: चौड़ीकरण को लेकर डीएम ने भवन स्वामियां से किया संवाद
Thu, Oct 19, 2023
श्रद्वालुओं के आवागमन को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा मार्गों का चौड़ीकरण
अयोध्या। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने अयोध्या धाम आने वाले श्रद्वालुओं/पर्यटकों को अयोध्या के विभिन्न धार्मिक एवं पौराणिक मठ-मंदिरों एवं ऐतिहासिक स्थलों तक आवागमन की सुचारू सुविधायें सुगमता से उपलब्ध कराये जाने हेतु विभिन्न मार्गो/गलियों के चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण किये जाने के दृष्टिगत सम्बंधित मार्गो/गलियों का भ्रमण कर उससे प्रभावित भवन/भू-स्वामियों से वार्ता की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य मार्गो/गलियों के किनारे स्थित भू-भवन स्वामियों से संवाद एवं सामांजस्य स्थापित करके उनकी सहमति से अधिक से अधिक गलियों का चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कर श्रद्वालुओं को आवागमन की बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने बताया कि अयोध्या के 51 गलियों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा चुका है। नगर निगम क्षेत्र की 181 गलियों को भी बेहतर किये जाने संबंधी कार्य प्रगति पर है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित सिंह व सम्बंधित संतों एवं भवन स्वामियों के साथ चौड़ीकरण से सम्बंधित गलियों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि श्रीराम चिकित्सालय से जन्मभूमि पथ को जोड़ने वाले मार्ग तथा भक्ति पथ पर राम गुलेला के पास से जन्मभूमि पथ को जोड़ने वाले को 12 मीटर किये जाने का कार्य स्वीकृति हो चुका है। इसके सम्बंध में सम्बंधित भवन स्वामियों/भू-स्वामियों से वार्ता की गयी। इसी के साथ ही हनुमानगढ़ी के निकास द्वार से जन्मभूमि पथ तक श्रद्वालुओं के सुचार आवागमन हेतु 12 मीटर चौड़ा मार्ग बनाया जायेगा। इसके सम्बंध में भी सम्बंधित संतों एवं भू-स्वामियों से वार्ता की गयी। इस अवसर पर उपस्थित सभी संतों एवम् भू स्वामियों द्वारा सहमति व्यक्त किया तथा जिस पर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड 4 को शीघ्र कार्य प्रारंभ है करने हेतु निर्देशित किया गया।
: भगवताचार्य की रामलीला में वनगमन और निषाद मिलन का हुआ मंचन
Thu, Oct 19, 2023
भगवान राम ने जैसे ही वन के लिए प्रस्थान किए तो लीलाप्रेमियों की आंखों से आंसू छलक पड़े
अयोध्या। राम को चौदह वर्ष का वनवास और भरत को राज्य का वरदान कैकेयी ने मांगा तो दशरथ के होश उड़ गए। उनकी खुशियों पर मानों वज्रपात हो गया। भगवान राम ने जैसे ही वन के लिए प्रस्थान किए तो लीलाप्रेमियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। रामनगरी के भगवताचार्य स्मारक सदन की ऐतिहासिक रामलीला के सातवें दिन वनगमन और निषाद मिलन की लीला का मंचन हुआ।
रामनगरी की धार्मिक व मर्यादित संत तुलसीदास रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित भगवताचार्य स्मारक सदन की रामलीला में इन दिनों दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। रामलीला के सातवें दिन बुधवार को लीला मंचन के दृश्य में विचारमग्न सीता को देख भगवान राम कहते हैं कि यह समय सोचने का नहीं है। शीघ्र वन चलने की तैयारी करो। सीता अपनी सास कौशल्या का पैर पकड़कर कहती हैं कि मैं बहुत ही अभागन हूं। जब सेवा करने का मौका आया तब वन जाना पड़ रहा है। कौशल्या ने सीता को आशीर्वाद दिया। उधर, राम के वन जाने की खबर सुनकर लक्ष्मण आते हैं और वह भी पिता दशरथ से वन जाने की आज्ञा मांगते हैं। दशरथ जी सीता से कहते हैं कि वन में तुम्हें बहुत कष्ट होगा। तुम वहां कैसे रहोगी। सीता संकोचवश कोई उत्तर नहीं दे पातीं। इतने में कैकेयी तिलमिलाती हुई आती हैं और मुनियों का वस्त्र राम के आगे रख देती हैं। कैकेयी राम से कहती हैं कि तुम राजा के प्राण हो तुम्हारा शील और स्नेह छोड़ने से वो डरते हैं। कैकेयी की यह बात राजा दशरथ को बाण की तरह लगती है। राम वशिष्ठ के पास पहुंचकर सबको विकल देख समझाते हैं। कहते हैं कि सब लोग महाराज की सेवा करते रहिएए हम शीघ्र आएंगे। राम वन की ओर निकल पड़ते हैं। सुमंत रथ लेकर राम को बैठाने के लिए जाते हैं लेकिन सबको वापस होना पड़ता है। राम के बिना अयोध्या सूनी हो जाती है। भगवान की पहली रात तमसा नदी के किनारे कटती है। सुबह होने पर राम, सीता और लक्ष्मण शृंगवेरपुर पहुंच जाते हैं जहां पर निषाद से मिलन होता है। स्वरूपों की आरती समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास, समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास, महंत शशिकांत दास,पूर्व मंत्री तेजनारायण पाण्डेय पवन, महंत सत्यदेव दास, महंत कृष्ण कुमार दखस,वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, पहलवान मनीराम दास, पुजारी राजन दास ने उतारी।
श्री चित्रकूट रामलीला के आठवें दिन भरत जी भगवान राम को मनाने पहुंचे। दोनों भाईयों के मिलन को देखकर सभी की आंखें सजल हो उठीं। राम को देखते ही भरत उनके चरणों में गिर पड़े। भगवान राम ने भरत को उठाकर हृदय से लगाया। पिता की मृत्यु का समाचार सुनकर भगवान राम दुखी होते हैं। महर्षि वाल्मिकी उन्हें शोक ना करने का उपदेश देते हैं। स्वरूपों की आरती पं. मुकुंद उपाध्याय ने उतारी। आये हुए अतिथियों का स्वागत समिति के व्यवस्थापक वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, मृदंग वादक राजीव रंजन जी व शिवम श्रीवास्तव जी ने किया।
: हनुमानगढ़ी के सौंदरीकरण का काम हुआ शुरु, निकास द्धार का चौड़ीकरण, लिफ्ट सहित होगे तमाम काम
Tue, Oct 17, 2023
अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा करायेगा भव्य सौंदरीकरण : महंत संजयदास
अयोध्या। रामनगरी की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी का दिव्य भव्य सौंदरीकरण का काम आज से शुरू हो गया। अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव होने जा रहा है। जिसमें करोड़ों रामभक्त अयोध्या आयेंगे ऐसे में उन भक्तों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए रामलला के परम भक्त हनुमानजी का मुख्य मंदिर जो अयोध्या के राजा के रुप से साक्षात विराजमान है। श्री हनुमानगढ़ी का भव्य सौंदरीकरण शुरु हो गया। जिसमें निकास द्धार को विधिवत चौड़ीकरण के साद वृद्ध व दिव्यांगों के लिए लिफ्ट सहित तमाम सुविधाओं को लेकर काम शुरु हो गया है। जिसका विधिवत पूजन आज गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के सानिध्य में हुआ।जिसका पूजन हनुमानगढ़ी के पुरोहित आचार्य संतोष वैदिक जी ने कराया। सौंदरीकरण के रुप में निकास द्धार का चौड़ीकरण, लिफ्ट व किले में कमरों का निर्माण अन्य सौंदरीकरण किया जायेगा। इस सौंदरीकरण में होने वालों खर्च का वहन खुद अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा करेंगे। इस मौके पर महंत रामचरन दास,संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजयदास, महंत रामशंकर दास, महंत नंदराम दास, महंत सत्यदेव दास,महंत बलराम दास, राजेश पहलवान, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, राजन दास, मुख्तार अजय श्रीवास्तव, शिवम श्रीवास्तव आदि मौजूद रहें।