Thursday 10th of September 2026

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‘सीईंग एक्वली’ में 13 हिंदू धर्मगुरुओं की विचार-यात्रा का संकलन, यूपी में पहली प्रति अखिलेश यादव को भेंट; महंत बालयोगी

महंत भवनाथ दास हनुमानगढ़ी के सरपंच रहे, समाजवादी संत सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे

हनुमानगढ़ी में विधि-विधान से की पूजा, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की

सम्मानित किए गए एक दर्जन मेधावी छात्र व उनके संघर्षों के साथी

पीठाधीश्वर श्रीमहंत रामजी दास जी की अध्यक्षता एवं अधिकारी महंत रामनारायण दास के संयोजन में मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

सुचना

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सरयू तट से वैश्विक पटल तक महंत बालयोगी रामदास : ‘सीईंग एक्वली’ में 13 हिंदू धर्मगुरुओं की विचार-यात्रा का संकलन, यूपी में पहली प्रति अखिलेश यादव को भेंट; महंत बालयोगी

बमबम यादव

Wed, Sep 9, 2026

सरयू तट से वैश्विक पटल तक महंत बालयोगी रामदास

वैश्विक पटल पर गूंजी अयोध्या की संत परंपरा, महंत बालयोगी रामदास के विचार अंतरराष्ट्रीय पुस्तक में शामिल

‘सीईंग एक्वली’ में 13 हिंदू धर्मगुरुओं की विचार-यात्रा का संकलन, यूपी में पहली प्रति अखिलेश यादव को भेंट; महंत बालयोगी रामदास को हनुमान प्रतिमा व शॉल से किया सम्मानित

अयोध्या। सरयू तट की संत परंपरा से निकली आध्यात्मिक चेतना अब वैश्विक पटल पर अपनी छाप छोड़ रही है। करतलिया बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर महंत बालयोगी रामदास की साधना, आध्यात्मिक अनुभव, समाजसेवा और सामाजिक समानता से जुड़े विचारों को वेस्टलैंड बुक्स द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘सीईंग एक्वली—एन एंथोलॉजी ऑफ प्रोग्रेसिव हिंदू वाइसेज’ में स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश में इस पुस्तक की सर्वप्रथम प्रति समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेंट की गई।पुस्तक भेंट करने के अवसर पर अखिलेश यादव ने महंत बालयोगी रामदास को हनुमान जी की प्रतिमा भेंट कर तथा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस आत्मीय सम्मान को महंत ने अपने लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया।पुस्तक में विश्व के 13 हिंदू धार्मिक गुरुओं की विचार-यात्रा, अनुभव और सामाजिक दृष्टिकोण को समाहित किया गया है। इसमें धर्म एवं आध्यात्म के साथ समानता, मानवता, सामाजिक समरसता और भेदभाव से मुक्ति जैसे मानवीय मूल्यों को प्रमुखता दी गई है। महंत बालयोगी रामदास की जीवन-यात्रा और उनके विचार भी इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।पुस्तक में विचारों को स्थान मिलने और उसके प्रथम संस्करण को अखिलेश यादव को भेंट किए जाने पर अयोध्या के संतों ने महंत बालयोगी रामदास का स्वागत एवं सम्मान किया। संतों ने कहा कि सरयू तट की साधना परंपरा से जुड़े संत के विचारों का अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तक में प्रकाशित होना अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत के लिए गौरव की बात है।

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