: श्रीराम धर्म के विग्रह हैं: बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य
Fri, Mar 24, 2023
दशरथ राजमहल बड़ा स्थान में श्री सत्यम पीठाधीश्वर नरसिंह दास भक्तमाली जी कर रहे रामकथा की अमृत वर्षा
महोत्सव का दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे
अयोध्या। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज के अध्यक्षता में रामजन्म महोत्सव बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। जिसमें व्यासपीठ से रामकथा की अमृत वर्षा सत्यम पीठाधीश्वर नरसिंह दास भक्तमाली जी कर रहे है।इस पूरे आयोजन का दिव्य संयोजन मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी कर रहे है। बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज ने कहा कि श्रीराम धर्म के विग्रह हैं। वे जो करते हैं, कराते हैं अर्थात उनका पूरा जीवन व उसकी क्रियाएं साक्षात धर्म ही हैं। उन्होंने कहा कि धरा धाम से सबसे लंबा अवतार श्रीराम का रहा। उनके जीवन का एक-एक पल आदर्श व मर्यादा का अद्भुत समन्वय है।
: अयोध्या विश्व की सबसे प्राचीनतम नगरी है: शीतल दीदी
Fri, Mar 24, 2023
राम कृष्ण मंदिर में इन दिनों राम जन्मोत्सव की धूम मची है
अयोध्या। रामकोट स्थित राम कृष्ण मंदिर में इन दिनों राम जन्मोत्सव की धूम मची है। पूरे मंदिर में बधाई गायन चल रहा है। मंदिर में रामकथा की अमृत वर्षा महंत शीतल दीदी जी कर रही है। कथाव्यास शीतल दीदी की रामकथा में जैसे ही कथा के दौरान अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया भये प्रकट कृपाल दिन दयाला के स्वर गूंज उठे। इसके साथ ही दशरथ नंदन कौशल्या नंदन रामलला के जयकारों के साथ गौशाला में मौजूद संत साधक झूम उठा। उन्होंने मुनि शतरूपा जय विजय के साथ नारद चरित्र की कथा भी सुनाई। शीतल जी ने कहा की जीवन में विनम्रता होना जरूरी है और जब आप बड़े हो जाते हैं या बड़े लोगों के साथ रहते हैं तो यह और जरूरी है। बड़ा बनाना या ऊंचे पद पर पहुंचना आसान है लेकिन वहां पर टिके रहना आसान नहीं है। इसके लिए तप चाहिए। बड़े आप बने हो तो आप की परीक्षा तो होगी। रामकृष्ण मंदिर में राम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर रामकथा का दिव्य आयोजन किया गया है। कथा के तृतीय दिवस पर कथा प्रेमियों को कथा का रसास्वादन करा रहे महंत शीतल जी ने कहा कि अवध का अर्थ है अवधि अस्यामिति अवध:।तात्पर्य जिसकी सुन्दरता की सीमा न हो जो अप्रतिम सौन्दर्य सम्पन्न हो वो अयोध्या है।उन्होंने कहा कि युद्ध रहित अपराजेय और असीमित सौन्दर्य से युक्त इस नगरी की शोभा अनुपमेय है।इसे विश्व की सबसे प्राचीनतम नगरी होने का गौरव प्राप्त है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया।यह महोत्सव महामंडलेश्वर गणेशानंद महाराज के संयोजन में हो रहा है।
: हनुमान बाग में राम जन्मोत्सव की धूम
Fri, Mar 24, 2023
प्रथम सत्र में 151 वैदिक आचार्य कर रहे नवाह परायण,तो द्धितीय सत्र में वृंदावन की प्रख्यात कथावाचिका शालनी जी रामकथा की कर रही अमृत वर्षा
महोत्सव भजनानंदी संत महंत जगदीश दास महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार हनुमान बाग मंदिर में रामजन्मोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। पूरे मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मंदिर में 151 वैदिक आचार्य नवाह परायण पाठ कर रहे तो शाम व्यास पीठ से वृंदावन की प्रख्यात कथावाचिका शालनी जी रामकथा की अमृत वर्षा कर रही है। यह महोत्सव भजनानंदी संत महंत जगदीश दास महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा है। कथा क्रम को आगे बढ़ाते हुए शालनी जी कहती है कि अयोध्या शब्द सुनते ही स्वत: अर्थ बोध होने लगता है। जहां कोई युद्ध न हो।जहां के लोग युद्ध प्रिय न हो जहां के लोग प्रेम प्रिय हो।जहां प्रेम का साम्राज्य हो।जो श्रीराम प्रेम से पगी हो वो अयोध्या है।इसका एक नाम अपराजिता भी है।जिसे कोई पराजित न कर सके जिसे कोई जीत न सकेअथवा जहां आकर जीतने की इच्छा ख़त्म हो जाये जहां सिर्फ़ अर्पण हो समर्पण हो वो अयोध्या है।अथवा इसका एक नाम अवध भी है और श्रीराम अवधेश कहलाये। इस कार्यक्रम की देखरेख सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री, गोलू शास्त्री कर रहे है। कथा में मुख्य रुप से श्रृंगार कुंज के महंत हरिभजन दास, हनुमान गढ़ी के महंत नंदराम दास, युवा नागा संत मामा दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।