: श्रीराम मंदिर के शिखर पर विधि विधान से स्थापित हुआ ध्वज दंड
Tue, Apr 29, 2025
श्रीराम मंदिर के शिखर पर विधि विधान से स्थापित हुआ ध्वज दंडतीन महीने में बनाया गया 42 फिट ऊंचा ध्वज दंडअयोध्या। वैशाख शुक्ल द्वितीया मंगलवार को प्रातः आठ बजे श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के मुख्य शिखर पर विधि विधान पूर्वक ध्वज दंड स्थापित किया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि हिंदी महीने के अनुरूप वैशाख शुक्ल द्वितीया परशुराम जयंती दिन मंगलवार 29 अप्रैल 2025 को राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वज दंड स्थापित कर दिया गया। ध्वज दंड लगाने की प्रक्रिया प्रातः 6ः30 बजे प्रारंभ हुई और 8ः00 बजे संपन्न हुई।इस मौके पर लार्सन एंड टुब्रो व टाटा कंसल्टेंसी के इंजीनियर के साथ ध्वज दंड निर्माता गुजरात निवासी भरत भाई, पत्थरों की नक्काशी करने वाले ठेकेदार नरेश मालवीय, पत्थरों के कार्य का सुपरविजन करने वाले चंद्रशेखर सोमपुरा के साथ एक बड़ी टीम मौजूद रही। 160 फीट की ऊंचाई पर शिखर के पास लार्सन एंड टुब्रो व टाटा कंसलटेंसी के इंजीनियर ऊपर चढ़कर मौजूद रहे। दो क्रेन की सहायता से ध्वज दंड को ट्राला के ऊपर से उठाया गया। धीरे-धीरे वर्टिकल खड़ा हुआ। इसके बाद टावर क्रेन के माध्यम से ध्वज दंड को शिखर पर स्थापित कर दिया गया। आने वाले युगों तक यह ध्वज दंड प्रभु श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कराता रहेगा और भक्तों को भक्ति-पथ पर अग्रसर करने के लिए प्रेरणा देता रहेगा। राम मंदिर में स्थापित किया गया 42 फिट ऊंचा ध्वज दंड साढ़े 5 टन के कांस्य से बना है। इसे गुजरात के अहमदाबाद में तीन महीने में बनाया गया था। 161 फिट ऊंचे मंदिर के शिखर पर 42 फिट ऊंचा ध्वज दंड की स्थापना मंगलवार को की गई।
: यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय : गद्दीनशीन
Mon, Apr 28, 2025
यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय : गद्दीनशीनसिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में हो जायेगा दर्ज, गद्दीनशीन प्रेमदास महाराज बहुत ही हुए भावुक, कहा हनुमान जी ने मुझे किया प्रेरितगद्दीनशीन जी रामलला से सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया यानी सबके सुखी रहने और सबके स्वस्थ रहने की प्रार्थना करेंगेअयोध्या। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्री महंत प्रेमदास महाराज 30 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया को श्रीराम जन्मभूमि पर नव्य, दिव्य, भव्य मंदिर में विराजमान रामलला का दर्शन करेंगे। हनुमानगढ़ी के इतिहास में यह पहला अवसर है। जब हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन 52 बीघा के बाहर जाकर रामलला का दर्शन करने जा रहे हैं। इससे एक नई परंपरा की शुरूआत हो रही है। जो सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो जायेगा। वर्तमान गद्दीनशीन जी को रामलला का दर्शन करने की प्रेरणा बजरंगबली से मिली है। इसके लिए हनुमानजी महाराज ने उन्हें प्रेरित किया है। वह रामलला का दर्शन बजरंगबली के प्रतिनिधि तौर पर करेंगे। गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज बहुत ही भावुक हो गए। रविवार को उन्होंने अपने आश्रम पर भावुक होते हुए कहा कि यह पल मेरे लिए बहुत ही अविस्मरणीय है। इससे मैं बहुत ही अभिभूत हूँ। खुद हनुमानजी ने मुझे प्रेरित किया है। हनुमानजी की प्रेरणा से 30 अप्रैल अक्षय तृतीया को मैं रामलला का दर्शन करने जा रहा हूं। इस दिन सबसे पहले सुबह 7 बजे हनुमानगढ़ी से सरयू तट के कच्चा घाट तक शाही जुलूस निकलेगा। जहां सर्वप्रथम वैदिक मंत्रोच्चार संग सरयू मैया का पूजन-अर्चन किया जायेगा। उसके बाद बजरंगबली के निशान को स्नान कराकर पूजन-अर्चन होगा। फिर मैं स्वयं सरयू स्नान करूंगा। तत्पश्चात सरयू तट से ऐतिहासिक शाही जुलूस निकाला जायेगा, जिसमें सबसे आगे बजरंगबली का निशान। शाही जुलूस में गाजा बाजा, हाथी-घोड़ा, ऊंट इत्यादि रहेगा। बीच में खिलाड़ी रहेंगे। जो अपना करतब दिखायेंगे। शाही जुलूस में मैं रथ पर सवार रहूंगा। इस शाही जुलूस में हनुमानगढ़ी चारों पट्टी के महंत, सरपंच, नागातीत, व्यापारी, श्रद्धालु समेत हजारों लोग शामिल रहेंगे। शोभायात्रा पर हेलीकॉप्टर समेत सैंकड़ो जगहों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जायेगा। शाही जुलूस रामनगरी के मुख्य मार्ग से होते हुए क्षीरेश्वरनाथ मंदिर के सामने गेट नंबर तीन रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करेगा। श्रीराम जन्मभूमि मे श्रीरामलला को रामरक्षा स्तोत्र का पाठ सुनाते हुए उनके चरणों में 56 भोग समर्पित करूंगा। मेरे द्वारा रामलला के गर्भगृह की परिक्रमा का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राममंदिर आंदोलन से मैं बहुत दिनों से जुड़ा रहा हूं। इस आंदोलन मैंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रामलला अपने नव्य, दिव्य, भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं। रामलला का दर्शन-पूजन कर मैं समस्त जनमानस व जीव मात्र के कल्याण की कामना करूंगा। उन्होंने याद दिलाया कि वह भी मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे और आठ वर्ष पूर्व गद्दीनशीन होने के बाद हनुमान जी के दरबार से ही रामलला के मंदिर की कामना-प्रार्थना करते रहे। उन्होंने बताया कि वह रामलला से सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया यानी सबके सुखी रहने और सबके स्वस्थ रहने की सनातन प्रार्थना करेंगे। कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम की देखरेख खुद गद्दीनशीन जी के उत्तराधिकारी महंत डा महेश दास जी, मामा दास व अखाड़े के मुख्तार अजय श्रीवास्तव कर रहें।
: स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है: बृजभूषण शरण सिंह
Mon, Apr 28, 2025
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है: बृजभूषण शरण सिंहएस आईसी अमानीगंज फेस 3 पर संकट मोचन जिम का कैसरगंज के लोकप्रिय नेता बृजभूषण शरण सिंह ने किया उद्घाटनअयोध्या। आईटीआई स्थित अमानीगंज फेस 3 पर संकट मोचन जिम जोअत्याधुनिक जिम है उसका उद्घाटन कैसरगंज के लोकप्रिय नेता भारतीय कुश्ती संघ के शानदार पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भव्य फीता काटकर शुभारंभ किया।इसके पूर्व हनुमानजी का दीप जलाकर पूजन भी किया। पूजन में हनुमानगढ़ी से जुड़े महंय बलराम दास व संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास जी मौजूद रहें। इस मौके पर कैसरगंज के लोकप्रिय नेता भारतीय कुश्ती संघ के शानदार पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अनिल जी जो स्वयं एक कुशल जिम ट्रेनर हैं,की तरफ से एक प्रयास है।ये अपने जिम में आधुनिक मशीनों की अच्छा संकलन किये है। नेता जी ने कहा कि यहां आने वाले लोग व्यायाम करके अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं साथ ही वे खेल पर भी ध्यान देंगे। उन्होंने जिम शुभारंभ के अवसर पर कहा कि 'स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।' उन्होंने आश्वस्त किया कि ओपन जिम लोगों को शारीरिक और मानसिक दृढ़ता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि ओपन जिम की आवश्यकता मानव जीवन में बहुत ही उपयोगी है।संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने बताया कि नेताजी ने अत्याधुनिक जिम का उद्घाटन किया है। जिस में प्रशिक्षित प्रशिक्षक द्वारा ट्रेनिग प्रदान की जाएगी। सभी को आशीर्वाद हनुमानजी महाराज की कृपा बनी रहें। इससे पूर्व नेताजी हरिधाम गोपाल पीठ में चल रहें श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर शामिल होकर जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज का आशीर्वाद लिये।इसके बाथ नि शुल्क गुरुकुल महाविद्यालय में पहुंच वैदिक बटुओं से मिले। उन्होंने सभी का अभिनन्दन भी किया। इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि प्रियेश दास,अमरजीत सिंह काका, नेताजी के सहयोगी नीलेश सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी अयोध्या,अरुण निषाद, सर्वेश यादव,राका यादव, अभिषेक सिंह, जयप्रकाश रावत, अनिल, अमन, सुमित, विशाल सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।