: निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है: वशिष्ठपीठाधीश्वर
Wed, Nov 22, 2023
पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित हिंदू धाम में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की रसधार
अयोध्या। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित हिंदू धाम में श्रीमद् भागवत कथा के द्धितीय दिवस पर वशिष्ठपीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदांती महाराज ने कहा कि सत्यं परमं धीमहि इस संसार में एक ईश्वर ही सत्य है जो दिख रहा है वह केवल वह प्रभु की माया है। भागवत की उत्पत्ति के बारे में बताया सुखदेव भगवान को श्री व्यास जी महाराज ने भागवत को प्रदान किया वही भागवत कथा आज हम सब को सुनने को मिल रही है। वेदांती जी ने बताया कि परमात्मा इस संसार में अपने भक्तों की रक्षा के लिए अनेक, अनेक अवतार लेकर आते भागवत में चौबीस अवतारो के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार रहते है। उदाहरण में पांडवो के लिए भगवान सारथी बने। महाभारत की कथा में के बारे में भी महाराज जी ने कहा कि कौरव और पांडवों के युद्ध में विजय सत्य की ही होती है। जिसके रक्षक प्रभु होते हे उसे इस संसार में कोई नहीं हरा सकता। वेदांती जी ने पांडवों की कथा को बताया अपने कल्याण के लिए परमात्मा की भक्ति ही एक उपाय हे भक्ति को दो प्रकार की बताया निष्काम भक्ति और सकाम भक्ति। निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है। श्रीमद् भागवत कथा का संयोजन वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत राघवेश दास वेदांती महाराज कर रहें है। कथा के शुभारंभ पर मुख्य यजमान मुख्य यजमान ताराशंकर पाण्डेय सपत्नीक एवं उनके पुत्र द्वय मनोज पाण्डेय एवं श्री मती स्वेता पाण्डेय पुत्र यश वर्धन पाण्डेय रामानुजन पाण्डेय श्रीमती भारती पाण्डेय पुत्र हर्षवर्धन पाण्डेय व परिवार के सभी सदस्य प्रमुख रूप से वेदान्ती जी के प्रिय शिष्य रामकिशोर पाण्डेय,उनके अनुज धीरेंद्र पाण्डेय पुत्री मीनाक्षी पाण्डेय व अभिषेक पाण्डेय ने आरती उतारी और प्रसाद वितरण किया गया।
: श्रीसीताराम नाम जप महायज्ञ का हुआ भूमि पूजन एवं ध्वजारोहण
Wed, Nov 22, 2023
14 से 25 जनवरी तक होगा श्रीसीताराम नाम जप महायज्ञ,21000 नाम जापक, 1000 शिवलिंग की होगी स्थापित
1100 दम्पत्ति 100 कुंडो में नव दिवसीय तक रामनाम मंत्र से करेंगे हवन व 10,0000 श्रद्धालुओं करेंगे नित्य भोजन
अयोध्या। राम नगरी में विश्व कल्याणार्थ श्री सीताराम नाम जप महायज्ञ परम तपस्वी संत आत्मानंद दास महात्यागी नेपाली बाबा संयोजन में अक्षय नवमी सोमवार को 14 से 25 जनवरी तक आयोजित श्रीसीताराम नाम जप महायज्ञ का मां सरयू के पावन धारा रामघाट बाई पास में हुआ भूमि पूजन एवं ध्वजारोहण। महायज्ञ में 21000 नाम जापक 1000 शिवलिंग स्थापित करके करेंगे श्री सीताराम नाम जप और 1100दम्पत्ति 100कुंडो में नव दिवसीय तक रामनाम मंत्र से करेंगे हवन और साथ-साथ 1 लाख श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
महंत धर्मदास प्राण ने कहा कि प्रतिष्ठा महोत्सव भारतवर्ष का गौरव इसी के उपलक्ष मे सरयू के पावन धरा में श्री सीताराम नाम जप महायज्ञ विश्व कल्याणार्थ हो रहा है। रामजी को लेकर के सभी लोग उत्साहित है और सभी लोग अपने-अपने स्थान पर उत्सव मना रहे हैं। नाम जप कर रहे है।राम घाट को बालू घाट ना लिखा जाय। नेपाली बाबा के उत्तराधिकारी हंसराज दास नागा बाबा ने बताया कि 14 जनवरी से 25 जनवरी तक प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव की अवसर पर महायज्ञ होगा और 21 हजार नाम जापक नेपाल से आएंगे और महा यदि होगा। नागा सूरज दास, महंत सुरेन्द्र गिरि महाराज,भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव,पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्यक्ष, चंद्रमा यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
: भगवान श्रीराम और सीता को सोने का मुकुट,छत्र,कुंडल और हार पहनायेंगे सीएम योगी
Wed, Nov 22, 2023
कोटा के 7 कारीगरों ने इन आभूषणों को 15 दिनों में तैयार किया
बड़ा भक्तमाल तपस्या की दृष्टि से अयोध्या का परम वैभवशाली आश्रम है, यहां निरंतर भगवान और उनके भक्तों के साथ गो सेवा का प्रकल्प समृद्ध रहा है: रसिक पीठाधीश्वर
अयोध्या। 24 नवंबर को रामनगरी के बड़ा भक्त माल मंदिर के साकेतवासी आचार्य रामशरण दास की पुण्यतिथि में शामिल होने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ आऐंगे अयोध्या। वे इस अवसर पर मंदिर के गर्भगृह में विराजमान भगवान श्रीराम और सीता को सोने का मुकुट,छत्र,कुंडल और हार आदि अपने हाथों से पहनाऐंगे। बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर स्वामी महंत अवधेश कुमार दास ने बताया कि कोटा के 7 कारीगरों ने इन आभूषणों को 15 दिनों में तैयार किया है। उन्होंने कहा कि हमारा इस संसार में कुछ भी नहीं है। सब कुछ उस परमात्मा का दिया हुआ ही है। ये सब तो उन्हीं का दिया हुआ ही उसे समर्पित कर रहे हैं। यह जो हमारा संकल्प और प्रयास है। उसके पीछे भी भगवान सीताराम की ही शक्ति है। बड़ा स्थान जानकी घाट रसिक पीठाधीश्वर महंत जनमेजय शरण महाराज ने कहा कि बड़ा भक्तमाल तपस्या की दृष्टि से अयोध्या का परम वैभवशाली आश्रम है। यहां निरंतर भगवान और उनके भक्तों के साथ गो सेवा का प्रकल्प समृद्ध रहा है। सीएम योगी आदित्ययनाथ महाराज का अयोध्या और आश्रम के वयोवृद्ध महंत से गहरा लगाव है। वे अयोध्या आने पर उनका हाल लेने जरूर आश्रम आते हैं। यह सीएम का संतों के प्रति लगाव है। उनकी इस कृपा के लिए हम अयोध्या के संत उनके आभारी हैं।
बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश कुमार दास ने बताया कि भगवान के सोने का मुकुट और कुंडल आदि को मंदिर से जुड़े भक्तों के सहयोग से तैयार कराया गया है। इसके लिए उनके हाथ में पड़ी सोने की अगूंठी देख कर विचार आया। विचार यह हुआ कि शरीर शांत होने पर यह अंगूठी निकाल कर लोग ले लेंगे। हाथ से नहीं निकलेगा तो काट कर निकाल लेंगे।उन्होंने बताया कि शरीर की नश्वरता का आत्म बोध होने के बाद से यह संकल्प था जो कि भक्तों के सहयोग से पूरा होने जा रहा है। इस आभूषणों के निर्माण में चांदी के साथ एक किलो से ज्यादा सोना लगा है। राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी संत और बड़ा भक्तमाल के बड़े महंत कौशल किशोर दास की इच्छा पर सीएम योगी आदित्यनाथ 24 नंवबर के कार्यक्रम में पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक घंटे का समय देंगे।