: डीएम ने 15 मजिस्ट्रेटों की लगाई ड्यूटी
Tue, Jan 23, 2024
अयोध्या। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पश्चात श्रद्वालुओं का लगातार आवागमन हो रहा है, जिसमें अयोध्या धाम क्षेत्र में काफी भीड़ हो रही है। श्रद्वालुओं के दर्शन व आवागमन की सुविधा व शांति, सुरक्षा, यातायात व लोक व्यवस्था के दृष्टिगत मजिस्ट्रेट ड्युटी तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक लगायी जाती है, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के अंदर की सम्पूर्ण व्यवस्था हेतु जितेन्द्र कुमार कुशवाहा अपर जिला मजिस्ट्रेट, मंदिर परिसर के अंदर दर्शन का मुख्य द्वार व आस-पास का क्षेत्र की संदीप श्रीवास्तव आर0एम0 व यामिनी रंजन पी0ओ0 डूडा, बिड़ला धर्मशाला तिराहा हेतु अशोक कुमार सैनी डिप्टी कलेक्टर व के0एन0 सुधीर उप प्रभागीय वनाधिकारी की ड्युटी लगायी है। इसी क्रम में बिड़ला धर्मशाला से दर्शन का मुख्य प्रवेश द्वार पर अभिषेक कुमार सिंह डिप्टी कलेक्टव व डा0 जगदीश सिंह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बिड़ला धर्मशाला से लता मंगेशकर चैक तक प्रवीण कुमार डिप्टी कलेक्टर व अजित प्रताप सिंह जिला खाद्य विपणन अधिकारी, श्रृंगार हाट तिराहा पर श्री अरविन्द कुमार डिप्टी कलेक्टर व श्री ब्रजेश कुमार मिश्र जिला पूर्ति अधिकारी, लता मंगेशकर चैक से धर्मपथ पर अंशुमान सिंह डिप्टी कलेक्टर व अमरेश पांडेय जी0एम0डीआईसी तथा उदया चैराहा से बिड़ला तिराहा व आसपास के क्षेत्र हेतु राम प्रसाद त्रिपाठी डिप्टी कलेक्टर व मोहित कुमार उप मुख्य परियोजना प्रबन्धक सेतु निगम की ड्युटी लगायी है।
: प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला के दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब
Tue, Jan 23, 2024
जिला प्रशासन को इतनी अधिक भीड़ जुटने का नहीं था अनुमान, आनन-फानन में वैकल्पिक इंतजाम
सीएम योगी ने किया हवाई निरीक्षण
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंगलवार को दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जिला प्रशासन को इतनी अधिक भीड़ जुटने का अनुमान नहीं था। आनन-फानन में वैकल्पिक इंतजाम प्रभावी किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के पहले से ही देशभर से दर्शन के लिए रामभक्त अयोध्या पहुंचने लगे थे। इनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने यहीं पर अपने गुरु आश्रमों, मंदिर, होटल, धर्मशाला, रामकथा पार्क, सरयू घाट और अन्य स्थानों पर डेरा डाल रखा था। इनमें वो श्रद्धालु भी शामिल रहे जिन्हें 20 से 22 जनवरी तक तीन दिन अस्थाई मंदिर में रोक के चलते रामलला के दर्शन नहीं मिल सके थे। इसके अलावा तमाम भक्त पड़ोसी जिलों में अपना आश्रय बनाए थे। सोमवार को पीएम के यहां से लौटने के बाद शाम से रात तक और फिर मंगलवार की सुबह उन्होंने अयोध्या का रूख किया। कई जत्थे वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, बस्ती व गोंडा के रास्तों से आए। ऐसे में रामनगरी में श्रद्धालुओं का कारवां अनवरत बढ़ता ही गया। प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह चौथा अवसर होगा जब देश के विभिन्न हिस्सों से इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे हैं। पहले से जो अनुमान लगाया गया था उससे भी अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच गए हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। पड़ोसी जनपदों के साथ अयोध्या धाम की सीमाओं पर वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने के बावजूद लोग पैदल ही आ रहे हैं। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि भीड़ काफी आ गई है। पहले से भी लोग मौजूद थे। सभी को सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन कराने के प्रबंध किए जा रहे हैं। वहीं अयोध्या पुलिस ने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में सोशल मीडिया पर फैल रही उन अफवाहों का खंडन किया है कि भारी भीड़ के कारण मंदिर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ने यहां पहुंचकर अयोध्या का हवाई सर्वे किया और व्यवस्था का जायजा लिया। मंदिर में प्रवेश को लेकर भारी तादात में मौजूद श्रद्धालुओं को सीएम योगी ने देखा और आला अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए। सीएम योगी ने इस दौरान दर्शन व्यवस्थाओं का जाएजा लिया। राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने मंगलवार की शाम लाखों भक्तों से अपील की है कि वो धैर्य और शांति बनाए रखें, रामलला के दर्शन सबको मिलेंगे। उन्होंने कहा कि भक्तों का सैलाब देखते हुए रामलला ने आज विश्राम भी नहीं किया है। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अगले दिन आस-पास के जिलों और दूसरे राज्यों से आए पांच लाख से ज्यादा भक्त दर्शन के लिए जुटे हैं। सरकार के सीनियर अफसर के मुताबिक अब तक तीन लाख लोग दर्शन कर चुके हैं और इतने ही लोग बाहर कतार में हैं जिनके लिए समुचित इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने सुबह ही कह दिया था कि इतने भक्त आए हैं कि आज सबको दर्शन नहीं मिल पाएगा। राम मंदिर मार्ग पर भक्तों की कई किलोमीटर लंबी कतार है। प्रशासन की व्यवस्था कई बार भीड़ के दबाव में टूट गई। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस ने लाठियां भी लहराई। अयोध्या जिला प्रशासन के लिए लाखों भक्तों को संभालने का यह पहला अनुभव है जिसमें हर बीतते दिन के साथ हासिल अनुभव के आधार पर बेहतरी की संभावना है। अयोध्या प्रशासन के आग्रह पर भक्तों की आ रही भीड़ को फिलहाल रोकने के लिए लखनऊ से 80 बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। गोरखपुर से आ रही या जा रही बसों के लिए दूसरे रास्ते तय किए गए हैं।
: श्रीराम इस राष्ट्र की प्राण तत्व हैं: चिदम्बरानन्द सरस्वती
Tue, Jan 23, 2024
कहा, "श्रीराम" संयम,शांति, सौहार्द, एकता एवं समन्वय ही धर्म का वास्तविक स्वरूप है
राम महल वैदेही भवन में चल रहे कथा में स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी ने भरत जी का राम के प्रति प्रेम का बहुत ही सुंदर वर्णन किया, भक्तजन भाव विभोर में डूब गए
अयोध्या। भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होते ही संत साधकों ने दीपामालाएं सजाकर दीपोत्सव मनाया। रामनगरी के राम महल वैदेही भवन में चल रहे रामकथा महोत्सव में दीपोत्सव मनाकर खुशी का इजहार किया गया। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा कर रहें मुम्बई से चलकर आये सनातन धर्म प्रचारक एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिन्तक व संस्थापक चिद्ध्यानम आश्रम व गौशाला, चिदसाधना साध्यम ट्रस्ट, मुंबई के महामंडलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वती जी ने कहा कि ये जन्म धन्य हो गया। हमारे आराध्य अपने निज भवन में विराज गयें। उन्होंने कहा कि श्रीराम इस राष्ट्र की प्राण तत्व हैं। जो राष्ट्र का मंगल करें, वही राम हैं। जो लोकमंगल की कामना करें, वही राम हैं। जहां नीति और धर्म है, वहां श्रीराम हैं। संयम,शांति, सौहार्द, एकता एवं समन्वय ही धर्म का वास्तविक स्वरूप है। स्वामीजी ने कथा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए कहा कि श्रीराम जी के वन गमन पर राम भारद्वाज संवाद श्रीराम वाल्मीकि संवाद और चित्रकूट निवासी चक्रवर्ती महाराज का महाप्रयाण गुरूदेव भगवान वशिष्ठ भरत जी संवाद और भरत जी का चित्रकूट के लिए प्रस्थान और भारत जी का श्रृंगवेरपुर में विश्राम भरत की भारद्वाज संवाद आदि का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम साक्षात धर्म विग्रह हैं। राम एक ऐसे दीप हैं, जो कभी बुझ नहीं सकते। राम भारत की कालजयी सनातन संस्कृति का मेरुदंड हैं। श्रीराम के अवलंबन का अर्थ मर्यादा, शील, चरित्र और संयम का अनुगमन है। राम-स्मृति सर्वथा कल्याणकारी है। जो लोग मुक्ति और गरिमापूर्ण जीवन की आकांक्षा रखते हैं, उन्हें श्रीराम की शरण लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम वन गमन की खबर सुनते ही भरत जी का घोर विलाप देखने सुनने को मिला ,भरत द्वारा माता कैकई और मंथरा को राम की महत्ता बताना फिर अयोध्या वासियों के साथ ,सभी माता के साथ राम जी से मिने के लिए अयोध्या से प्रस्थान। भरत जी का राम के प्रति प्रेम का बहुत ही सुंदर वर्णन स्वामी जी के मुखारविंद से सुनने को मिला। भक्तजन भाव विभोर में डूब गए।