: संतगोपालाचार्य महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर संतों ने किया नमन
Tue, Nov 21, 2023
अयोध्या। जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी कुरेशाचार्य महाराज के संयोजन में स्वामी संतगोपालाचार्य महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर ऋणमोचन घाट स्थित संतगोपालाचार्य धाम आश्रम मे संतो महंतों ने साकेतवासी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीमहाराज रामनगरी के सिद्ध संत थे जो निरंतर ठाकुर जी की भजन करते रहते थे। आज उन्हीं के आशीर्वाद से उनके शिष्य स्वामी कुरेशाचार्य महाराज निरंतर सेवाएं कर रहे है। इस अवसर पर जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य महाराज, मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयनदास, जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजयशरण, विश्वविराट विजय राघव के महामंडलेश्वर नरसिंह दास, बड़ा भक्त माल के महंत अवधेश कुमार दास, संत एमबी दास सहित सैकड़ो संतों महंतों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
: गाजे बजे के साथ निकली हिन्दूधाम से शोभायात्रा
Mon, Nov 20, 2023
आज से ब्रह्मर्षि रामविलास दास वेदांती जी महाराज व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा की करेंगे अमृत वर्षा
अयोध्या। गाजे बजे के साथ निकली हिन्दूधाम से शोभायात्रा। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग जानकी महल रोड स्थित हिंदूधाम से वशिष्ठ पीठाधीश्वर हिन्दूधाम संस्थापक सदगुरुदेव ब्रह्मर्षि रामविलास दास वेदांती महाराज के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदांती महाराज के संयोजन श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ आज कलश यात्रा के साथ हो गया। कलश यात्रा में सैकड़ो की संख्या में माताएं बहने हिंदू धाम से सर पर कलश लेकर निकली अयोध्या के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए मां सरयू तट पहुंची जहां मां सरयू का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन किया गया व वरुण का आवाहन के साथ कलश में जल लेकर के कथा स्थल हिंदू धाम पुनः पहुंची जहां वैदिक विद्वानों द्वारा कलश की स्थापना करायी गयी।
इस महोत्सव के संयोजक डॉ राघवेश दास वेदांती ने बताया कि हिंदू धाम से भागवत जी की भव्य कलश यात्रा निकाली गई मां सरयू के तट पर वरुण आवाहन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश में जल भर गया और पुनः कलश यात्रा हिंदू धाम पहुंची जहां कलश की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर को दिन में 2 बजे से ब्रह्मर्षि रामविलास दास वेदांती जी महाराज व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करायेगें जो 26 नवंबर तक चलेगा। कथा के उपरांत हवन पूजन होगा और वृहद भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कलश यात्रा में मुख्य रूप से यात्रा में कथा के मुख्य यजमान ताराशंकर पाण्डेय सपत्नीक एवं उनके पुत्र द्वय मनोज पाण्डेय एवं श्री मती स्वेता पाण्डेय, पुत्र यश वर्धन पाण्डेय, रामानुजन पाण्डेय, श्रीमती भारती पाण्डेय, पुत्र हर्षवर्धन पाण्डेय व परिवार के सभी सदस्य प्रमुख रूप से वेदान्ती जी के प्रिय शिष्य रामकिशोर पाण्डेय,उनके अनुज धीरेंद्र पाण्डेय पुत्री मीनाक्षी पाण्डेय व अभिषेक पाण्डेय सहित सैकड़ो की संख्या में माताएं बहने एवं भक्तगण सम्मिलित हुए।
: निर्वाणी अनी अखाड़ा उतरा विश्वानंद के विरोध में
Mon, Nov 20, 2023
निर्वाणी अनी अखाड़ा के लगभग 2 साै संत अयोध्या से वृंदावन कूच करने का किया आहवान
विश्वगुरु बनाने का अधिकार निर्वाणी अनी अखाड़ा के पूर्व महंत धर्मदास काे किसने दिया, जबकि उनका कार्यकाल समाप्त हाे चुका: श्रीमहंत मुरली दास
अयोध्या। अखिल भारतीय चार संप्रदाय, निर्माेही एवं दिगंबर अखाड़ा के बाद अब निर्वाणी अनी अखाड़ा भी विश्वानंद के विराेध में पूरी तरह उतर चुका है। यह वही विश्वानंद है, जिसे 24 नवंबर को वृंदावन में विश्वगुरु बनाया जा रहा है। इसके विराेध में निर्वाणी अनी अखाड़ा के लगभग 2 साै संताें ने अयोध्या से वृंदावन कूच का आहवान किया है। संताें ने कहा है कि अगर विश्वानंद काे विश्वगुरू बनाया गया। ताे वह 24 नवंबर काे वृंदावन के लिए कूच कर भारी विराेध करेंगे। इस संबंध में रविवार हनुमानगढ़ी परिसर स्थित अपने आश्रम पर प्रेसवार्ता के दाैरान श्रीनिर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास महाराज ने कहा कि विश्वानंद नामक एक व्यक्ति को निर्वाणी अनी के पूर्व महंत धर्मदास द्वारा वृंदावन में विश्व गुरु बनाया जा रहा है। जाे जमर्नी में रहता है ऐसे व्यक्ति काे विश्व गुरु बनाया जा रहा है, जिसकी जानकारी न ताे निर्वाणी अखाड़ा काे है। न ही चतु संप्रदाय और न ही तीनाें अनी अखाड़ाें काे। जबकि वह इस पद के याेग्य नही है। फिर भी उसे विश्वगुरु बनाने का अधिकार निर्वाणी अनी अखाड़ा के पूर्व महंत धर्मदास काे किसने दिया। जबकि उनका कार्यकाल समाप्त हाे चुका है। वह सिर्फ निर्वाणी अनी अखाड़ा के एक आम सदस्य हैं। वर्तमान में मैं अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत पद पर स्थापित हूं। इसलिए पूर्व महंत धर्मदास काे विश्वगुरु, जगद्गुरु, द्वाराचार्य एवं श्रीमहंत चुनने का अधिकार नही है। वह सिर्फ पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के कृपापात्र उत्तराधिकारी संकटमोचन सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास ने कहा कि निर्वाणी अनी अखाड़ा के पूर्व महंत धर्मदास का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत चार कुंभ के लिए हाेते हैं। पूर्व महंत धर्मदास चार कुंभ स्नान कर चुके हैं। उनका कार्यकाल समाप्त है। वर्तमान में मुरली दास महाराज श्रीनिर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत हैं। हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज के शिष्य डॉ. महेश दास ने कहा कि वृंदावन में आयाेजित विश्वगुरु बनाने के कार्यक्रम पर यदि राेक नही लगाया गया। ताे हम अयोध्या के 2 साै संत वृंदावन के लिए कूच करेंगे और वहां पहुंचकर पुरजाेर विरोध दर्ज करायेंगे। प्रेसवार्ता में पहलवान राजेश दास भी माैजूद रहे।