तेरह भाई त्यागी आश्रम में व्यवस्थाओं को लेकर विवाद, संतों में आरोप : महंत सुनील दास ने श्रीमहंत बृजमोहन दास पर कार्यों में बाधा डालने का लगाया आरोप, समिति अध्यक्ष ने किया समर्थन; प्रशासन से
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Mon, Oct 5, 2026
तेरह भाई त्यागी आश्रम में व्यवस्थाओं को लेकर विवाद, संतों में आरोप-प्रत्यारोप
महंत सुनील दास ने श्रीमहंत बृजमोहन दास पर कार्यों में बाधा डालने का लगाया आरोप, समिति अध्यक्ष ने किया समर्थन; प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
अयोध्या। रामनगरी स्थित अखिल भारतीय श्रीपंच तेरह भाई त्यागी खाक चौक आश्रम में व्यवस्थाओं और मरम्मत कार्यों को लेकर संतों के बीच विवाद गहरा गया है। आश्रम तेरा स्थान में से एक स्थान का देखरेख और निर्माण कार्यों को लेकर महंत सुनील दास और श्रीमहंत बृजमोहन दास के बीच मतभेद सामने आए हैं। महंत सुनील दास ने श्रीमहंत बृजमोहन दास पर साफ-सफाई, लिपाई-पुताई और मरम्मत कार्यों में बाधा डालने तथा विरोध करने का आरोप लगाया है। वहीं, आश्रम से जुड़े संतों ने व्यवस्थाओं को लेकर अपना पक्ष रखा है। मामले में आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।महंत सुनील दास का कहना है कि श्रीबर्फानी दादा जी के शिष्य महंत बाल योगी लक्ष्मण दास महाराज ने उन्हें आश्रम की देखरेख और व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अधिकारी नियुक्त किया है। इसके बाद वह आश्रम में साफ-सफाई, लिपाई-पुताई, प्लास्टर और आवश्यक मरम्मत कार्य करा रहे हैं। उनका आरोप है कि इन कार्यों को लेकर श्रीमहंत बृजमोहन दास की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। महंत सुनील दास ने गाली-गलौज करने और लाठी-डंडे से डराने का भी आरोप लगाया है।महंत सुनील दास के मुताबिक, विवाद को लेकर वह थाना, क्षेत्राधिकारी, चौकी प्रभारी और एसएसपी स्तर पर शिकायत कर चुके हैं। उनका दावा है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आश्रम में पूर्व में रह रहे संत रामशरण दास के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।अखिल भारतीय श्रीपंच तेरह भाई त्यागी संत सेवा समिति के अध्यक्ष महंत राम लखन दास त्यागी ने कहा कि आश्रम की संपत्ति किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पंच की सामूहिक संपत्ति है। भोजनालय समेत आश्रम की अन्य सुविधाएं संतों के उपयोग के लिए हैं। उन्होंने कहा कि महंत सुनील दास की ओर से कराए जा रहे साफ-सफाई, लिपाई-पुताई और मरम्मत के कार्य जनहित से जुड़े हैं। समिति को इन कार्यों पर आपत्ति नहीं है और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें सहयोग दिया जाना चाहिए।महंत राम लखन दास ने बताया कि तेरह भाई त्यागी परंपरा में 13 श्रीमहंत और उनके अधीन बड़ी संख्या में महंत जुड़े हैं। धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान आश्रम में संतों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में आश्रम की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखना आवश्यक है।महंत परमेश्वर दास ने बताया कि बर्फानी दादा 13 महंतों में से एक थे। उनके बाद उनके शिष्य महंत लक्ष्मण दास व्यवस्था देखते रहे। उनका कहना है कि वर्तमान में महंत सुनील दास की ओर से आश्रम में प्लास्टर, मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। इन्हीं कार्यों को लेकर विरोध की स्थिति बनी है। उनके अनुसार आश्रम की देखरेख और समय-समय पर मरम्मत जरूरी है।
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