: पटना के महावीर हनुमान मंदिर पर रामनगरी के हनुमानगढ़ी ने ठोका दावा
Thu, Jun 22, 2023
कहा, महावीर मंदिर को किशोर कुणाल ने प्राइवेट लिमिटेड बना दिया, इसकी जांच सीबीआई और ईडी से होनी चाहिए
किशोर कुणाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि, मंदिर में गुरु शिष्य परंपरा को खत्म करते हुए पिता पुत्र की परंपरा की नई शुरुआत की है जिसके खिलाफ अब हनुमानगढ़ी के संत सीधी लड़ाई लड़ेंगे
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी अयोध्या ने पटना के महावीर मंदिर पर मालिकाना हक जताया है। रिटायर्ड आईपीएस पटना महावीर मंदिर के सचिव किशोर कुणाल पर अयोध्या श्री पंचरामानंदी निर्वाणी अनी अखाड़ा हनुमानगढ़ी के संतो महंतों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पटना महावीर मंदिर को किशोर कुणाल ने प्राइवेट लिमिटेड बना दिया है और उनकी जांच सीबीआई और ईडी से होनी चाहिए। हनुमानगढ़ी परिसर में स्थित पूर्व प्रधानमंत्री माधव दास महाराज के आश्रम पर संतो की एक बैठक हुई। पूर्व प्रधानमंत्री माधव दास ने बताया गया कि यह मंदिर स्थापना काल से ही हनुमानगढ़ी अयोध्या का था और आज भी है लेकिन वर्तमान समय में किशोर कुणाल ने गुरु शिष्य परंपरा को खत्म करते हुए पिता पुत्र की परंपरा की नई शुरुआत की है। जिसके खिलाफ अब हनुमानगढ़ी के संत सीधी लड़ाई लड़ेंगे और निष्पक्ष जांच
करा करके फिर से मंदिर में रामानंदी परंपरा और हनुमानगढ़ी अयोध्या के नियम अनुसार संचालित किया जाएगा।
महंत माधव दास महाराज ने बताया कि पटना महावीर मंदिर स्थापना काल से ही हनुमानगढ़ी का था और हनुमानगढ़ी का रहेगा। उन्होंने बताया कि महावीर मंदिर का पैसा निजी संपत्ति बनाकर के उपयोग नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि किशोर कुणाल बिना पैसे के किसी साधु को चाय नही पिलाने वाला है वो क्या किसी का सेवा करेगा।
महंत रघुनाथ दास महाराज ने कहा कि जगतगुरु स्वामी बालानंद दास जी ने स्थापना की और तब से हनुमानगढ़ी से ही महंत नियुक्त किए जाते थे वर्तमान समय में मंदिर की संपत्ति को निजी संपत्ति बनाकर के उपयोग किया जा रहा है जो उचित नहीं है।
संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने कहा कि 350 वर्ष पहले पटना महावीर मंदिर की स्थापना स्वामी बालानन्द जी महाराज ने किया था जो उसी समय से लेकर श्री पंच रामानंदी निर्वाणी अनि अखाड़ा के शाखा के रूप में प्रसिद्ध हुआ। महाराज जी ने बताया कुछ वर्ष पहले किशोर कुणाल ने मंदिर पर आधिपत्य स्थापित किया और रामानंदी परंपरा का समूल नाश करने लगे मंदिर की संपत्ति को पैतृक मानकर देश के विभिन्न राज्यों में करोड़ों की निजी संपत्ति बनाई। जिसको लेकर अयोध्या के सिविल कोर्ट में किशोर कुणाल तथा अन्य विपक्षी गणों पर हनुमानगढ़ी की तरफ से मुकदमा भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारत का पहला मंदिर है जहां 28 वर्ष पहले दलित पुजारी की नियुक्ति हुई क्योंकि रामानंद संप्रदाय जातिपाती को नहीं मानता है सबको लेकर चलने का प्रयास करता है। 21 जून 2021 को हनुमानगढ़ी अयोध्या में सर्वसम्मति से महेंद्र दास को पटना महावीर मंदिर का महंत बनाया गया था। महंत महेंद्र दास ने बताया कि किशोर कुणाल द्वारा बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के प्रशासक और अध्यक्ष पद पर रहते अपने निजी नाम से अन्य न्यास की जमीनों को ट्रांसफर कराया और बिकवा या उसके साथ महावीर मंदिर के पैसे से वह अपनी निजी संपत्ति बनाने में लगे हैं उनकी संपत्ति की जांच सीबीआई और ईडी से होनी चाहिए। उन्होंने कहा किशोर कुणाल पर आरोप लगाया कि वह महंथी परंपरा के खिलाफ हैं और पिता पुत्र की परंपरा के अनुसार मंदिर का संचालन कराना चाहते है। इस अवसर पर महंत माधव दास, महंत रघुनाथ दास, महंत संजय दास, महंत महेंद्र दास, महंत इन्द्र देव दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, कृष्ण कांत दास, पहलवान मनीराम दास, शिवम श्रीवास्तव जी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
: भजन संध्या के रस में सराबोर हुआ श्रावण कुंज
Thu, Jun 22, 2023
मंदिर में गीत संगीत की त्रिवेणी के साथ हुआ विशाल भंडारा
भजन संध्या का आनंद लेते महंत जगदीश दास महाराज
वेदपाठी बटुकों व वृद्ध महिलाओं का हुआ विशेष सम्मान
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठों में शुमार श्रावण कुंज मंदिर में बुधवार की देरशाम भजन संध्या की बड़ी सुंदर महफिल सजी। जिसमें गीत संगीत व अध्यात्म की त्रिवेणी की रसधार बही। इस भजन संध्या के समापन पर सौकड़ों वेदपाठी बटुकों व माई बाड़ा व वृद्धा आश्रम की महिलाओं का विशेष सम्मान किया गया। समापन बेला पर विशाल भंडारा किया गया। महोत्सव धूमधाम से मनाया गया एवं भव्य झांकी सजी। महोत्सव को पीठ की वर्तमान पीठाधीश्वर महंत रामेश्वरी देवी ने अपना संयोजकत्व प्रदान किया। महोत्सव की अध्यक्षता प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज ने किया।
सायंकाल भोग, आरती पूजन उपरांत मंदिर के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए थे। श्रद्धालुगण विराजमान भगवान श्री सीताराम जी युगल सरकार का दर्शन बारी- बारी से करते रहे। मठ में दर्शन-पूजन का सिलसिला सायंकाल से प्रारंभ होकर देररात्रि तक चलता रहा। गर्भगृह से लेकर पूरा मंदिर प्रांगण अनेकानेक फूलों से आच्छादित रहा, जिसकी सुगंध बरबस ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही थी। रंग-बिरंगे विद्युत झालरों की रोशनी से मंदिर परिसर अलोकित रहा। भजन संध्या का आयोजन हुआ जिसमें रामनगरी के नामचीन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से उत्सव में चार चांद लगा दिया। इससे महोत्सव में शमां बंध गई और श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज जी व श्रावण कुंज की महंत रामेश्वरी देवी ने कलाकारों को न्यौछावर भी भेंट किया। संत-महंत और भक्तगणों को भगवान के भजन संध्या महोत्सव का प्रसाद वितरित किया गया। महोत्सव में विशेष सहयोग श्रीकेशरी टीला मधुर माधुरी कुंज के महंत रामप्रिया शरण महाराज का रहा। कार्यक्रम के मुख्य यजमान मुजफ्फरपुर के उघोगपति रमेश टिकमानी ने वृद्ध महिलाओं व वेदपाठी बटुकों का विशेष रूप से सम्मान किया। कार्यक्रम के सह यजमान मुरली ठाकुर बोकारो, रोशन राय सासाराम रहें। कार्यक्रम की देखरेख में हनुमान बाग के सुनील दास, रोहित शास्त्री रहें।महोत्सव पर काफी संख्या में संत-महंत, धर्माचार्य, भक्तगण सम्मिलित हुए।
: सपा जिला कार्य कारणी से हाजी असद का इस्तीफा
Sat, Jun 17, 2023
कहा, विधायकों के कोख से जन्मे जिला कार्यकारणी का नही रहना चाहता सदस्य
जिलाध्यक्ष पर लगाये गम्भीर आरोप, कहा अब तब का सबसे घटिया कार्य कारणी,जिसमें खाटी समाजवादी के जगह विधायकों के चमचों को मिली जगह
अयोध्या। समाजवादी पार्टी में सब कुछ ठीक नही चल रहा है। एकतरफ लोकसभा चुनाव के डुगडुगी बजने वाली है। जिसको लेकर सभी राजनैतिक पार्टी अपने अपने नेट बुल्ट कसते हुए बैठक व कार्यक्रमों का दौर शुरु कर दिये है। तो वही समाजवादी पार्टी अपने गुटबाजी व आपसी खीचतान में उलझी नजर आ रही है। अभी जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने ठीक से अपना पदभार ही नही संभाला था कि ओले पड़ने शुरु हो गयें। जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने अपनी कमेटी की घोषणा की जिससे खाटी समाजवादी नेता हाजी असद अहमद बेहद आहत होकर कमेटी को अपना इस्तीफा दे दिया। और पारसनाथ की कमेटी पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये कमेटी विधायकों की कोख से जन्म लिया है। जिसमें कार्यकर्ताओं को तवज्जो ना देकर विधायक के चमचों को तवज्जो दिया गया है। हाजी असद ने कहा कि पारसनाथ यादव की ये कमेटी अबतक की सबसे घटिया कमेटी है।