: बड़ा भक्त माल मंदिर में स्थापित सीता राम व अवध बिहारी की मूर्ति को सीएम ने पहनाया स्वर्ण मुकुट
Sat, Nov 25, 2023
भारत में संत परम्परा का व्यापक महत्व है गुरू शिष्यों में रक्त सम्बंधों से ज्यादा गहरा सम्बंध एवं मर्यादा होती है: सीएम योगी
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या पहुंचे सूबे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास महाराज द्वारा आयोजित सीताराम/अवध बिहारी के स्वर्ण मुकुट पहनाने एवं संत सम्मेलन एवं भक्तमाल के साकेतवासी पीठाधीश्वर की स्मृति आयोजित संत सम्मेलन में भाग लिया। जहां संत समाज ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया तथा स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत में संत परम्परा का व्यापक महत्व है गुरू शिष्यों में रक्त सम्बंधों से ज्यादा गहरा सम्बंध एवं मर्यादा होती है। हमारे संत, संतों के त्याग, बलिदान एवं समर्पण के कारण 500 साल बाद श्रीराम लला मंदिर का निर्माण हो रहा है, जिसका प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी 2024 को निर्धारित है इसमें देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी भाग ले रहे है तथा हमारी सरकार एवं केन्द्र सरकार अयोध्या को भव्य रूप से विकसित करने के लिए संकल्प है इसी की कड़ी में यहां पर सड़कों का एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है जिसमें आप सभी संतों के आर्शीवाद एवं यहां के लोगों के सहयोग की आवश्यकता है। आये हुए अतिथियों का स्वागत बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास महाराज ने किया। कार्यक्रम में बड़ा भक्त माल के बड़े महंत कौशल किशोर दास, बिंदुगद्यायाचार्य महंत देवेन्द्र प्रसादाचार्य,महंत राम विलास दास वेदांती, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, महंत सुरेश दास, महंत रामशरण दास, महंत वैदेही बल्लभ शरण आदि उपस्थित रहे।
: अयाेध्या माधव मंदिर के नये महंत बने मणिराम दास
Sat, Nov 25, 2023
संताें ने रामानन्दी परम्परा अनुसार तिलट चद्दी व कंठी दिया
अयोध्या। रामनगरी के रामकोट स्थित अयोध्या माधव मंदिर की महंती मणिराम दास को सौंपी गई। शुक्रवार को मंदिर प्रांगण में महंताई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में रामनगरी के संत-महंतों ने साधुशाही परंपरानुसार मणिराम दास को तिलक, कंठी, चादर देकर महंती की मान्यता प्रदान किया। मंदिर के महंत रहे अयोध्या दास महाराज का विगत दिनों साकेतवास हो गया था। उसके बाद मठ के महंत की गद्दी खाली चल रही थी। साकेतवासी महंत के तेरहवीं भंडारे पर संत-महंतों ने सर्वसम्मति से उनके शिष्य मणिराम दास को महंत पद पर नियुक्त किया। इसके अलावा विनय दास को आश्रम का अधिकारी व ओंकार दास को वरिष्ठ पुजारी बनाया गया। नवनियुक्त महंत मणिराम दास ने कहा कि संत-महंतों ने उन्हें मंदिर का महंत बनाया है। उस पर वह खरा उतरेंगे। महंत पद की गरिमा हमेशा अक्षुण्ण बनाए रखेंगे। उस पर कभी आंच नही आने देंगे। सदैव पद की प्रतिष्ठा व गरिमा बनाकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि वह गुरूदेव के बतलाए हुए मार्ग एवं पदचिंहों पर चलकर मठ का सर्वांगीण विकास करेंगे। आश्रम में गौ, संत, विद्यार्थी, अतिथि सेवा सुचार रूप से चलती रहेगी। महंताई समारोह में रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरण दास, महाविरक्त आश्रम के महंत माधवदास रामायणी, बावन मंदिर के महंत वैदेहीवल्लभ शरण, दिगंबर अखाड़ा के महासचिव महंत परमहंस वैष्णव दास, केशरी टीला के अधिकारी रामप्रिया शरण, जगन्नाथ मंदिर के महंत राघव दास, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, बड़ाभक्तमाल के महंत स्वामी अवधेश कुमार दास, महंत रामशरण दास रामायणी, साकेत भवन महंत प्रियाप्रीतम शरण, समथर मंदिर महंत रामरसिक शरण, बड़ाफाटक मंदिर के महंत संदीप दास, भरत महल महंत कल्याण दास, महंत रमैया बाबा, महंत रामलखन शरण, महंत रामनारायण दास, महंत रामप्रकाश दास, महंत रामेश्वर दास, संतदास आदि संत- महंत, भक्तगण उपस्थित रहे।
: श्री करूणानिधान में धूमधाम से मनाया गया तुलसी विवाह
Sat, Nov 25, 2023
श्री करूणानिधान भवन पीठाधीश्वर महंत रामजी दास महाराज ने सानिध्य में हिंदू रीति-रिवाज से वृंदा और शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया गया
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या की प्रसिद्ध पीठ श्रीकरूणानिधान भवन, रामकोट में तुलसी विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरा मंदिर प्रांगण विवाहोत्सव के उल्लास में डूबा रहा। चारों ओर अनुपम छटा बिखरी हुई थी, जिसके उल्लास में साधु-संत एवं भक्तगण रमे रहे। मंदिर के गर्भगृह से लेकर पूरा परिसर रंग-बिरंगी रोशनियों से नहाया हुआ था। इसकी आभा देखते हुए बन रही थी। जो बरबस ही श्रद्धालुगणों को अपनी ओर आकर्षित करती रही। श्रद्धालुगण अपना जीवन कृतार्थ कर रहे थे। विवाह महोत्सव को श्रीकरूणानिधान भवन पीठाधीश्वर महंत रामजी दास महाराज ने सानिध्य प्रदान किया। देर शाम हिंदू रीति-रिवाज से वृंदा और शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें विवाह से संबंधित सभी रीतियां पूरी की गई। उसके बाद सभी लोगों ने तुलसी- शालिग्राम के विवाहोत्सव का प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रांगण खचाखच श्रद्धालुओं से भरा रहा। इस अवसर पर आश्रम के अधिकारी युवा संत रामनारायण दास महाराज ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आश्रम में तुलसी-शालिग्राम का विवाह धूमधाम से मनाया गया। जो सायंकाल से शुरू होकर देररात्रि तक चला। विवाह हिंदू रीति-रिवाज से हुआ, जिसमें विवाह से संबंधित सभी रीतियां पूर्ण हुई। काफी संख्या में मंदिर से जुड़े हुए भक्तगण वृंदा-शालिग्राम के विवाह में सम्मिलित हुए। जिन्होंने अपना जीवन धन्य बनाया।