: श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही कट जाते हैं सारे पाप :अशोकाचार्य
Wed, Oct 4, 2023
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में श्रीमद्भागवत कथा की हो रही अमृत वर्षा
कथाव्यास पं अशोकाचार्य का स्वागत हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने किया, कथा में उमड़ा भक्तों का हुजूम
जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में चल रहा श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ हो रही है। जिसमें कथा व्यास पंडित अशोकाचार्य जी है। कथा का शुभारंभ आज समारोह पूर्वक किया गया। इस उपलक्ष्य में मंदिर से विशाल शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकली। यह महोत्सव महंत जगदीश दास महाराज के पावन अध्यक्षता में हो रहा है। कथा के प्रथम दिवस पंडित अशोकाचार्य जी ने कहा कि जन्मांतरे यदा पुण्यं तदा भागवतं लभेत! अर्थात जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है तब जीवमात्र को ऐसे सुअवसर प्राप्त होते है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही कट जाते हैं सारे पाप। व्यासपीठ से कथा का महत्व समझाते हुए पं अशोकाचार्य जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी से पापी व्यक्ति भी पाप से मुक्त हो जाता है। महाराज श्री ने प्रथम दिवस पर देवपूजन, श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानव जाति तक पहुंचता रहा है। भागवत महापुराण यह उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है जो वेदों से प्रवाहित होती चली आ रही है। इसीलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। उन्होंने श्रीमद् भागवत महापुराण की व्याख्या करते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत अर्थात जो श्री से युक्त है, श्री अर्थात चैतन्य, सौंदर्य, ऐश्वर्या, भागवत: प्रोक्तम् इति भागवत भाव कि वो वाणी, जो कथा जो हमारे जड़वत जीवन में चैतन्यता का संचार करती है। जो हमारे जीवन को सुंदर बनाती है वो श्रीमद्भागवत कथा जो सिर्फ मृत्युलोक में ही संभव है। और साथ ही यह एक ऐसी अमृत कथा है जो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है इसलिए परीक्षित ने स्वर्ग अमृत के बजाए कथामृत का वरण किया किस स्वर्गामृत का पान करने से पुन्यों का क्षय होता है पापों का नहीं। कितु कथा अमृत का पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है कथा के दौरान उन्होंने वृंदावन का अर्थ बताते हुए कहा कि वृंदावन इंसान का मन है। कभी-कभी इंसान के मन में भक्ति जागृत होती है। परंतु वह जागृति स्थाई नहीं होती। इसका कारण यह है कि हम ईश्वर की भक्ति तो करते हैं पर हमारे अंदर वैराग्य व प्रेम नहीं होता है। इसलिए वृंदावन में जाकर भक्ति देवी तो तरुणी हो गई पर उसके पुत्र ज्ञान और वैराग्य अचेत और निर्बल पड़े रहते हैं। इसमें जीवन्तता और चैतन्यता का संचार करने हेतु नारद जी ने भागवत कथा का ही अनुष्ठान किया। यह महोत्सव जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में हो रहा है। जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी एडवोकेट दिनेश शर्मा, एडवोकेट ओपी गुप्ता व एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने सयुंक्त रुप से बताया कि चैरिटेबल ट्रस्ट द्धारा विगत 10 वर्षों से लगातार तीर्थों में रामकथा व भागवत कथा कराते है जिसमें जयपुर राजस्थान के 200 भक्त शामिल होते है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, नैमिषारण्य, चित्रकूट, प्रयागराज, काशी, द्धरिकापुरी सहित सभी तीर्थों में कथा कराते है। आज कथा के शुभारंभ पर हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने कथाव्यास पं अशोकाचार्य गंगापुर सिटी वाले का शाल भेंट कर स्वागत किया। श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का समापन मंगलवार 9 अक्टूबर सोमवार को होगा। महोत्सव की देखरेख हनुमान बाग के पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है।
: संकटमोचन सेना ने हनुमानगढ़ी मंदिर में चलाया स्वच्छता अभियान
Mon, Oct 2, 2023
संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज ने कहा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया
अयोध्या। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पूर्व संध्या पर संकट मोचन सेना की तरफ से सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। यह आयोजन स्वच्छता कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। स्वच्छता अभियान का नेतृत्व संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज ने किया। उनके नेतृत्व में संतों द्वारा हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर व सीढ़यों पर साफ-सफाई किया गया। संतों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर झाडू लगाया। इस मौके पर संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास महाराज ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उसी कार्यक्रम के तहत हम संतों ने हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर और सीढ़यों पर स्वच्छता अभियान चलाया अभियान के अनुसार मंदिर की सीढ़ियों एवं उसके आस-पास की जगहों पर साफ-सफाई किया व झाडू लगाया गया। स्वच्छता अभियान में आचार्य सत्यदेव दास, पहलवान राजेश दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास,श्रीराम दास,शिवम श्रीवास्तव आदि संत शामिल रहे।
: संत तुलसीदास रामलीला समिति के बैनर तले होगी भगवताचार्य की ऐतिहासिक रामलीला का
Sat, Sep 30, 2023
हमारे पूर्वचार्यो द्धारा आयोजित संत तुलसीदास रामलीला समिति को सभी संतों, महंतों का होगा पूरा सहयोग : महंत अवधेश दास
फिल्मी दुनिया की रामलीला धार्मिक व मर्यादित हो,इसका ध्यान रखें आयोजक: महंत संजयदास
भगवताचार्य स्मारक सदन में संतो की हुई एक अहम बैठक, अध्यक्षता पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास ने किया
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास ने कहा, ऐतिहासिक रामलीला और भी भव्य और मर्यादित होगी
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या की ऐतिहासिक भगवताचार्य स्मारक भवन की रामलीला को पुनः भव्य मंचन को एक बड़ी बैठक आज भगवताचार्य स्मारक सदन में हुई। जिसकी अध्यक्षता पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास महाराज ने किया। बैठक में सभी संतों ने एकसुर से संत तुलसीदास रामलीला समिति के बैनर तले ऐतिहासिक व मर्यादित रामलीला का पुनः शुभारंभ की बात कही। बैठक को संबोधित करते हुए बड़ा भक्त माल आश्रम के महंत अवधेश दास महाराज ने कहा कि संत तुलसीदास रामलीला समिति द्धारा संचालित रामलीला की चर्चा का पूरी अयोध्या में हो रही है। इस रामलीला का शुभारंभ हमारे पूर्वचार्यो द्धारा हुआ था। आज हम सबकी जिम्मेदारी है इस रामलीला को और भी दिव्य भव्य स्वरूप प्रदान करते हुए पुनः शुभारंभ किया जाये। भगवताचार्य स्मारक सदन रामानन्द सम्प्रदाय का प्रमुख केंद्र है,यहां कथा व लीला होती है। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर ने कहा कि सरकारी सहयोग मिले न मिले सभी संत मिलकर रामलीला करायेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने पूरी जिम्मेदारी से कहा है कि भगवताचार्य की रामलीला वह करायेंगे। महंत अवधेश दास महाराज ने कहा कि भगवताचार्य न्यास की रामलीला का अयोध्या जी की लीला है सभी संतो की लीला है। महंत अवधेश दास ने कहा कि रामलीला का प्रचार प्रसार बहुत अच्छे ढ़ंग से करना होगा। सभी स्थानधारी अपने अपने नाम मठ के नाम से एक बड़ा बैनर चौराहों पर लगाये। सोशल साइट्स के सभी प्लेटफार्म पर रामलीला का प्रसारण होना चाहिए।
बैठक को सम्बोधित करते हुए संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास ने कहा कि भगवान से जुड़ने का चार माध्यम पूज्य महापुरुषों ने बताया है जो नाम,रुप,लीला व धाम है। हम सब सौभाग्यशाली है कि श्री अयोध्या जी में चारों चीज मिल जाती है। इसलिए रामलीला धार्मिक व मर्यादित होनी चाहिए। महंत संजयदास जी ने फिल्मी दुनिया की रामलीला के आयोजक से लेकर पात्रों को शक्त चेतावनी भरे लहजे से कहा कि मर्यादा से खिलवाड़ बिल्कुल न हो। रामलीला हो हम इसका स्वागत करते है। उन्होंने कहा कि भगवताचार्य स्मारक सदन में धार्मिक अनुष्ठान होते रहना चाहिए। इसीलिए यह भवन और भी भव्य रुप से पूज्य गुरुदेव भगवान ने बनवाया है।धार्मिक अनुष्ठान यहां अनवरत चलता रहना चाहिए। भरत मिलाप का भी कार्यक्रम होगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास महाराज ने संत तुलसीदास रामलीला समिति के अध्यक्ष पद पर बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास महाराज के नाम पर मोहर लगाते हुए कहते है कि महंत अवधेश दास महाराज के देखरेख में भगवताचार्य की ऐतिहासिक रामलीला होगी। उन्होंने कहा कि हम किसी का विरोध नही करते सभी लोग भगवान की नाम, रुप, लीला व धाम का आनंद ले। बैठक में निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, महंत हरिभजन दास,इन्द्र देव पहलवान, राजेश पहलवान,बड़े हनुमान मंदिर के छविराम दास,सरोज दास, पवन दास,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज ने अपने अपने विचार रखें। इस सफल बैठक का संयोजन वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज ने किया जिसमें राजू जी व शिवम श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा।