Sunday 23rd of August 2026

ब्रेकिंग

हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास के नाती शिष्य पुजारी राजन दास ने संतों का किया सम्मान

गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

जानकी घाट  स्थित चारुशिला मंदिर में संतों ने की बैठक, अध्यक्षता चारुशिला मंदिर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम-सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी का पंचामृत से अभिषेक; दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालों ने मोहा मन

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: हिन्दूधाम में श्रीमद् भागवत कथा का छाया उल्लास

बमबम यादव

Sun, Nov 26, 2023

ब्रह्मर्षि डा. राम विलास वेदांती महाराज ने कंस वध, गोपी उद्धव संवाद के साथ रुकमणी विवाह का विस्तार से वर्णन किया

अयोध्या। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित हिन्दूधाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे सोपान में ब्रह्मर्षि डा. राम विलास वेदांती महाराज ने व्यासपीठ से श्रीकृष्ण भगवान की लीलाओं में कंस वध, गोपी उद्धव संवाद के साथ रुकमणी विवाह का विस्तार से वर्णन किया। जिसको सुनकर संत महंत और श्रोता गण मंत्रमुग्ध हो गए। ब्रह्मर्षि वेदांती महाराज ने बताया कि भगवान विष्णु के श्रीकृष्ण अवतार के रूप में पृथ्वी लोक पर अवतरित होने के प्रमुख कारणों में से एक कारण कंस वध भी था। क्योंकि कंस के अत्याचार से पृथ्वी जब त्राहि-त्राहि करने लगी तब सिंह, लोग भगवान से गुहार लगाने लगे और भगवान श्री हरि श्रीकृष्ण के रूप में पृथ्वी पर अवतरित हुए और 11 वर्ष की अल्प आयु में मामा कंस के मथुरा पहुंच कर कंस का वध किए और पृथ्वी को उनके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई और अपने नाना अग्रसेन महा- राज को सिंहासन पर बिठाया। ब्रह्मर्षि वेदांती भगवान कृष्ण और रुक्मणि का विवाह का वर्णन करते हुए बताया कि रुक्मणि जिन्हें माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। कथा का संचालन ब्रह्मर्षि वेदांती महाराज के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत राघवेश दास वेदांती महाराज ने की। अंत में मुख्य यजमान ने आरती उतारी संतों में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य यजमान ताराशंकर पाण्डेय, भानुमती पाण्डेय, मनोज पाण्डेय, स्वेता पाण्डेय, यश वर्धन पाण्डेय, रामानुज पाण्डेय, भारती पाण्डेय, हर्षवर्धन पाण्डेय रामकिशोर पाण्डेय, अविनाश पाण्डेय, अनामिका पाण्डेय, भारती पाण्डेय, धीरेन्द्र पाण्डेय, दीपिका पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय, साक्षी पाण्डेय ने पूजन कर कथा का श्रवण किए।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें