: फूलबंगले में विराजेंगे कनक बिहारी सरकार व हनुमानजी
Sun, May 18, 2025
फूलबंगले में विराजेंगे कनक बिहारी सरकार व हनुमानजीफूलों से महकेगा कनक भवन व हनुमानगढ़ी मंदिरदिव्य फूल बंगला झांकी का आयोजन वृन्दावन के जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज कर रहेअयोध्या। वैष्णवनगरी के मंदिरों में ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी में भगवान को कूल-कूल रखने के लिए संतों ने फूलबंग्ले की झांकी के आयोजन की परंपरा शुरू की थी। उत्सव के रूप में आयोजित प्राचीन काल की यह परंपरा आधुनिक काल में भी कायम है। वह भी तब जब अधिकांश मंदिरों में पंखे व कूलर की व्यवस्था की जा चुकी है। इसी परंपरा को आज भी बड़ी शिद्दत से निभा रहें वृंदावन से उच्चकोटि के संत जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज के पावन सानिध्य में 19 मई सोमवार को ज्येष्ठ मास पर कनकभवन में बिहारी सरकार व हनुमानगढ़ी में हनुमानजी का भव्य फूलबंग्ला झांकी सजायी जायेगी।
जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज बताते है कि मंदिरों में विराजमान भगवान के विग्रह संत-साधकों के लिए वस्तुतः अर्चावतार की भांति हैं। मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित देव प्रतिमा को सजीव माना जाता है। यही कारण है कि साधक संतों ने उपासना के क्रम में विराजमान भगवान के अष्टयाम सेवा पद्घति अपनाई। इस सेवा पद्घित में भगवान की भी सेवा जीव स्वरूप में ही की जाती है। जिस प्रकार जीव जैसे सोता, जागता है उसी प्रकार भगवान के उत्थापन व दैनिक क्रिया कर्म के बाद उनका श्रृंगार पूजन, आरती भोग-राग का प्रबंध किया जाता है। इसी क्रम में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए पुरातन काल में संतों ने फूलबंग्ला झांकी की परंपरा का भी शुभारंभ किया था, जिसका अनुपालन आज भी हम कर रहे है। जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य जी महाराज ने बताया कि धर्मनगरी वृंदावन व अयोध्या में प्रतिवर्ष दिव्य भव्य फूल बंग्ला झांकी का आयोजन होता है। इस बार यह दिव्य आयोजन 19 मई सोमवार को होगा। उन्होंने बताया कि झांकी कोलकाता के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार की जाती है, जिसमें उपयोग किए जाने वाले फूल बनारस, लखनऊ, वृन्दावन, कलकत्ता आदि जगहों से मंगवाए गए जाते है। इसके आलावा कुछ पुष्प विदेशों से भी आयातित किए जाते है। यह आयोजन जगतगुरु पीपाद्वाराचार्य बलराम देवाचार्य महाराज वृंदावन और उनके सभी भक्तो द्वारा किया जाता है।
: विंदुगाद्याचार्य जी महाराज का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया
Sat, May 17, 2025
विंदुगाद्याचार्य जी महाराज का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गयाकार्यक्रम का संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य कर रहेंअयोध्या। विंदुसंप्रदाय की आचार्य पीठ चक्रवर्ती महाराज श्री दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान के पीठाधीश्वर विंदुगाद्याचार्य स्वामी श्री देवेंद्र प्रसादाचार्य जी महाराज का पावन जन्मोत्सव भक्तिभाव व उल्लास के साथ बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर देशभर से पधारे संत-महंतों, भक्तों और श्रद्धालुओं ने महाराज श्री को जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयाँ दीं। भगवान धनुषधारी की कृपा प्राप्त करने हेतु भजन, कीर्तन, और संगीतमय प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं, जिनमें भक्तों, संतों, गायकों और वादकों ने भाग लेकर महाराज श्री की दीर्घायु की कामना की। कार्यक्रम में भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसका संयोजन विंदुगाद्याचार्य के उत्तराधिकारी मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य द्वारा किया गया। भंडारे में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित संतों, महंतों और श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। इस दिव्य आयोजन में कई प्रतिष्ठित पीठों के आचार्य एवं संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से निर्वाणी अनि अखाड़ा हनुमान गढ़ी के श्रीमहंत मुरली दास जी महाराज, महंत गौरी शंकर दास जी महाराज, महंत बलराम दास जी महाराज, तुलसीदास जी की छावनी के श्रीमहंत जनार्दन दास जी महाराज,राम कचेहरी मंदिर के पीठाधीश्वर शशिकांत दास जी महाराज, डांडिया मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी गिरीश दास जी महाराज, पत्थर मंदिर के पीठाधीश्वर मनीष दास जी महाराज, बड़े हनुमान मंदिर जानकी घाट के उत्तराधिकारी महंत छवि राम दास जी महाराज, महंत राम लखन दास जी महाराज नागा, महंत राम करण दास जी महाराज, राम प्रिया कुंज के महंत उद्धव शरण जी महाराज, करुणा निधान भवन के उत्तराधिकारी राम नारायण दास जी महाराज, महंत वीरेंद्र दास जी महाराज, तथा आचार्य पंडित विष्णु देव नायक शास्त्री जी महाराज सम्मिलित रहे।
: गुरुदेव के आदर्शों और देश में समता-समरसता स्थापित करना है उद्देश्य: महंत कमलनयन दास
Sat, May 17, 2025
गुरुदेव के आदर्शों और देश में समता-समरसता स्थापित करना है उद्देश्य: महंत कमलनयन दासजन्म महा महोत्सव में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ सहित देश के रक्षा मंत्री की राजनाथ सिंह होगें शामिल10 दिवसीय होगा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष एवं मणिरामदास छावनी पीठाधीश्वर का 87 वां जन्म महा महोत्सवअयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष एवं मणिरामदास छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास महाराज का 87 वां जन्म महा महोत्सव आगामी 1 जून से धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। दस दिवसीय इस जन्म महामहोत्सव का समापन 10 जून को होगा। इस संबंध में महंत नृत्यगोपाल दास महाराज के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास शास्त्री ने शुक्रवार को मणिरामदास छावनी में आयोजित प्रेसवार्ता दरम्यान बताया कि गुरुदेव महाराज के 87वें जन्म महा महोत्सव का शुभारंभ 1 जून से होगा। जिसमें शामिल होने हेतु उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के रक्षा मंत्री की राजनाथ सिंह को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम मिल चुका है। वह जन्म महोत्सव में किसी भी दिन सम्मिलित हो सकते हैं। जन्म महा महोत्सव का उदघाटन जगदगुरु शंकराचार्य भानु पीठाधीश्वर एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा किया जायेगा। महोत्सव में सुबह के सत्र में नित्य 1 जून से लेकर 8 जून तक सुरत शब्द योग प्रशिक्षण का कार्यक्रम है। इसके प्रशिक्षक एवं निर्देशक चतराधाम वराहक्षेत्र, नेपाल के श्रीमज्जगदगुरु रामानंदाचार्य श्रीमत्स्वामी रामकृष्णा चार्य महाराज हैं, जिनके द्वारा योग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं सायंकालीन सत्र में 1 जून से लेकर 9 जून तक नित्य 4 बजे से सायं 6 बजे तक श्रीमद वाल्मीकीय रामायण की कथा है। अंतर्राष्ट्रीय कथाव्यास आचार्य रामानंद दास महाराज अपने मुखारविंद से भक्तजनों को कथा का रसास्वादन करायेंगे। प्रतिदिन प्रातकाल रामचरितमानस का अष्टोत्तर शत पाठ होगा। श्रीराम महायज्ञ में नित्य पूजन अर्चन के बाद आहुतियां डाली जायेंगी। इसके अलावा प्रतिदिन विशाल अन्नक्षेत्र भी चलेगा। श्री दास ने बताया कि जन्म महामहोत्सव कार्यक्रम के क्रम में 9 जून को सायं 3 बजे से अखिल भारतीय विराट संत सम्मेलन है। जिसमें सम्मिलित होने के लिए देश भर के संत-धर्माचार्यों को आमंत्रित किया गया है। तमाम महापुरुषों के कार्यक्रम आ भी चुके हैं। संत सम्मेलन में शंकराचार्य, जगदगुरु रामानंदाचार्य व रामानुजाचार्य समेत अन्य धर्माचार्य शामिल होंगे। इसी दिन रात्रि 8 बजे मंदिर में फूलबंगला झांकी का कार्यक्रम भी है। अगले दिन 10 जून को सुबह 9 बजे से लेकर 11 बजे तक महाराज श्री का अभिषेक एवं मंगलाशासन का कार्यक्रम है। उसके बाद दोपहार 12 बजे से संत-महंत, धर्माचार्यों का विशाल भंडारा है। फिर उसके बाद जन्म महामहोत्सव का समापन हो जायेगा। कार्यक्रम के मुख्य यजमान सुमन देवी कमलाकर सिंह राजपूत डायरेक्टर बघेल कंस्ट्रक्शन, अध्यक्ष शिव कृपा मंडल एवं एसके इंग्लिश स्कूल वटवा अहमदाबाद, गुजरात हैं। महंत कमलनयन दास ने कहा कि जन्म महामहोत्सव के माध्यम से गुरुदेव के आदर्शों और देश में समता-समरसता स्थापित करना। सभी सुखी संपन्न रहें। भारत देश अखंड हो। प्रेसवार्ता में महेंद्र दास व विहिप प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा भी मौजूद रहे।