेत पूरी रामनगरी का विशाल भंडारा हुआ। जिसमें आये हुए सभी संतो महंतो का परमपरागत तरीके से गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज व उनके कृपापात्र उत्ताराधिकारी हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य मानस मर्मज्ञ महंत डा महेश दास जी व समाजसेवी युवा नागा संत मामा दास ने सयुक्त रुप से सम्मान किया। इस बार प्रयागराज में महाकुंभ होने के कारण अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास महासचिव महंत नंदराम दास,महंत सत्यदेव दास एवं गद्दीनशीन जी के कृपापात्र उत्ताराधिकारी हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य मानस मर्मज्ञ महंत डा महेश दास प्रयागराज महाकुंभ में रहें। कार्यक्रम की जानकारी मोबाइल पर देते हुए महंत डा महेश दास जी ने कहा कि यह कार्यक्रम हर वर्ष माघ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस उत्सव 1994 से लगातार होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूज्य गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के पावन सानिध्य में मनाया गया जिसमें हनुमानगढ़ी चारों पट्टी समेत रामनगरी के संत धर्माचार्य शामिल होते है जिनका अभिनन्दन किया जाता है। कार्यक्रम की देखरेख कर रहे समाजसेवी नागा संत मामा दास जी ने कहा कि इस बार भी महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया जिसमें रामनगरी के संत महंत व हनुमानगढ़ी के नागा संतो का अभिनन्दन किया गया। उन्होंने बताया कि महोत्सव की अध्यक्षता पूज्य गद्दीनशीन जी महाराज ने किया। इस मौके पर निर्वाणी अनी अखाड़ा के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास, जगद्गुरु परमहंस आचार्य, महंत रामकुमार दास, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत अवधकिशोर शरण, महंत सुशील दास, महंत राजेंद्र दास,महंत राम नरेश दास,महंत छविरामदास, महंत इन्द्र देव दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, पहलवान मनोज दास, पहलवान मनीराम दास, उपेंद्र दास, महंत रामनारायण दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहे।
: पीएम मोदी से गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की उठी मांग
Thu, Oct 3, 2024
पीएम मोदी से गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की उठी मांग
रामनगरी के संतों ने महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया, बोले-गाय पूरे विश्व की माता
महत्ता को ध्यान में रखते हुए गाय को देश की राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए: डा महेश दास
गाय और हिंदुत्व के विकास के लिए यह निर्णय किया जाय-श्रीमहंत जगदीश दास
अयोध्या। रामनगरी के संतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की। उनका कहना है कि राम मंदिर निर्माण और धारा 370 के बाद अब इस मांग को पूरा करने का समय आ गया है। चूंकि गाय सबका पालन करती है और धर्म शास्त्रों में उसे सबकी माता कहा गया है। इसलिए गाय को अब राष्ट्र माता का दर्जा देकर संतों की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया जाना चाहिए। संतों ने यह मांग महाराष्ट्र सरकार की ओर से गाय को राज्य माता का दर्जा दिए जाने के बाद की गई है।
रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन श्रीमहल प्रेमदास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा महेश दास जी महाराज ने महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया, बोले-गाय पूरे विश्व की माता महाराष्ट्र सरकार ने गाय को राज्य माता का दर्जा दिया है तो हम उनके इस निर्णय का स्वागत करते हैं। हमारी मांग है कि भारत देश सहित सभी राज्यों में गाय को माता का दर्जा दिया जाना चाहिए। गाय का दूध, दही, घी, गोबर और मूत्र सब कुछ उपयोगी है। इसकी महत्ता को ध्यान में रखते हुए गाय को देश की राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए। सीएम योगी को भी गाय को राज्य माता का दर्जा देना चाहिए।
नगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि हम अयोध्या के संत महाराष्ट्र सरकार के निर्णय का हृदय से स्वागत करते हैं। हमारा विश्वाास है कि महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय से प्रेरित होकर देश की मोदी सरकार और अन्य राज्य सरकारें में भी गाय और हिंदुत्व के के विकास के लिए यह निर्णय करेंगी। यूपी के सीएम और गोरक्ष पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ से हम सबको इस मांग के पूरी होने की विशेष उम्मीद है।
हनुमानगढ़ी के नागा पहलवान समाजसेवी महंत प्रभुराम दास उर्फ मामा दास जी महाराज ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय ने हम संतों का दिल जीत लिया है। जिस देश में मोदी की सरकार है और जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें है। वहां गाय को तत्कात राष्ट्र अथवा राज्यमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए। हम सनातनी है और भारत ऋषियों का देश है। अब समय आ गया है कि गाय को उसकी महत्ता को देखते हुए उसका सम्मान दिया जाना चाहिए।
: राम-कृष्ण में है शाश्वत संबंध: महंत संजयदास
Wed, Aug 28, 2024
भगवान को लगा छप्पन भोग,हुआ विशेष आरती पूजा
हनुमान बाग में मध्य रात्रि में भगवान का हुआ प्राकट्य उत्सव, बजी बधाईयां
रामनगरी के कनक भवन,रामजन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, हनुमान बाग, समेत सौकड़ों मंदिरों में मनाया गया जन्माष्टमी
अयोध्या। जग में सुंदर हैं दो नाम- चाहे कृष्ण कहो या राम। जी हां, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भले ही मथुरा में हुआ हो लेकिन अयोध्या से भी काफी गहरा नाता था। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण कनक भवन में महाराज विक्रमादित्य द्वारा संरक्षित शिलापट्टों से देखा जा सकता है। धार्मिक शास्त्रों में दर्ज है कि माता सीता को कनक भवन मुंह दिखाई में मिला था।करीब 2 हजार वर्ष पूर्व महाराजा विक्रमादित्य ने भी कनक भवन का जीर्णोद्धार कराया था। उस दौरान शिलापट्टों को संरक्षित करवाया था। संरक्षित शिलापट्टों को देखें तो साफ पता चलता है कि भगवान श्री कृष्ण जरासंध का वध करने के बाद अयोध्या आए थे। इस दौरान उन्होंने कनक भवन को देखा, जो एक टीले की शक्ल में सिमट कर रह गया था। शिलापट्टों पर लिखे श्लोकों से स्पष्ट हो जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस शिला पर आनंद का अनुभव किया। इसके बाद उन्होंने कनक भवन के जीर्णोद्धार कराने का फैसला किया था। ऐसा कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने ही कनक भवन का जीर्णोद्धार कराया और वहां पर राम और माता सीता की मूर्ति की स्थापना भी की। वहीं, पौराणिक मान्यता के अनुसार, कनक भवन राजा दशरथ ने रानी कैकेई को प्रदान किया था, जिसे बाद में रानी कैकेई ने यह भवन माता सीता को मुंह दिखाई में दिया था।
रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी मंदिर में जन्माष्टमी पर्व बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के उत्तराधिकारी व संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास के संयोजन में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया।यह महोत्सव श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के पावन सानिध्य में मनाया गया। महंत संजयदास ने बताया कि राम और कृष्ण का एक दूसरे के साथ सास्वत संबंध है। दोनों भगवान विष्णु के अवतार के पुरुष हैं। उन्होंने कहा कि पूरे जग में दो ही नाम चलते हैं। एक तो भगवान राम और दूसरे भगवान कृष्ण। इन दोनों ने राक्षसों के नाश के लिए पृथ्वी पर अवतार लिया था। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी मंदिर में सारे उत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। श्रीरामनवमी, श्री कृष्ण जन्माष्टमी व श्री हनुमान जयंती बहुत ही उत्साह से मनाते है। पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया है। आये हुए अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज ने किया। इस मौके पर महंत रामप्रसाद दास, अजीत दास, अंकित दास, शिवम श्रीवास्तव, कृष्ण कांत दास, कल्लू दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
तो वही प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में महंत जगदीश दास महाराज के पावन सानिध्य में भगवान का जन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। भगवान कृष्ण का जन्म जैसे ही घड़ी की सूइयां रात्रि के 12 बजे पर गई वैसे ही डोल नगाड़ों से पूरा मंदिर परिसर गूजा उठा हर तरफ नंद के घर आनंद भयों जय कन्हैया लाला की नारे लगने लगे। पूरा परिसर भक्ति मय हो गया। संत साधक एकदूसरे को जन्माष्टमी की बहुत देने लगे। इस मौके पर पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री आदि लोग मौजूद रहें।