: राम यात्रा से जीवन यात्रा सर्वोत्तम मार्ग :शक्तिपीठाधिपति
Tue, Nov 7, 2023
राष्ट्रीय संत वसंत विजय महाराज के राम दरबार में सनातन धर्म के मंत्रों की शक्ति का दिखा दिव्य नजारा
भगवान गणेश के 108 नामों का सस्वर पाठ से 5 लाख महालक्ष्मी मंत्र व कुमकुम अर्चन पूजा एवं 50 हजार यज्ञ आहुति का हुआ शुभारंभ
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ हनुमान बाग में दीपावली के पावन अवसर पर श्रीराम राज्याभिषेक महाकथा का समारोह पूर्वक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में प्रथम दिवस रामकथा का प्रसंग व्यासपीठ से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास, हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास व महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलन कर किया। कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से श्री कृष्णागिरी पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम शक्तिपीठाधिपति मंत्र शिरोमणि राष्ट्रीय संत वसंत विजय महाराज ने कि भगवान की कथा मंगलकारी है जो अमंगल का नाश करती है। कथा हमें परमात्मा तक पहुंचाने का सबसे सुगम मार्ग है। इसके द्वारा हमें भगवान का सानिध्य मिलता है। अवधधाम में रामकथा का श्रवण करने और कराने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। वह भी जब भगवान का राज्याभिषेक हो रहा हो। अयोध्या जी में दीपोत्सव के इस पावन अवसर पर ये कार्यक्रम हो रहा है। तो उसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। अमृतमयी श्रीरामकथा के प्रथम दिवस भक्तों को रसास्वादन कराते हुए प्रख्यात रामकथा मर्मज्ञ कथाव्यास व्यासपीठ से कथा कहते है कि भगवान श्रीराम ने पूरी दुनिया को मानवता का पाठ पढ़ाया। हमें भगवान की मर्यादा का पालन करना चाहिए। वसंत विजय महाराज ने कहा किजीव प्रभु राम का अनुसरण करे। उनके बतलाए हुए सच्चाई के मार्ग पर चले। साथ ही उनकी मर्यादा को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करे। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम आ रहे है उसके पहले वसंत जी महाराज आ गये ये बड़ा सौभाग्य का विषय है। अयोध्या में अभूतपूर्व भक्त संत आ रहे है। शिव उपासक वसंत जी महाराज आये है। भगवान का महा राज्याभिषेक होने जा रहा है। आज अयोध्या सज रही है। चारों तरह मंगलध्वनि बज रहा है। हनुमान बाग पीठाधीश्वर महंत जगदीश दास ने कहा कि अयोध्या धाम बड़ी पवित्र नगरी, रोम रोम में राम को बैठाओ तर जाओगे। उन्होंने कहा कि शिव उपासक वसंत विजय जी द्धारा यह दिव्य कार्यक्रम हो रहा है। यहां पर 5 लाख महालक्ष्मी मंत्र व कुमकुम अर्चन पूजा एवं 50 हजार यज्ञ आहुति होगी।महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि आज राम जी का राज्यभिषेक स्थापना की तैयारी पूरी है। आज भगवान का दिव्य दीपोत्सव हो रहा है। आज सनातन धर्म पर टिप्पणी करने वाले देखे वे रहें न रहें सनातन संस्कृति हमेशा रहेगी। आज सनातन धर्म की ध्वजा लेकर अयोध्या आये है वसंत विजय जी। जयघोष कर रहे है। कार्यक्रम में महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, हनुमानगढ़ी के पुजारी संत राजू दास, राजेश महराज, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री मौजूद रहें।
: सद्गुरु कबीर के विचार आज भी प्रासंगिक: जस्टिस सुभाषचंद्र शर्मा
Sun, Nov 5, 2023
अयोध्या। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा शनिवार की देर शाम अयोध्या पहुंचे। जहां वह महाेबरा बाजार स्थित श्रीकबीर धर्म मंदिर जियनपुर गए। वहां मंदिर के संस्थापक रामसूरत साहेब, निर्माणकर्ता उदार साहेब की सामाधि स्थली पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास, मंत्री विवेक ब्रह्मचारी द्वारा न्यायाधीश श्री शर्मा का सद्गुरु कबीर साहेब का चित्रपट, बीजक भेंट एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। कबीर मठ पहुंचकर न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा बहुत ही अभिभूत दिखे। उन्होंने कहा कि हम सब कबीर के अनुयायी और मानने वाले लोग हैं। सद्गुरु कबीर साहेब के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। वह संपूर्ण मानव एकता के पुजारी थे। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों-विसंगतियाें के खिलाफ लड़ाई लड़ी। समाज काे एकसूत्र में पिराेने का काम किय। कबीर साहेब ने अनेकों पद्य की रचना किया। इसके माध्यम से समाज में छुआछूत-भेदभाव काे दूर करने का प्रयास किया गया। संत कबीर दास वाह्य आडंबरों, छुआछूत व सामाजिक कुरीतियों का हमेशा विरोध किया करते थे। उनके बारे में जितना कहा जाए वह कम ही हाेगा। हमें आज सद्गुरू कबीर साहेब से प्रेरणा लेने और उनके बतलाए हुए मार्ग पर चलने की जरूरत है। उन्हीं का अनुसरण करना हाेगा। तभी एक अच्छे समाज की परिकल्पना हाे सकती है। अच्छे समाज का तात्पर्य जहां छुआछूत, भेदभाव, सामाजिक विसंगतियां, वाह्य आडंबर आदि न हाे। श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास ने कहा कि जस्टिस साहब का पूरा परिवार कबीर पंथी एवं अनुयायी है। यह सद्गुरु कबीर काे मानने वाले लोग हैं। कबीर मठ में इनका आगमन हुआ। जाे हम लाेगाें के लिए बहुत ही खुशी की बात है। इस अवसर पर प्राे. अनिल कुमार विश्वकर्मा, पूर्व सदस्य इस्पात मंत्रालय जैस वर्मा, अनुसूचित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग राजेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा, डा. अमित पटेल, समिति के काेषाध्यक्ष निर्मल कुमार वर्मा, उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता मंदीप पांडेय, एडवोकेट अमिताभ श्रीवास्तव, हृदयराम वर्मा, मनाेज तिवारी, साैरभ पांडेय, मुलायम यादव, अजीत यादव, अतुल विश्वकर्मा, दुर्गेश शर्मा, चंद्रगुप्त माैर्य, डा. सुनीता बाैद्ध, अमरनाथ वर्मा, रामप्रकाश दास, अवनीश सिंह, अनूप जायसवाल आदि माैजूद रहे।
: समारोह पूर्वक हुआ श्री रामकिंकर जन्म शताब्दी महोत्सव का समापन
Sun, Nov 5, 2023
रामकिंकर सम्मान तीन मूर्धन्य विद्वानों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में श्री राम के आदर्शों का अनुशीलन करने के लिए दिया गया
डॉक्टर विश्वनाथ कराड, नृपेन्द्र मिश्र राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष,ओपी श्रीवास्तव आईएएस अधिकारी को मिला रामकिंकर सम्मान
अयोध्या। श्रीरामायण आश्रम अयोध्या में श्री रामकिंकर शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 1 नवंबर से पंचदिवसीय शतारंभ दिव्योत्सव मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पांचों दिन अलग अलग प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। आज रामकिंकर सम्मान समारोह 2023 का आयोजन किया गया है। इस वर्ष का रामकिंकर सम्मान तीन मूर्धन्य विद्वानों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में श्री राम के आदर्शों का अनुशीलन करने के लिए दिया गया है। यह विद्वान हैं, प्रथम डॉक्टर विश्वनाथ कराड पूना। डॉक्टर कराड के द्वारा विश्व शांति गुंबद की स्थापना की गई है। भारतवर्ष में निजी क्षेत्र में उच्च शिक्षा विशेष का इंजीनियरिंग शिक्षा की शुरुआत करने का श्रेय डॉक्टर कराड को है। लगभग 70 शैक्षणिक संस्थानों के साथ साथ चार विश्वविद्यालयों की डा कराड़ द्वारा स्थापना की गई है। अनेक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डॉक्टर कराड को विश्व धर्मी उपाधि से भी विभूषित किया गया है। डा कराड़ द्वारा स्थापित विश्वविद्यालयों में एमआईटी विश्वविद्यालय की गणना विश्व के अग्रतम शैक्षणिक संस्थानों में होती है। डॉक्टर कराड के साथ उनके संस्थान के कुलपति मिलिंद पांडे भी उनके साथ अयोध्या पधारे हैं।
इसी प्रकार इस वर्ष प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नृपेन्द्र जी मिश्र को यह सम्मान दिया गया है। ज्ञातव्य हो की श्री नृपेन्द्र मिश्र जी वर्तमान में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं और उनकी देखरेख में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। श्री नरेंद्र मिश्रा सपत्नीक आश्रम में आज उपस्थित होकर सम्मान प्राप्त किया। इस अवसर पर श्री मिश्रा ने युगतुलसी महाराज श्री रामकिंकर की शोधपरक कथा और उनकी अनूठी प्रस्तुति का भावपूर्ण स्मरण किया।
इस कड़ी में तीसरे विद्वान मध्य प्रदेश शासन में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओपी श्रीवास्तव दंपति को रामकिंकर सम्मान दिया गया है। ओ पी श्रीवास्तव ने मानस शब्द नाम का एक वृहद ग्रंथ तैयार किया है जिसमें श्री रामचरितमानस में उपयोग किए गए प्रत्येक शब्द का अर्थ और उसका संदर्भ समझाया गया है। यह पुस्तक पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
कार्यक्रम के अंत में आश्रम की अध्यक्ष परम विदुषी दीदी मंदाकिनी श्रीरामकिंकर जी ने अपना अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए श्री रामायण आश्रम की विभिन्न आगामी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया एवं इस कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया। इस प्रकार इस पंचदिवसीय शतारंभ दिव्योत्सव की आज पूर्णाहुति हो हो गई। श्री रामकिंकर जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत वर्ष पर्यंत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम श्री रामायण आश्रम द्वारा देश के विभिन्न शहरों में भी आयोजित करने का प्रस्ताव है जिनकी जानकारी समय-समय पर भक्तों को दी जायेगी।