: राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे बड़ा हमला
Fri, Aug 1, 2025
राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे बड़ा हमलाराहुल गाँधी ने चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे तीखा हमला किया है। उन्होंने उसे वोट चोर बताया है और अधिकारियों को चेतावनी दी है कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद भी बख्शा नहीं जाएगा।बीजेपी और चुनाव आयोग की इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी आ गई हैं। बीजेपी ने इसे संवैधानिक संस्था पर हमला बताया है तो चुनाव आयोग का कहना है कि उनका बयान भ्रामक है।
लेकिन राहुल गाँधी तो बम फोडने की बात कर रहे हैं, कह रहे हैं कि बम फूटेगा तो चुनाव आयोग नज़र भी नहीं आएगा।
वे दावा कर रहे हैं कि उनके पास पुख़्ता सबूत हैं। उनके मुताबिक छह महीनों की जांच से मिले प्रमाणों के आधार पर वे चुनाव आयोग को वोट चोर कह रहे हैं.
क्या राहुल गाँधी कर्नाटक की उस विधानसभा सीट की बात कर रहे हैं जहाँ जाँच में उन्हें फर्ज़ी वोटरों मिले थे और जिसकी बात वे पहले भी कह चुके हैं....या फिर उनके पास उसके अलावा भी सबूत आ चुके हैं.....
लेकिन जब तक वे सबूत सामने नहीं रखेंगे तब तक उनकी बात पर कौन भरोसा करेगा। ये सही है कि चुनाव आयोग की कोई विश्वसनीयता नहीं बची है और हर कोई उसे मोदी सरकार का एक विभाग मानने लगा है। लेकिन पूरी तरह से उसको बेनकाब करने के लिए निर्णायक सबूत नहीं आए हैं।
तो क्या राहुल के सबूत निर्णायक हो सकते हैं.....क्या वे इतने पुख़्ता हो सकते हैं कि उनको कोई झुठला ही नहीं सकेगा....
अगर ऐसा हुआ तो भारतीय राजनीति में बवाल मच जाएगा....मोदी राज में हुए सारे चुनाव शक़ के घेरे में आ जाएंगे।
: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को मिली नई सुविधा LNJP और GB पंत अस्पताल में दो वाटर कियोस्क की शुरुआत
Thu, Jun 12, 2025
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को मिली नई सुविधा LNJP और GB पंत अस्पताल में दो वाटर कियोस्क की शुरुआतयह पहल HSBC इंडिया के सहयोग से, द सोशल लैब (TSL) और यूनाइटेड वे मुंबई (UWM) द्वारा मिलकर शुरू की गई हैयह सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि एक बुनियादी स्वास्थ्य अधिकार है. HSBC और TSL की यह पहल बहुत प्रेरणादायक है: योगेन्द्र चंडोलियानई दिल्ली। जनता की सेहत और स्वच्छ पानी की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए द सोशल लैब और यूनाइटेड वे मुंबई ने, HSBC इंडिया के सहयोग से, दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों- लोक नायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) और गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल (GB पंत) में मुफ्त वाटर कियोस्क लगाए हैं। इन कियोस्क का उद्घाटन सांसद योगेन्द्र चंडोलिया और प्रवीण खंडेलवाल ने किया। ये कियोस्क मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों को 24 घंटे साफ, सुरक्षित और मुफ्त पीने का पानी उपलब्ध कराएंगे। इस कार्यक्रम में द सोशल लैब के सीईओ साहिल अरोड़ा, टीएसएल इंडिया के सलाहकार बोर्ड के निदेशक आदेश गुप्ता, जीबी पंत अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. आबिद गीलानी और एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. बी.एल. चौधरी उपस्थित थे।
यह वाटर कियोस्क प्रोजेक्ट HSBC इंडिया की प्रमुख सामाजिक पहल का हिस्सा है, जो देशभर में भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मुफ्त और सुरक्षित पीने का पानी उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत भारत में 80 से अधिक कियोस्क लगाए जा चुके हैं, जिससे हर साल लगभग 12 लाख लोगों को फायदा हो रहा है।
योगेन्द्र चंडोलिया ने कहा "जब हम सरकारी अस्पतालों में साफ पानी सुनिश्चित करते हैं, तो हम लोगों की ज़िंदगी और उनकी गरिमा दोनों की रक्षा करते हैं। यह सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि एक बुनियादी स्वास्थ्य अधिकार है। HSBC और TSL की यह पहल बहुत प्रेरणादायक है।"
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा:"ये कियोस्क सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं हैं, बल्कि ये करुणा, साझेदारी और सामाजिक सोच का प्रतीक हैं। मैं चाहता हूँ कि इस तरह की पहल भारत के हर अस्पताल में हो।"
HSBC इंडिया की एमडी और सस्टेनेबिलिटी हेड श्रीमती अलोका मजूमदार ने कहा: "साफ और सुरक्षित पीने का पानी हर व्यक्ति का मूल अधिकार है। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के स्वच्छ जल और स्वच्छता लक्ष्यों के अनुरूप है और यह हमारे समाज के लोगों की जिंदगी में सच्चा बदलाव लाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"
LNJP और GB पंत अस्पतालों में लगे ये वाटर कियोस्क हर दिन 2,000 से अधिक लोगों को सेवा देंगे। इससे प्लास्टिक की बोतलों पर निर्भरता कम होगी और जलजनित बीमारियों के खतरे को भी घटाया जा सकेगा। ये कियोस्क मजबूत फिल्ट्रेशन तकनीक और टिकाऊ सामग्री से बनाए गए हैं, जिससे सरकारी और निजी संस्थानों की साझेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण सामने आता है। यह पहल भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में जरूरी सुविधाओं को सभी लोगों तक पहुँचाने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। जैसे-जैसे पर्यावरण और स्वास्थ्य की चुनौतियाँ बढ़ रही हैं, ऐसे प्रयास भविष्य के लिए तैयार, सम्मानजनक और टिकाऊ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में मददगार साबित होंगे।