Saturday 22nd of August 2026

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हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास के नाती शिष्य पुजारी राजन दास ने संतों का किया सम्मान

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9 दिवसीय अखंड पाठ की पूर्णाहुति, विशाल भंडारे में संतों का हुआ अभिनंदन : हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास के नाती शिष्य पुजारी राजन दास ने संतों का किया सम्मान

9 दिवसीय अखंड पाठ की पूर्णाहुति, विशाल भंडारे में संतों का हुआ अभिनंदन

हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास के नाती शिष्य पुजारी राजन दास ने संतों का किया सम्मान

अयोध्या। रामनगरी के प्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास जी महाराज के नाती शिष्य पुजारी राजन दास के नवनिर्मित भवन का भव्य उद्घाटन धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हुआ। इस अवसर पर नौ दिवसीय अखंड रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया, जिसकी शनिवार को विधि-विधान से पूर्णाहुति हुई। पाठ के समापन पर संतों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। पुजारी राजन दास ने आए हुए संत-महंतों का अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।

पुजारी राजन दास हनुमानगढ़ी की बासंतिया पट्टी से जुड़े हैं। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में नागा साधु-संतों और महंतों ने सहभागिता की।

निर्वाणी अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास ने कहा कि रामचरितमानस का अखंड पाठ समाज में भक्ति, संस्कार और सद्भाव का संदेश देता है। ऐसे आयोजन संत परंपरा को मजबूत करने के साथ ही नई पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ते हैं।

बासंतिया पट्टी से जुड़े महंत गौरीशंकर दास ने कहा कि रामनाम और संत सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। पूज्य गद्दी नशीन रहें श्रीमहंत दीनबंधु दास जी महाराज के नाती शिष्य हैं पुजारी राजन दास ने संतों के सम्मान और सेवा की जो परंपरा निभाई है, वह सराहनीय है।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संकट मोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि रामनगरी में धार्मिक अनुष्ठानों और संत सेवा की परंपरा सदियों पुरानी है। संतों का सम्मान करना सनातन संस्कृति की पहचान है।

हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा. महेश दास ने कहा कि अखंड रामचरितमानस पाठ से वातावरण भक्तिमय हो गया। भगवान श्रीराम की कृपा से सभी के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आए, यही कामना है।

हरिद्वारी पट्टी के भावी महंत राजेश दास पहलवान ने कहा कि संतों का आशीर्वाद और रामचरितमानस का पाठ समाज को धर्म और मर्यादा के मार्ग पर आगे बढ़ाता है। ऐसे आयोजन अयोध्या की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करते हैं। व्यवस्था में उपेंद्र दास, सूर्य भान दास, पहलवान मनीराम दास लगे रहें।

इस अवसर पर बासंतिया पट्टी के महंत रामचरण दास, सागरिया पट्टी के श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज के उत्तराधिकारी महंत संजय दास, महंत बलराम दास, सरपंच महंत रामकुमार दास, श्रृंगी ऋषि आश्रम पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास, पुजारी दिंगपाल दास, उपेंद्र दास, विवेक दास, सूर्यभान दास, पहलवान मनीराम दास, लवकुश दास, अभय दास, राजकुमार दास, अंबिका दास, अभिषेक दास सहित बड़ी संख्या में संत-महंत मौजूद रहे।

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