: श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है: रामानन्दाचार्य
Sun, Apr 20, 2025
श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है: रामानन्दाचार्यश्री हरिधाम गोपाल पीठ में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ, मंदिर से निकली भव्य शोभायात्राअयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के हरिधाम गोपाल पीठ में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व मंदिर से शोभायात्रा निकाली। जो मां सरयू के पावन तट गई जहां पर विधिवत पूजन अर्चन किया गया इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर वापस आई।शोभायात्रा हनुमानगढ़ी चौराहा होते तुलसी उद्यान के रास्ते सरयू तट पहुंची जहां पर वैदिक आचार्यों ने पूजन कराया। व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज कर रहें है। कथा के प्रथम दिवस जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा शरणागति की कथा है शरणागति का अर्थ है भगवान के चरणों में समर्पित हो जाना और भगवान के चरणों में समर्पित होने के लिए सबसे बड़ी बात है अपने आप का परित्याग कर देना। उन्होंने कहा कि जब आप अपने अहम का परित्याग करके भगवान के शरण आप होते हैं तब एक समर्थ गुरु सुखदेव जी महाराज जैसा प्रगट हो करके आपके जीवन के उन तमाम झंझावात को खत्म करके आपके जीवन में भक्ति की ज्योति जला देता है। स्वामीजी ने कहा कि गुरु की शरणागति जीवन में मृत्यु के बंधन को काटकर मोक्ष की ओर आपके मार्ग को प्रशस्त करती है। श्रीमद्भागवत की कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान डीएन दीक्षित व शान्ती दीक्षित ने किया। कार्यक्रम का संयोजन आचार्य रमेश शास्त्री कर रहें है।
: जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है: रामकृष्ण शास्त्री
Sun, Apr 20, 2025
जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है: रामकृष्ण शास्त्रीश्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में रामकृष्ण महराज शास्त्री काकाजी ने कृष्णजन्मोत्सव के प्रसंग की व्याख्या कीतीर्थक्षेत्र सेवा समिति महराष्ट्र के तत्वावधान में हो रहा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सोहला एवं गीता पारायण पाठकथा में रामनगरी के विशिष्ट संतो का हो रहा समागम, पूरे देश से सौकड़ो भक्त कथा में लगा रहा गोताअयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का उल्लास अपने चरम पर है। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा रामकृष्ण महराज शास्त्री काकाजी कर रहे है। कथा के चतुर्थ दिवस काका जी ने प्रभु के वामन अवतार के वृतांत का विस्तार पूर्वक वर्णन भक्तों को करवाया एवं कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा के चौथे दिन संत साधकों ने काका जी के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया। भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत भागवत आरती के साथ की गई।जिनके कर्म श्रेष्ट होते है वो संसार को सुंदर बनाते है। काका जी महाराज ने कथा प्रसंग का वृतांत सुनाते हुए बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु के दशावतारो में पांचवा अवतार और मानव रूप में अवतार था। जिसमें भगवान विष्णु ने एक वामन के रूप में इंद्र की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लिया। वामन अवतार की कहानी असुर राजा महाबली से प्रारम्भ होती है। महाबली प्रहलाद का पौत्र और विरोचना का पुत्र था। महाबली एक महान शासक था जिसे उसकी प्रजा बहुत स्नेह करती थी। उसके राज्य में प्रजा बहुत खुश और समृद्ध थी। उसको उसके पितामह प्रहलाद और गुरु शुक्राचार्य ने वेदों का ज्ञान दिया था। इसके बाद भैया जी के सानिध्य में सभी भक्तों ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया। कथा में रामनगरी के विशिष्ट संतों का समागम हुआ, कथा श्रवण करने आए सभी संतो महंतों का अभिनन्दन के आयोजक तीर्थक्षेत्र सेवा समिति महराष्ट्र व संस्थापक श्री ज्ञानेश मिशन आलंदी, श्री अध्यात्म साधना आश्रम धरणी वालों ने किया।महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज कर रहें। कार्यक्रम में 108 लोग सामूहिक गीता का पारायण पाठ कर रहे है। देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहें है।
: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा को खतरा
Mon, Apr 14, 2025
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा को खतराट्रस्ट को मिला धमकी भरा संदिग्ध ईमेल, जांच में जुटी पुलिस
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को एक संदिग्ध ईमेल मिला है जिसमें राम मंदिर की सुरक्षा को खतरा होने के संबंध में चेतावनी दी गई है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। अयोध्या जिले की पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर एक न्यूज एजेंसी को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने न्यास के साथ मिलकर संदिग्ध ईमेल की जांच शुरू कर दी है जो तमिलनाडु से आया था। सूत्रों ने बताया कि रविवार और सोमवार की रात को मिले ईमेल में न्यास को राम मंदिर की सुरक्षा को खतरा होने के संबंध में चेतावनी दी गई है। हालांकि, अभी तक न्यास या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।