: सियाराम किला में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का हुआ भव्य समापन
Wed, Jan 24, 2024
5 सौ वर्षों के लंबे इंतजार बाद श्रीरामलला अपने भव्य, नव्य, दिव्य मंदिर में विराजमान हुए: महंत करुणानिधान शरण
श्रीरामलला के पावन प्राण प्रतिष्ठा अवसर पर सिद्ध पीठ सियारामकिला झुनकी घाट में दिव्य फूलबंगला झांकी सजाई गई। मंदिर में चल रहे श्रीरामकथा व राम महायज्ञ का समारोह पूर्वक समापन किया गया। झांकी को सियाराम किला झुनकी घाट के वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीमहंत करुणानिधान शरण महाराज ने सानिध्य प्रदान किया। भव्य फूलबंगले में भगवान युगल सरकार विराज रहे थे, जिनका दर्शन कर संतों एवं भक्तगणों ने अपना जीवन धन्य बनाया। सायंकाल आरती-पूजन, भोग पश्चात मंदिर के पट संतों और श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। संत, भक्तगण गर्भगृह में विराजमान श्री युगल सरकार का दर्शन कर रहे थे। ऐसा क्रम देररात्रि तक चलता रहा। पूरा मंदिर प्रांगण भक्तिमय वातावरण में रंगा रहा। चहुंओर उत्सव की चकाचौंध फैली हुई थी, जिसमें रमकर संत, भक्तगण खुशी में आहलादित नजर आए। सभी को भव्य मंदिर में श्रीरामलला सरकार के व मंदिर के प्रथम आचार्य के विराजमान होने की खुशी में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सियाराम किला झुनकी पीठाधीश्वर श्रीमहंत करुणानिधान शरण महाराज ने कहा कि यह हम संतों एवं रामभक्तों के लिए खुशी का पल था। 5 सौ वर्षों के लंबे इंतजार बाद श्रीरामलला अपने भव्य, नव्य, दिव्य मंदिर में विराजमान हुए, जिसके साक्षी पूरी देश-दुनिया बनी। लंबे संघर्षों बाद रामलला के अपने नव्य भवन में विराजमान होने की खुशी हम बयां नही कर सकते हैं। इसके लिए हम भाव विभोर, भाव विहवल हैं। बस इतना कहना चाहता हूं कि राममंदिर निर्माण हम सबके लिए गर्व की बात है। इसके लिए न जानें कितने कारसेवकों ने बलिदान दे दिया। राममंदिर सपना साकार हुआ पावन प्राण प्रतिष्ठा के गर्भगृह से लेकर भांति-भांति के सजाया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे दादा गुरु परम पूज्य महंत मिथिलाशरण महाराज का बड़े ही श्रद्धा भाव के प्राण प्रतिष्ठा किया गया साथ ही श्रीरामलला विराज समारोह पर मंदिर पूरे जगमोहन को सुगंधित पुष्पों से मनोहारी झांकी में बताया कि रामलला समारोह पर मंदिर रामभक्तों, श्रद्धालुओं लंगर चल रहा था, कई हजार श्रद्धालुओं ग्रहण किया। लंगर सुबह से लेकल देर शाम तक चलाया जा रहा है।इस अवसर पर आये हुए अतिथियों का स्वागत प्रख्यात कथावाचक स्वामी प्रभंजनानन्द शरण ने किया।
: स्वामीनारायण मंदिर रामभक्तों के लिए चला रहा विशाल भंडारा
Wed, Jan 24, 2024
स्वामीनारायण मंदिर रायगंज में प्राण प्रतिष्ठा में आये सम्प्रदाय के संतों व रामभक्तों के रहने खाने के उत्तम व्यवस्था रही: शास्त्री अखिलेश्वर दास
नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज जी सम्प्रदाय की पताका पूरे विश्व में फहरा रहें है
अयोध्या। भगवान स्वामीनारायण के जन्म स्थली छपिया है जहां पर भगवान का जन्म हुआ तो अयोध्या में भगवान स्वामीनारायण का बाल्यकाल की लीला की। वैसे भी अयोध्या को सभी तीर्थों का मस्तक कहा जाता है। ऐसे में स्वामी नारायण सम्प्रदाय जिसका डंका आज पूरे विश्व में फैला है। स्वामीनारायण मंदिर रायगंज की तरफ से भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने वालो सभी संतो व भक्तों के रहने खाने की अच्छी व्यवस्था की थी।स्वामीनारायण मंदिर रायगंज के महंत स्वामी शास्त्री अखिलेश्वर दास ने कहा कि राम हमारे अस्तित्व हैं, आराध्य हैं, प्राण हैं, भगवान हैं भगवान श्री राम भारत की पहचान हैं। अयोध्या में पूरा देश आने को लालायित है। श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ा है।महंत स्वामी शास्त्री अखिलेश्वर दास ने पूज्य नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज की आज्ञा से सम्प्रदाय के सभी संतों व भक्तों के रहने खाने की अच्छी व्यवस्था मंदिर में की थी।महंत स्वामी शास्त्री अखिलेश्वर दास ने सम्प्रदाय के सभी पंथ का रामनगरी का स्वागत किया। प्राण प्रतिष्ठा के दिन सभी संत रामनाम का जयघोष करते हुए महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में गुजरात भवन में सुंदर कांड का भव्य पाठ व विशाल भंडारा का आयोजन किया है जिसमें पूरे देश से आये रामभक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि श्री स्वामी नारायण मंदिर भुज कच्छ विविध आयोजन चल रहा जिसमें महा भंडारा, रामायण पाठ, वेद पारायण,धुन भजन, राम चरित्र मानस, सुंदर कांड,श्री हरियाग, भक्त चिंतामणि पारायण,वंदु सहजानंद रसरुप पाठ, हनुमान चालीसा पारायण आदि कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से चल रहा है।स्वामी नारायण सम्प्रदाय का स्वर्णिम इतिहास बिना नर नारायण देव गादीपति आचार्य मोटा महाराज तेजेन्द्र प्रसाद सम्भव ही नही है। महाराज तेजेन्द्र प्रसाद जी ने स्वामी नारायण सम्प्रदाय का डंका न सिर्फ भारत अपितु पूरी दुनिया में बजाया है। मानवता व अध्यात्म का संदेश देने वाले स्वामी नारायण सम्प्रदाय के बारे में लोगो को रुबरु कराया। उनके बताये रास्ते पर आज नर नारायण देव गादीपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज जी सम्प्रदाय की पताका पूरे विश्व में फहरा रहें है।
: जन्मभूमि पर मंदिर के लिए शताब्दियों से थी प्रतीक्षा,जो अब पूर्ण हुई: महंत शिवराम दास
Wed, Jan 24, 2024
राम भक्त नरेन्द्र बाबा पूर्णागिरि धाम नंदगांव भिवानी हरियाणा से साइकिल चलाकर पहुंचे अयोध्या, रामलला की ज्योति के लिए भेंट किया गाय का शुद्ध घी
अयोध्या। भगवान रामलला का भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूर्वक हो गया है। रामभक्त अपने आराध्य की सेवा के लिए दूर दूर से रामनगरी अयोध्या पहुंच रहें है। आज ऐसा ही एक रामभक्त दोबारा 3000 किलोमीटर साइकिल चलाते हुए रामनगरी अयोध्या पहुंचा जो अपने गांव से शुद्ध देशी घी भगवान की ज्योति जलाने के लिए लेकर आये और भगवान को समर्पित किये। ये रामभक्त नरेन्द्र यादव जो बाबा पूर्णागिरि धाम नंदगांव भिवानी हरियाणा से साइकिल चलाकर अयोध्या आये है और ये साइकिल चलाते हुए चारों धाम काशी, जगन्नाथ पुरी होते गंगासागर जायेंगे।नरेन्द्र कहते है कि वे 11000 किलोमीटर साइकिल यात्रा करेंगे। रामभक्त नरेंद्र ने कहा कि वे 3 मार्च 2021 को अयोध्या साइकिल से ही आये थे और भगवान श्रीरामलला को चांदी की ईट समर्पित किया था और आज जब भगवान का दिव्य मंदिर बन गया है तो ज्योति के लिए देशी घी समर्पित कर रहें है।
रामनगरी के रामघाट स्थित केशव बिहार सदन में युवा महंत शिवराम दास के नेतृत्व में उनके शिष्य नरेन्द्र यादव जो भिवानी हरियाणा से साइकिल से चलकर अयोध्या आकर भगवान रामलला को चांदी की शिला समर्पण किये। ये शिला महंत शिवराम दास नरेन्द्र यादव राजन मौर्या व बृजेश कुमार ने विहिप के केंद्रीय मंत्री पंकज सिंह को भेंट किया। राम मंदिर में अब तक 2300 करोड़ से अधिक धनराशि ट्रस्ट के खातों में पहुंच गया और अब विदेशों में रहने वाले राम भक्त भी इस अभियान शामिल हो सके इसके लिए जल्द ट्रस्ट की अगली बैठक निर्णय लेगी। नरेन्द्र यादव ने कहा कि भगवान रामलला का भव्य मंदिर बन गया इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसमे मेरा भी कुछ अंश मिल जाने से मेरा परिवार भी धन्य हो गया है।
केशव बिहार सदन में युवा महंत शिवराम दास ने कहा कि भूमि पूजन के समय ही शिष्य ने संकल्प लेकर शिलादान किया था। महंत शिवराम दास ने कहा कि भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर रामलला का दिय भव्य मंदिर भक्तों से सीधा जुड़ा है। इससे वे गर्व से कह सकें कि यह मंदिर हमारा है। तभी तो ये सिर्फ राम मंदिर नहीं अपितु एक राष्ट्र मंदिर है। उन्होंने कहा कि यह कि श्रीराम हमारे प्राण धन हैं और जन्मभूमि पर जिस मंदिर के लिए शताब्दियों से प्रतीक्षा होती रही, आज वह बनकर तैयार हो गया। राम मंदिर की भव्यता में कोई कमी नहीं है।