Monday 17th of August 2026

ब्रेकिंग

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व व श्रृंगी ऋषि आश्रम

रंग महल में झूले पर विराजे अवधविहारी-विहारिणी को पुष्पों एवं पुष्पलड़ियों से इस कदर आच्छादित किया गया कि फूल-बंगला बन गया

23वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में दिगंबर अखाड़ा में श्रद्धा, स्मृति और भक्ति का त्रिवेणी संगम हुआ

महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर हनुमानगढ़ी और नंदिनी नगर तक जगह-जगह हुआ अभिनंदन, संतों, जनप्रतिनिधियों

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

तिरंगे के रंग में रंगे भगवान स्वामी नारायण, भक्ति संग देशभक्ति का दिखा : स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

तिरंगे के रंग में रंगे भगवान स्वामी नारायण, भक्ति संग देशभक्ति का दिखा अद्भुत संगम

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

अयोध्या। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या के रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भक्ति और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान राधाकृष्ण एवं स्वामी नारायण जी का तिरंगा थीम पर भव्य और विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को केसरिया, सफेद और हरे रंग के आकर्षक वस्त्रों व दुपट्टे से सजाया गया। वहीं मंदिर के चारों कोनों पर लगाए गए छोटे-छोटे तिरंगे झंडे इस दिव्य सजावट की शोभा बढ़ा रहे थे।

सुबह से ही भगवान के मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जैसे ही श्रद्धालुओं ने तिरंगे के रंगों में सजे भगवान स्वामी नारायण के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए, हर कोई भावविभोर हो उठा। मंदिर परिसर देशभक्ति के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

छप्पया में जन्मे घनश्याम से सहजानंद स्वामी तक की प्रेरक गाथा

स्वामीनारायण संप्रदाय की परंपरा में भगवान स्वामीनारायण का विशेष स्थान है। उन्हें सहजानंद स्वामी के नाम से भी जाना जाता है। वैष्णव परंपरा से जुड़े इस संप्रदाय में भगवान श्रीकृष्ण को सर्वोच्च आराध्य माना जाता है। भगवान स्वामीनारायण ने आध्यात्मिक चेतना के साथ समाज सुधार और सेवा को भी अपने जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाया।

परंपरा के अनुसार छप्पया में जन्मे घनश्याम के पिता हरिप्रसाद और माता भक्तिदेवी ने उन्हें बचपन से ही संस्कार और धार्मिक शिक्षा प्रदान की। बाल्यकाल में ही उन्होंने विभिन्न शास्त्रों का अध्ययन कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। माता-पिता के निधन के बाद महज 11 वर्ष की आयु में उन्होंने गृहत्याग कर देशभर में भ्रमण प्रारंभ किया।

लगभग सात वर्षों तक देश के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण के दौरान वह नीलकंठ वर्णी के नाम से प्रसिद्ध हुए। इसके बाद स्वामी रामानंद से दीक्षा प्राप्त कर सहजानंद स्वामी बने और उन्हें संप्रदाय का आचार्य पद प्राप्त हुआ। गुजरात पहुंचकर उन्होंने स्वामीनारायण संप्रदाय को संगठित किया तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने, धर्म और सेवा की भावना को मजबूत करने का कार्य किया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री नर नारायण देव पीठ, अहमदाबाद के आचार्य प्रवर 1008 श्री कौशलेंद्र प्रसाद जी महाराज, बड़े महाराज श्री तेजेंद्र प्रसाद जी एवं भावी आचार्य श्री बृजेंद्र प्रसाद जी महाराज के पावन आदेशानुसार भगवान का विशेष तिरंगा श्रृंगार किया गया।

महंत स्वामी श्री शास्त्री नारायण बल्लभ दास जी महाराज के सानिध्य में स्वतंत्रता दिवस को उत्सव के रूप में मनाया गया। मंदिर में दिनभर श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा। तिरंगे के रंगों में सजे भगवान स्वामी नारायण का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें