: जनसहभागिता से होगी श्रीराम वन गमन की साइकिल यात्रा : अभिषेक सावंत
Sat, Apr 1, 2023
कहा, श्री राम वन गमन की साइकिल यात्रा का उद्देश्य युवा पीढ़ी को पथ के स्थलों से अवगत करवाना है
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या अपनी पौराणिक,सांस्कृतिक,ऐतिहासिक और श्रीराम मंदिर के भव्य निर्माण के साथ विश्व पटल पर स्थापित होने के लिए तैयार है। समय-समय पर न सिर्फ अयोध्या बल्कि श्रीराम वन गमन पथ से जुड़े स्थलों की खोज और प्रासंगिता के प्रचार-प्रसार के लिए शोधार्थियों का समूह राम गमन पथ पर जाता रहा हैद्य ऐसे में अयोध्या के निवासी अयोध्या डायरी टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष अभिषेक सावंत भी राम गमन पथ की ओर 06 अप्रैल दिन गुरुवार को शोध और अयोध्या के पर्यटन प्रचार-प्रसार के लिए जायेंगे। ऐतिहासिक गुरुद्वारा नजरबाग में एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए अभिषेक सावंत कहते हैं उनकी यात्रा सामाजिक सहयोग से शुरू हो रही है जिसमे “मेरी यात्रा एक रुपए में अयोध्या से रामेश्वरम“ अभियान से लोग उनसे जुड़ सकते है। साइकिल मोबाइल, बैग जैसे जरूरी संसाधन जनसहयोग से मुझे प्राप्त भी हो रहे हैं। वही अयोध्या की कई सामाजिक संस्थाएं भी सहयोग के लिए आगे आ रही है। अभिषेक सावंत की यह यात्रा पर्यटन और पर्यावरण जागरुकता पर केंद्रित होगी, जिसमे सावंत साइकिल से लगभग 5000 किमी की यात्रा करेंगेद्य सांस्कृतिक, ऐतिहासिक कला-विरासत की यह यात्रा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिल नाडु राज्यों के बीच की संस्कृति को भी अयोध्या से जोड़ने का कार्य करेगीद्य यात्रा के पड़ाव में पड़ रहे स्थलों पर श्रीराम जन्म भूमि की मिट्टी से जनसहयोग के माध्यम से रामायणकालीन पौधों का भी पौधरोपण किया जायेगा। अभिषेक सावंत बताते है कि श्री राम वन गमन की साइकिल यात्रा का उद्देश्य युवा पीढ़ी को न सिर्फ अयोध्या बल्कि राम वन गमन पथ के स्थलों से अवगत करवाना है। पर्यटन में जागरूकता के साथ पर्यावरण, नदियों का संरक्षण, कला संस्कृति का संरक्षण जैसे लक्ष्य को लेकर शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं के बीच जाना हैद्य जनसहयोग की अपेक्षा के साथ विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए सामाजिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और लोक कलाकारों के सहयोग से शोध के नए स्वरुप को सफल बनाना है सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यम से यात्रा वृतांत मेरे चैनल पर व्लॉग से दिखाई जाएगी साथ ही “पहिया“ नामक पुस्तक का लेखन भी किया जा रहा है। पहिया यानि की त्रेतायुग से वर्तमान कालचक्र के घटनाक्रम एवं श्रीराम वनों में जिन मार्गों से गुजरे उनके पीछे कई नयी संस्कृतियों के जन्म की खोज का वर्णन भी पुस्तक में प्रकाशित किया जायेगा। अयोध्या नजरबाग गुरुद्वारा में पत्रकारवार्ता में गुरुद्वारा के सेवादार सरदार नवनीत सिंह कहते है कि विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य युग युगांतर से शोध और लेखन के द्वारा होता रहा है। आज के भौतिक युग में जहां हर कोई केवल अपने निजी विकास को लेकर जीविकोपार्जन में लगा है। ऐसे में एक यात्रा के रूप में हमारी संस्कृति, इतिहास, धर्म और भारतीय संकृति के भविष्य को एक सूत्र में पिरोने का कार्य अभिषेक सावंत करने जा रहे है तो मुझे लगता है सभी को बढ़चढ़ कर इनका सहयोग करना चाहिए।
अभिषेक सावंत अयोध्या में 8 वर्षो से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्य कर रहे है। डॉक्टर राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र सभा के सदस्य भी है। विगत कई वर्षों से पर्यटन के क्षेत्र में भी अयोध्या की पौराणिकता और ऐतिहासिकता को तथ्यपूर्ण जानकारियों के साथ देश-विदेश के पर्यटकों को अयोध्या भ्रमण करवाने का भी कार्य कर रहे हैद्य बनारस की संस्था टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन अयोध्या चेप्टर के सह-संयोजक भी अभिषेक सावंत हैद्य जिला प्रशासन के सहयोग से मॉरीशस के राष्ट्रपति, उप्र के पूर्व राज्यपाल राम नाईक, सूबे के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और कई केंद्रीय/राज्य मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों को भी अयोध्या दर्शन करवाने का अनुभव भी सावंत के पास है।
: तोताद्रिमठ में श्रीरामजन्मोत्सव का छाया उल्लास
Sat, Apr 1, 2023
श्रीलक्ष्मी वेंकटेश भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार संग पंचामृत, फलों का रस व सुगंधित औषधियों से किया गया अभिषेक पूजन
अयोध्या। रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ श्रीउत्तर तोताद्रिमठ विभीषणकुंड समेत अन्य मठ-मंदिरों में श्रीरामजन्मोत्सव का उल्लास दूसरे दिन भी छाया रहा। महोत्सव को उत्तर तोताद्रिमठ पीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी अनंताचार्य महाराज ने अपना संयोजकत्व प्रदान किया। रामनवमी पर मठ के गर्भगृह में विराजमान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार संग पंचामृत, फलों का रस व सुगंधित औषधियों से अभिषेक पूजन किया गया। तदुपरांत भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराया और दिव्य श्रृंगार किया। उसके बाद अभिजित मुहूर्त में प्रभु श्रीराम का प्राकट्य हुआ। पूरा मंदिर प्रांगण जनम लिए रघुरैया अवध में बाजे बधइया... से गूंज उठा। साधु-संत एवं भक्तगण खुशी से आहलादित होकर झूमने लगे। भगवान को विविध पकवानों का भोग लगाकर भव्य आरती उतारी गई। उसके बाद साधु- संत व भक्तगणों को प्रसाद वितरण हुआ। इस अवसर पर जगदुरू स्वामी अनंताचार्य महाराज ने बताया कि अयोध्याधाम में रामनवमी का बड़ा ही महत्व है। क्योंकि इस दिन प्रभु श्रीराम ने श्रीअवध धाम में अवतार लिया। जेहि दिन रामजनम श्रुति गावहिं । तीरथ सकल जहां चली आवहिं ।। अर्थात जिस दिन भगवान श्रीराम का जन्म होता है। उस दिन सभी तीर्थ अयोध्या चले आते हैं। पतित पावनी सरयू सलिला में स्नान करते हैं और श्रीरामजन्मोत्सव में सम्मिलित होते हैं। खुद तीर्थों के तीर्थ प्रयागराज जो सभी के पाप धुलते हैं। वह अपना पाप धुलने के लिए स्वयं रामनवमी के दिन अयोध्या आते हैं। पावन सरयू सलिला में स्नान करते हैं और भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव में शामिल होकर जीवन धन्य बनाते हैं। अयोध्या संतों की देवभूमि व नगरी है। जहां संत विराजते हैं एवं रामनाम का गुणगान गाते हैं। इस मौके पर बालदेशिक सोपान ट्रस्ट मैनेजर केशव नारायण दूबे समेत अन्य उपस्थित रहे।
: गुरुद्वारा ने रामनवमी पर श्रद्धालुओं का वितरित किया प्रसाद
Sat, Apr 1, 2023
ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्रीगुरुनानक गोविंदधाम नजरबाग ने श्रद्धालुओं की किया सेवा
अयोध्या। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्रीगुरुनानक गोविंदधाम नजरबाग में भगवान राम के जन्मोत्सव पर परंपरागत रूप से विगत कई वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है। दोपहर 12 बजे घंटे, घड़यालों के अनहद नाद के साथ ही नौमी तिथि मधुमास पुनीता, सुकल पच्छ अभिजित हरि प्रीता की स्वर लहरी से जब पूरी अयोध्या गुंजायमान हुई। तो मानव सेवा का लक्ष्य लेकर चलने वाली संस्था खालसा फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा चेयरमैन व गुरुद्वारा नजरबाग के जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह, सेवादार नवनीत सिंह, समूह सेवादारों, अयोध्या व आसपास की संगत के सहयोग से गुरुद्वारा नजरबाग प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं के लिए हलुवा, चना, जल आदि का लंगर लगाकर सेवा किया गया। गुरुनानक देव महाराज द्वारा चलाई गई लंगर सेवा की परंपरा का निर्वहन करते हुए पिछले डेढ़ दशकों से गुरुद्वारा नजरबाग में प्रतिदिन अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और प्रत्येक जरूरतमंदों के लिए लंगर सेवा का प्रबंध रहता है। जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रभु राम का विलक्षण जीवन आज के मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा देता है। वहीं वनवासी बनके भी शबरी, अहिल्या, केवट, सुग्रीव जैसे तमाम लोगों का कल्याण किया। इससे ये साबित होता है कि परोपकार और समाज कल्याण के लिए वैभव या अभाव नहीं बल्कि सच्ची नीयत और आत्मबल आवश्यक होता है। सेवादार नवनीत सिंह ने इस कार्यक्रम में आए हुए सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार जताया।