: जन-जन का सपना सच हो रहा : महंत जगदीश दास
Fri, Jan 12, 2024
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में मनेगा दीपोत्सव, मंदिर को दुल्हन की तरह से सजाया जा रहा
रामनगरी समेत पूरे देश में उत्सव का माहौल, हर आम व खास कर रहा विशेष तैयारी
हनुमान बाग मंदिर में एक माह चलेगा विशाल अन्न क्षेत्र, जिसमें हर दिन अलग अलग विविध पकवानों से होगी रामभक्तों की सेवा
अयोध्या। रामनगरी समेत पूरा देश उत्सव मना रहा है। मंदिर मंदिर मंगल गीत गाये जा रहें है। हर अयोध्या वासी घर आगंन को रंग रौंगन कर रहे है। मठ मंदिर दुल्हन की तरह सजायें जा रहे है। नगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में उत्सव को और भी विशेष बनाने की तैयारी युद्ध स्तर पर हो रही है। मंदिर में उत्सव मनाने के लिए लिए देश विदेश से तमाम भक्त आये है। मंदिर के श्री महंत जगदीश दास महाराज अपने आराध्य के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को और भी भव्य बना रहें है। मंदिर को विशेष फूलों से सजाया जा रहा है। रंग बिरंगी लाइटें सजावट में चार चांद लगा रहें है।हनुमान बाग मंदिर में विशाल अन्न क्षेत्र पूरे एक महीने चलाया जाएगा जिसमें हर दिन अलग अलग विविध पकवानों से रामभक्तों की सेवा करेगा हनुमान बाग।बाहर से आने वालो भक्तों को प्रसाद रुप में विशेष प्रकार से बने मेवा के लड्डू का प्रसाद दिया जायेगा, जो देशी घी से निर्मित हो रहा है। रामभक्तों की सेवा को लेकर हनुमान बाग में वृहद स्तर तैयारी की जा रही है जिसमें कई प्रदेश के कारीगरों द्धारा भोजन प्रसाद बनाया जायेगा। जिसमें विशेष रुप से पंजाबी, मराठी, गुजराती, साउथ इंडियन कारीगर लगाये जा रहें है। जो हर दिन रामभक्तों को भोजन प्रसाद की सेवा देगें। यह पूरा भव्य आयोजन हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में श्रीमहंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में हो रहा है।
श्रीमहंत जगदीश दास ने कहा कि भव्य राममंदिर बन रहा हर सनातनी को खुशी है। हमने, आपने या अयोध्यावासियों ने नहीं सोचा होगा कि यहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेगा। पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे सच कर दिया। महंत जगदीश दास ने कहा कि राम मंदिर बनना यह मेरा ही नहीं, देश के जन-जन का सपना था। यह मूर्त रूप ले रहा है। जितना आनंद हमें है, सभी सनातनियों को भी है। देश के कोने-कोने से आने वाले लोग सबकुछ न्योछावर करने को तैयार है। अपने स्तर पर हर कोई मूल्यवान से मूल्यवान उपहार भगवान को भेंट कर रहा है। भगवान अपने घर पहुंच रहे, इससे बड़ी और क्या हो सकती है। पूज्य संत समाज, संन्यासी 90 से अधिक उम्र तक के रामभक्त इसके साक्षी बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी ऐतिहासिक तिथि है। कहीं किसी का संकल्प पूरा होता है तो जैसी अनुभूति होती है, वैसी ही अनुभूति है। वह भी ऐसा संकल्प जो बेहद कष्टों-संघर्षों के बाद पूरा हुआ है। भगवान जन्मस्थान पर प्रतिष्ठापित हों इससे बेहतर अनुभूति क्या हो सकती है। महंत जगदीश दास ने कहा कि अयोध्या अध्यात्मिक व सांस्कृतिक राजधानी तो पहले ही थी। अब भारत और उत्तर प्रदेश की सरकार के विशेष प्रयोजन से कायाकल्प हो रहा है। हनुमान बाग में रामभक्तों की सेवा व्यवस्था में सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री व नितेश शास्त्री लगे हुए हैं।
: बंगाल से अयोध्या राम नाम रथ श्री रामचन्द्र की श्री पादुका निकली
Thu, Jan 11, 2024
15 जनवरी को रथयात्रा पहुंचेगी सुरसरि मंदिर अयोध्या, तय करेगी 11 हजार किमी की यात्रा
श्री श्री ओंकारनाथ देव ने रामनाम भजन के माध्यम से भारत के लोगों को दिखाया मुक्ति का मार्ग: प्रियनाथ
अयोध्या। सनातन धर्म की अन्यतम स्तंभ अनंतश्री सीतारामदास ओंकारनाथ जी ने भारत के विभिन्न भागों में स्थित अपने 125 से अधिक आश्रमों में असंख्य राम मंदिरों की स्थापना की है। दीक्षा के समय उन्होंने शिष्यों से गुरुदक्षिणा के रूप में किसी से धन की मांग नहीं की। उक्त बातें सीतारामदास ओंकारनाथ मिशन जयगुरु सम्प्रदाय के महासचिव प्रियनाथ चट्टोपाध्याय ने बताया। श्री चट्टोपाध्याय ने कहा कि गुरुदेव के प्रत्येक शिष्य को एक बही-खाते में चार लाख राम नाम लिखने और उन्हें सौंपने का निर्देश दिया। उनके आश्रमों में से 12 मंदिर इसी प्रकार लिखे गए एक सौ पच्चीस करोड़ रामनामों के आधार पर बनाया गया है। श्री श्री ओंकारनाथ देव ने रामनाम भजन के माध्यम से भारत के लोगों को मुक्ति का मार्ग दिखाया। भगवान श्री श्री ओंकारनाथ देव को संत ने श्री राम अवतार रूप में अर्चन करते थे। श्री राम जन्मभूमि उद्धार के लिए श्री श्री ठाकुर ने अपनी प्रार्थना पर लिखित रूप से करोड़ो भक्त को आदेश दिया था रोज तीन बार श्री राम जी का पाश श्री राम जन्म भूमि उद्धार के लिए प्रार्थना करने के लिए। " आपका जन्मभूमि उद्धार के लिए, आपके भक्तगण प्रार्थना कर रहा है। प्रभु आप इनका प्रार्थना सुन के इनका अभीष्ट पुरण करो।"
प्रियनाथ चट्टोपाध्याय ने बताया कि श्री गुरुदेव के समय से लेकर सौ वर्षों से भी अधिक समय तक उनके शिष्यों और भक्तों ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर को बचाने का जो सपना देखा था, वह आज सफल होने जा रहा है। उस आनंद में, उस भाव में, ये नम्रता बहुत आगे बढ़ रही है अयोध्या की ओर। यह भावना कोई राजनीतिक भावना नहीं है,यह भाव भक्ति का भाव है। यह भाव सुन्दर रामनाम जप से मुक्ति का भाव है। मर्यादा पुरूषोत्तम श्री रामचन्द्र सभी भारतीयों के लिये अत्यंत अनुराग और भक्ति के विषय हैं। हम इस नाम के रथ में श्री रामचन्द्र की श्री पादुका लेकर चल रहे हैं। ये यात्रा 15 जनवरी तक अयोध्या पहुचेगा। जिस क्षेत्र से यह नम्रथ गुजर रहा है, उस क्षेत्र के श्रद्धालुओं को इस श्रीपादुका के दर्शन-पूजन का सौभाग्य मिल रहा है। आज इस क्षेत्र के नम्रथ का आगमन हुआ है और इस नम्रता को मनाने के लिए श्री गुरुदेव के शिष्य और सभी राम भक्त एकत्रित हुए हैं। इसलिए आज का दिन भावनात्मक आनंद का दिन है। यह यात्रा रामनगरी में सीतारामदास ओंकारनाथ मिशन जयगुरु सम्प्रदाय के प्रमुख मंदिर सुरसरि मंदिर आयेगी जहां पर विधि विधान से पूजन होगा।
: हनुमान बाग चलायेगा अन्न क्षेत्र: महंत जगदीश दास
Sat, Jan 6, 2024
हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में रामबाग हाता में 1 महीने चलेगा विशाल अन्न क्षेत्र, रामभक्त का विभिन्न पकवानों से होगी सेवा
अयोध्या। जहां एक ओर 22 जनवरी श्रीरामलला सरकार के प्राण- प्रतिष्ठा समारोह को लेकर अयोध्याधाम में तैयारियां जोर- शोर से चल रही है। शासन- प्रशासन से लेकर श्रीरामजन्भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ श्रीरामलला के प्राण- प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले संतों और भक्तों हेतु आवास-भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जा रही। है, जिसके लिए लोग बढ़-चढ़कर आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में रामनगरी के वासुदेव घाट स्थित प्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमान बाग के पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज की तरफ से हनुमान बाग सेवा संस्थान के तत्वावधान में रामभक्तों व आने वाले श्रद्धालुओं हेतु आवास- भोजन प्रसादी की दिव्य भव्य व्यवस्था की गई। जो आगामी 15 जनवरी से हनुमान बाग के रामबाग प्रांगण में प्रारंभ हो जायेगी। इस अवसर पर हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि 22 जनवरी श्रीरामलला सरकार के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर हम साधु-संत बहुत ही आनंदित हैं। पांच सौ वर्षों के लंबे संघर्षों बाद श्रीरामलला अपने दिव्य, नव्य एवं भव्य भवन में विराजमान होने जा रहे हैं। जो हम सबके लिए खुशी का पल है। जिस शुभ घड़ी की हम लोगों को सैंकड़ो वर्षों से प्रतीक्षा थी। वह 22 जनवरी को पूर्ण होने जा रही है। इस दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान श्रीरामलला को उनके नव्य, भव्य भवन में विराजमान करेंगे। यह समय उत्सव मनाने का है। श्रीमहंत जगदीश दास ने बताया कि श्रीरामलला सरकार के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में संत व श्रद्धालुगण अयोध्या आ रहे हैं। इस दरम्यान यहां आने वाले संतों श्रद्धालुओं को भोजन, आवास समेत अन्य किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके लिए श्री हनुमान बाग मंदिर में देश के विभिन्न प्रांतों से आने वाले संतों-रामभक्तों के लिए भोजन प्रसादी-आवास की व्यवस्था की गई है। मंदिर में वृहद अन्नक्षेत्र चलेगा। जहां संत-रामभक्त रहकर भोजन प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है इस पुनीत कार्य सब लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। यही प्रभु श्रीराम की सच्ची सेवा है। इस कार्यक्रम की तैयारी जोर शोर से चल रही है। जिसकी व्यवस्था सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री लगे हुए हैं।