: प्राण प्रतिष्ठा समारोह : सज-धजकर तैयार हुई रामनगरी
Thu, Jan 18, 2024
समारोह से जुड़ी जानकारियां और तस्वीरें आने वाले भक्तों का कर रही स्वागत
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर बने भव्य राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पहले पूरी अयोध्या नगरी सज-धजकर तैयार हो चुकी है और यहां भगवान राम तथा उनके धनुष और बाणों को चित्रित करने वाली कलाकृतियों से सुसज्जित फ्लाईओवर पर लगी स्ट्रीटलाइट और पारंपरिक ‘रामानंदी तिलक’ विषय पर आधारित डिजाइन वाले सजावटी लैंपपोस्ट चहुंओर छटा बिखेर रहे हैं। राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा समोराह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहेंगी। इस महासमारोह में महज चार दिन शेष हैं और अयोध्या की ओर जाने वाली सभी सड़कें धार्मिक भावनाओं में रंग गयी हैं। लखनऊ से अयोध्या जाने वाले राजमार्ग पर जब आप यात्रा करेंगे, तो जगह-जगह राम मंदिर के विशाल पोस्टर लगे हुए पाएंगे। इन पोस्टर पर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तिथि के साथ-साथ ’शुभ घड़ी आई, विराजे रघुराई’ जैसे नारे छपे हुए हैं और इस तरह के पोस्टर से अयोध्या की सड़कें भी अटी पड़ी हैं।
राजमार्ग पर पड़ने वाले ज्यादातर होटल और ढाबों पर अयोध्या आने वाले भक्तों का स्वागत करते हुए बैनर लगे हुए दिखाई दिए, जिनपर भगवान राम की तस्वीर मौजूद थी। इनके अलावा भगवान राम की तस्वीर वाले भगवा झंडों के साथ नये मंदिर की तस्वीरें भी लगी हुई हैं। अयोध्या में प्रवेश करने पर आपको अपने आस-पास की फिजा में आध्यात्मिक अनुभूति का अहसास होता है। अयोध्या में भगवान राम तथा उनके धनुष एवं बाणों को चित्रित करने वाली कलाकृतियों से सुसज्जित फ्लाईओवर पर लगी स्ट्रीटलाइट और पारंपरिक ‘रामानंदी तिलक’ विषय पर आधारित डिजाइन वाले सजावटी लैंपपोस्ट चहुंओर छटा बिखेर रहे हैं। ’रामानंदी तिलक’ माथे पर दो खड़ी सफेद रेखाओं के बीच केंद्र में एक लाल पट्टी बनाकर तैयार किया जाता है और भगवान राम के भक्त आमतौर पर इस प्रकार का तिलक लगाना पसंद करते हैं। कई स्थानीय निवासियों और अन्य स्थानों से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के माथे पर यह तिलक लगा हुआ देखा जा सकता है। अयोध्या शहर में राम पथ और धर्म पथ दो मुख्य रास्ते हैं, जो इस वक्त आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, विशेष तौर पर यहां की साजो-सज्जा मनमोहक है। राम पथ, फैजाबाद शहर के सहादतगंज से अयोध्या शहर के नया घाट चौराहे तक 13 किलोमीटर की दूरी वाला मार्ग है। ’’राम पथ और धर्म पथ दो ऐसे मार्ग हैं, जिन्हें आप कला के बेहतरीन नमूने के तौर पर देख सकते हैं। इन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अच्छी तरह से सजाया गया है। इन दोनों सड़कों के किनारे स्थापित सजावटी लैंप पोस्ट के डिजाइन लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए अयोध्या के विकास को दर्शाते हैं।’’ राम पथ और धर्म पथ, ये दोनों मार्ग लता मंगेशकर चौक पर आकर मिलते हैं, जो दिवंगत सुर साम्राज्ञी के नाम पर एक प्रतिष्ठित चौराहा है। यह चौराहा विशाल बैनर और डिजिटल डिस्प्ले से लैस है, जिसपर ’प्राण-प्रतिष्ठा’ समारोह से जुड़ी जानकारियां और तस्वीरें यहां आने वाले भक्तों का स्वागत करती हैं। इतनी ही नहीं कुछ पोस्टर पर ’राम आएंगे’ जैसी पंक्तियां भी लिखी हुई हैं। धर्म पथ के दोनों छोरों पर ’सूर्य स्तंभ’ स्थापित किए गए हैं, जो इस मार्ग की भव्यता को बढ़ा रहे हैं, जबकि मार्ग के शुरू और समाप्ति पर ’रामानंदी तिलक’ और अन्य प्रतीक वाले डिजाइन वाले सजावटी लैंप पोस्ट इस मार्ग की शोभा बढ़ा रहे हैं, यही वजह है कि यहां आने पर आध्यात्मिक अनुभूति का अहसास होता है। शाम तक, सड़क के दोनों किनारों और धर्म पथ के बीचोबीच (डिवाइडर) स्थित ये अनुकूलित लैंप पोस्ट और सूर्य-थीम वाले स्तंभ, चालू होने पर, एक चमकदार तस्वीर पेश करते हैं। शाम होते-होते सड़क के दोनों किनारों और धर्म पथ के मध्य किनारे पर लगे ये लैंप पोस्ट और सूर्य-थीम वाले खंभे जब रोशनी से जगमगाते हैं तो किसी का भी मनमोह लेते हैं। इस मुख्य सड़क के किनारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीरें और उनके ’विकास और विरासत’ के संदेश वाले कई पोस्टर भी लगे हुए हैं। राम पथ के किनारे बने बस स्टैंड को भी रामायण पर आधारित कलाकृतियों से सजाया गया है। ये कलाकृतियां राहगीरों का ध्यान आकृष्ट कर रही हैं।
: राम की पैड़ी पर 4000 महिलाओं ने किया दुखदुरिया माता का पूजन
Thu, Jan 18, 2024
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सकुशल संपन्न हो और पूरे विश्व में सुख शांति हो सनातन धर्म का परचम लहरा इस उद्देश्य से माता का किया पूजन अर्चन
अयोध्या। पूरे 1 वर्ष में चार नवरात्रों पढ़ते हैं दो नवरात्र सभी को मालूम है और दो गुप्त नवरात्र होते हैं उसमें से एक गुप्त नवरात्र पौष मास के शुक्ल पक्ष में पड़ता है जिसे शाकंभरी नवरात्र कहते हैं और इस नवरात्र के प्रथम दिन बृहस्पतिवार को प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर श्री राम जन्मभूमि परिसर में प्रभु श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो इसके लिए अयोध्या के महापौर तीन कलसा तिवारी मंदिर के महंत गिरीश पति त्रिपाठी की धर्मपत्नी अयोध्या नगर निगम की प्रथम महिला समाज सेविका वशिष्ठ फाउंडेशन की सचिव राजलक्ष्मी त्रिपाठी के संयोजन में राम की पैड़ी पर 4000 महिलाओं ने एक साथ अवसान मैया अर्थात दुखदुरिया माता का पूजन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सकुशल संपन्न हो और पूरे विश्व में सुख शांति हो सनातन धर्म का परचम लहरा इस उद्देश्य से माता का पूजन अर्चन किया।
अयोध्या धाम में महिलाओं का यह कार्यक्रम वशिष्ठ फाउंडेशन शैक्षिक एवं सामाजिक वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान किया गया जिसमें 15-15 की टोली में 251 समूह में 4000 महिलाओं ने मैया का एक साथ विधि विधान पूर्वक पूजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ तीन कलसा तिवारी मंदिर के महंत अयोध्या नगर निगम के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने किया और कहा कि हमारे सनातन धर्म में अवसान माता की पूजन का बड़ा विधान है और ऐसा मानना है की माता से जो भी कामना की जाती है वह पूर्ण होती है यहां उपस्थित सभी बहनों ने विश्व शांति की प्रार्थना की रामला के लिए यह पूजा आयोजन की गई इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक ने इस कार्यक्रम में सहभागी बनी माता का पूजन किया और कहा कि हम सभी भारतवासियों के लिए 22 जनवरी सबसे बड़ा दिन है हम सभी की मनोकामना पूर्ण हो रही है प्रभु श्री राम भव्य मंदिर में विराजमान हो रहे है इस अवसर पर हम बहनों ने अवसान माता की पूजा कर सुख समृद्धि और शांति की कामना की।कार्यक्रम की संयोजक राजलक्ष्मी त्रिपाठी ने सभी बहनों का आभार व्यक्त किया और कहा की सभी ने एक साथ मां सरयू के पावन तट पर राम की पहली पर उपस्थित हुई रामलला के लिए माता की पूजा की हम सभी आज से ही 22 जनवरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जब प्रभु अपने मंदिर में विराजमान हो जाएंगे और हम सब बहाने उनका दर्शन पूजन करेंगे नए भव्य मंदिर में। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रोली सिंह, श्रीमती आभा सिंह, सीमा तिवारी, सरिता सिंह, आंचल मिश्रा, रूबी पोद्दार, सुभाषनी अवस्थी, पूर्व पार्षद बिंदु सिंह, प्रियंका अवस्थी, अमिता अवस्थी, कुसुम यादव, प्रीति पाठक, नेहा मौर्या, नीलम चौधरी, सीमा गौतम, प्रेरणा त्रिपाठी, रंजना शुक्ला, रूपम गुप्ता, सपना गुप्ता, स्वाति पांडे, गार्गी त्रिपाठी आदि हजारों महिलाएं उपस्थिति रही।
: गर्भगृह में विराजित हुई रामलला की नई प्रतिमा
Thu, Jan 18, 2024
प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही मिल सकेंगे दर्शन
अयोध्या। भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की नई प्रतिमा विराजित हो गई है। हालांकि इसे अभी देखा नहीं सकेगा। 22 जनवरी को प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हो जाने के बाद ही उस दिव्य और विराट मूर्ति के दर्शन हो सकेंगे। बुधवार को देर शाम वह प्रतिमा मंदिर परिसर लाई गई थी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का विधिवत कर्मकांड गुरुवार को गणेश पूजन के साथ शुरू हो गया है। शुभ मुहूर्त में दोपहर 1ः20 बजे गणेश पूजन के साथ प्राण प्रतिष्ठा के पूजन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं बुधवार को रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे रामलला को अपने आसन पर विराजमान कर दिया गया है। गर्भगृह में कमल की आकृति वाले संगमरमर के सिंहासन पर रामलला की अचल मूर्ति को वैदिक आचार्यों ने विधिविधान पूर्वक विराजित कर दिया है। पूजन के क्रम में सबसे पहले गणेश अंबिका पूजन फिर वरुणपूजन, चतुर्वेदोक्त पुण्याहवाचन, मातृकापूजन, वसोर्धारापूजन (सप्त घृत मातृका पूजन) हुआ। इसके बाद आयुष्य मंत्रजप, नांदीश्राद्ध, आचार्यादिचऋत्विग्वरण, मधुपर्कपूजन हुआ। इसके बाद पूजन के लिए बनाए गए मंडपों की पूजा की गई। इसके लिए मंडपप्रवेश, पृथ्वी- कूर्म- अनंत- वराह-यज्ञभूमि-पूजन, दिग्ररक्षण, पञ्चगव्य - प्रोक्षण, मंडपाङ्ग की विधि पूरी की गई। इसके साथ ही वास्तुपूजन, वास्तु बलिदान, मंडप सूत्रवेष्टन, दुग्ध- धारा, जलधाराकरण की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इसके बाद षोडशस्तंभ पूजन व मंडपपूजा के क्रम में मंदिर के तोरण, द्वार, ध्वज, आयुध, पताका, दिक्पाल, द्वारपाल की पूजा की गई। इसके बाद रामलला की अचल मूर्ति का जलाधि वास,गंधाधिवास कराया गया है। शाम को पहली बार अचल मूर्ति की आरती भी वैदिक आचार्यों ने उतारी है। मुख्य यजमान डॉ़ अनिल मिश्र ने पहले दिन की पूजन प्रक्रिया संपन्न कराई। पूजन के दौरान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी मौजूद रहे।