: श्रीअवध धाम सप्तपुरियाें में मस्तक है:रामेश्वर बापू
Sun, Jun 1, 2025
श्रीअवध धाम सप्तपुरियाें में मस्तक है:रामेश्वर बापूकहा, प्रभु श्रीराम ने पूरे देश-दुनिया काे मानवता का पाठ पढ़ाया और मानवता का संदेश दियाराधामाेहन कुंज जानकीघाट में दीप प्रज्वलन संग नव दिवसीय श्रीरामकथा का हुआ भव्य शुभारंभअयाेध्या। अयोध्याधाम के राधामाेहन कुंज जानकीघाट में रविवार को दीप प्रज्वलन संग नव दिवसीय श्रीरामकथा का भव्य शुभारंभ हुआ। व्यासपीठ पर विराजमान सुप्रसिद्ध कथाव्यास रामेश्वर बापू हरियाणवी गुजरात ने अमृतमयी श्रीरामकथा के प्रथम दिवस भक्तजनों को रसास्वादन कराते हुए कहा कि यह पावन पुनीत श्रीअवध धाम है। जिसे सप्तपुरियाें में मस्तक कहा गया है। यह साताें पुरी में मस्तक के समान है। अवध धाम की बड़ी ही महिमा है। जहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अवतार लेकर सबका कल्याण किया। प्रभु श्रीराम ने पूरे देश-दुनिया काे मानवता का पाठ पढ़ाया और मानवता का संदेश दिया। भगवान श्रीराम जैसा कोई नही है। आज सारा संसार उनका गुणगान करता है। उन्होंने सबकाे मर्यादित जीवन जीना सिखाया। हम सब परम साैभाग्यशाली है। जाे हम सबकाे अयोध्या धाम जैसी इस पवित्र धरा पर सत्संग लाभ व श्रीरामकथा का दिव्य आनंद प्राप्त हो रहा है। जैसा की शास्त्राें में अवध धाम की महिमा गाई गई है। अयोध्या नाम ही अपने आप में भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश का स्वरूप है। केवल अयोध्या नाम लेने मात्र से ही तीनाें देवताओं के नाम लेने का फल मिल जाता है। साठ हजार वर्षों तक गंगा तट पर रहकर भजन-साधना करने का जाे फल है। वह फल केवल अयोध्यापुरी के दर्शन करने मात्र से ही मिल जाता है। अयाेध्यापुरी की महिमा काे बढ़ाने के लिए भगवान के नेत्रों से नेत्रजा सरयू मैया प्रकट हुई हैं। जिनके बारे में कहा गया है कि- काेटि कल्प काशी बसे, मथुरा कल्प हजार। एक निमिष सरयू बसे, तुले न तुलसीदास। ऐसी मां सरयू, अयोध्या धाम और हमारे प्रभु श्रीराम की महिमा है। अब ताे आनंद ही नही, महा आनंद का अवसर हम सबकाे मिला है। जब श्रीरामजन्मभूमि पर हमारे श्रीरामलला विराजित हुए हैं। भक्ताें के हृदय का वह आनंद, ब्रह्मानंद में परिवर्तित हाे रहा है। नित्य प्रति अनेकानेक भक्त श्रीधाम अवध में पधार रहे और बड़े भाव से श्रीरामलला का दर्शन कर रहे हैं। इससे पहले श्रीरामकथा के यजमानगणाें ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर दिव्य आरती उतारी। अंत में प्रथम दिवस की कथा विश्राम पर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तजन अमृतमयी श्रीरामकथा का रसपान कर अपना जीवन कृतार्थ कर रहे थे। वहीं इससे पहले सुबह संकटमोचन हनुमान मंदिर से गाजे-बाजे संग भव्य पाेथी एवं कलशयात्रा निकाली गई। जाे रामनगरी के मुख्यमार्गों से हाेते हुए अपने गंतव्य काे वापस लाैटी। जहां वैदिक मंत्राेच्चारण के बीच सभी 51 कलशाें काे विधि-विधान पूर्वक स्थापित किया गया।
: आराध्य को फूल-बंगला से सज्जित करने की परंपरा सदियों से प्रवहमान
Sun, Jun 1, 2025
आराध्य को फूल-बंगला से सज्जित करने की परंपरा सदियों से प्रवहमानफूलों से महका दशरथ राज महल बड़ा स्थान मंदिर व श्री राम सुंदर धाम सुंदर शीश महलतपती गर्मी में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए होता है फूलबंग्ला झांकी: विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्यमंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य जी महाराज के संयोजन मे सजा फूल बंगला झांकीकैसरगंज के लोकप्रिय नेता पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह समेत तमाम नेता व अधिकारियों ने फूल बंगले की झांकी का आनंद लिया, विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य व कृपालु रामभूषणदेवाचार्य का आशीर्वाद लियाश्रीराम सुंदर तुलसी मानस सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में फूल झांकी सजाई गई। श्री राम सुंदर धाम सुंदर शीश महल में भी सजा भव्य फूल बंगला झांकीअयाेध्या।फूल-बंगला से सजकर सुरम्यता के वाहक बने मंदिर। भगवान राम की नगरी अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में दशरथ राज महल बड़ा स्थान में शुभव्य फूल-बंगला झांकी सजायी गई। झांकी की अध्यक्षता विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य व संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरु श्रीअर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य जी महाराज ने किया।
भक्त भगवान के प्रति श्रेष्ठतम समर्पित करने की तैयारी रखता है। मौका कोई भी हो भक्त का यह चरित्र परिभाषित होता है। भीषण गर्मी के भी अवसर पर भक्त का यह स्वभाव-समर्पण फलक पर होता है। गर्मी से आराच्य को बचाने के लिए यदि एगर कंडीशनर लगाए जाने का चलन बढ़ता जा रहा है, तो आराध्य को फूल-बंगला से सज्जित करने की परंपरा भी सदियों से प्रवहमान है। इसके पीछे भाव यह होता है कि आराध्य को चहुंओर से शीतल, सुकोमल और शोभायमान पुष्पों से आच्छादित कर उनके सम्मान और उनकी सुविधा के प्रति कोई कसर न छोड़ी जाय। फूल बंगला से सज्जित किए जाने के प्रयास में भांति-भांति के क्विंटलों फूल की जरूरत होती है और यह जरूरत बनारस, कन्नौज, कानपुर से लेकर कोलकाता तक के, फूलों से पूरी होती है। इसे सज्जित करने के लिए परंपरागत रूप से प्रशिक्षित मालियों का एक खेमा है, जिनकी गर्मी के दिनों में बेहद मांग हो जाती है। झांकी का आनंद कैसरगंज के लोकप्रिय नेता पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, पवन पाण्डेय समेत तमाम नेता व अधिकारियों ने लिया। इस मौके पर महंत माधव दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत बलराम दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, महंत मनीष दास, महंत जयरामदास, नीलेश सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी, प्रियेश दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: गुरु अर्जन देव जी का बलिदान इतिहास में अमिट है: चंपत राय
Fri, May 30, 2025
गुरु अर्जन देव जी का बलिदान इतिहास में अमिट है: चंपत रायपंचम गुरु के शहीदी दिवस पर 33 लाेगाें ने किया रक्तदान,यह रक्त दान भारतीय सेना को समर्पित रहाअयोध्या। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सिख धर्म के पांचवे गुरु, गुरु अर्जन देव महाराज के शहीदी दिवस पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरुनानक गाेविंदधाम , नजरबाग अयाेध्याधाम में रक्तदान शिविर, दांताें का फ्री चेकअप कैंप एवं छबील सेवा का आयोजन किया गया। जाे भारतीय सेना काे समर्पित रहा। यहां सेवा, समर्पण व आस्था का संगम देखने को मिला। गुरु अर्जन देव महाराज का महान शहीदी दिवस निष्ठा एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। शिविर में 33 लाेगाें ने रक्तदान किया और हजारों श्रद्धालुओं ने छबील (ठंडा शरबत) ग्रहण कर भीषण गर्मी से निजात पाई। यह कार्यक्रम खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित रहा। 40 दिनों से प्रतिदिन चल रहे श्री सुखमनी साहिब के पाठ की समाप्ति के उपरांत कीर्तन अरदास करके छबील (शरबत वितरण)का आरम्भ हुआ इसी के साथ रक्तदान शिविर का शुभारंभ गुरुद्वारा के मुख्य प्रबंधक संत बाबा महिंदर सिंह जी और भवदीय पब्लिक स्कूल के प्रबन्धक अवधेश वर्मा द्वारा रक्तदान कर किया गया ।संत बाबा महिंदर सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव महाराज सिखों के पांचवें गुरु , शहीदों के सरताज एवं शांतिपुंज हैं। आध्यात्मिक जगत में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। महान शहादत दिवस पर गुरु अर्जन देव महाराज काे नमन है। उनके द्वारा किए गए याेगदान काे कभी भुलाया नही जा सकता है। मुख्य अतिथि के रूप में बाबा जी द्वारा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया गया। श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का बलिदान इतिहास में अमिट है। उन्होंने धर्म, मानवता और सत्य के मार्ग पर चलते हुए प्राणों की आहुति दी। उनके शहीदी दिवस पर रक्त दास शिविर जो सेना को समर्पित है ऐसे महान सेवा कार्यों के माध्यम से हम उनकी शिक्षाओं को समाज तक पहुंचा सकते हैं। यह एक अनुकरणीय पहल है। नवनीत सिंह ने बताया कि गुरु अर्जन देव महाराज के महान शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा प्रांगण में विशाल रक्तदान शिविर, दांताें का फ्री चेकअप कैंप लखनऊ से आए डॉक्टर सौरभ भल्ला द्वारा और छबील सेवा का आयोजन किया गया। छबील की सेवा सुबह से शुरु है।