: बड़ा भक्त माल आश्रम में संतो ने खेली फूलों की होली
Sun, Mar 5, 2023
रामनगरी संतों का अभिनन्दन बड़ा भक्त माल आश्रम के महंत अवधेश कुमार दास व नागा रामलखन दास ने किया
अयोध्या। रामनगरी की होली भगवान श्रीराम की दिव्य होली के रुप में धूमधाम से मनाया जा रहा है। भगवान राम की नगरी अयोध्या में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी से होली के उत्सव का धमाकेदार आगाज हुआ। अयोध्या में होली के कई रंग दिखते है। साधु संतो की माने तो इस दिन वह किसी और के साथ नहीं बल्कि साक्षात् भगवान् राम के साथ ही होली खेलते है। रामनगरी के बड़ा भक्त माल मंदिर में संतों ने फूलो की होली खेली।
बड़ा भक्त माल आश्रम के लोकप्रिय महंत अवधेश कुमार दास जी महाराज के संयोजन में संत धर्माचार्यों ने फूलों की होली खेली। भगवान के ऊपर भी रंग बिरंगे फूलों की वर्षा किया गया।
महंत अवधेश कुमार दास जी महाराज ने बताया कि रंगभरी एकादशी से होली का उत्सव शुरु हो जाता हैै। इस दिन से होली पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाना चाहिए आज से अयोध्या में होली का उत्सव प्रारंभ हो गया। जबरदस्त होली मनाई जा रही है। पूरे विश्व के हिंदूू जनमानस से कामना करेंगे की होली भव्य और दिव्य मनाए। जल्दी ही भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। इस मौके पर दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी महाराज, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, महंत जनार्दन दास, महंत वैदेही बल्लभ शरण, महंत सुरेश दास, महंत शशिकांत दास, महंत लड्डू दास, मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास, नागा रामलखन दास सहित बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।
: धनवान वही जो तन,मन,धन से करे सेवा: आचार्य धरणीधर
Sun, Mar 5, 2023
श्री कृष्ण जन्म कथा का आनंद लेते गुरु वशिष्ठ गुरुकुल के बटुक
अयोध्या। बेनीगंज फेस तीन में अष्टभुजी माता मन्दिर के प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आए प्रख्यात कथा प्रवक्ता आचार्य धरणीधर जी महाराज ने कहा अपने तन, मन, धन से सेवा भक्ति करे, वही आज के समय में धनवान व्यक्ति है। परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम से ही संभव हो सकती है।पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि पूतना राक्षसी ने बालकृष्ण को उठा कर स्तनपान कराने लगी। श्रीकृष्ण ने स्तनपान करते-करते ही पूतना का वध कर उसका कल्याण किया। इसके बाद माता यशोदा जब भगवान श्रीकृष्ण को पूतना के वक्षस्थल से उठाकर घर लाती है, तो पंचगव्य गाय के गोबर व गोमूत्र से भगवान को स्नान कराती है। इसलिए सभी को गौ माता की सेवा, मां गायत्री का जाप व गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। गाय की सेवा मात्र से ही सभी देवी देवताओं की सेवा हो जाती है। आचार्य धरणीधर जी ने कहा ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गिर्राजजी की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र ने कुपित होकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश की। तब श्रीकृष्ण भगवान ने गिर्राज को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का मान मर्दन किया। तब इंद्र को भगवान की सत्ता का अहसास हुआ और इंद्र ने भगवान से क्षमायाचना करते हुए कहा कि हे प्रभु मैं भूल गया था कि मेरे पास जो कुछ भी है वो सब कुछ आप का ही दिया है। इस दौरान गौवर्धन भगवान की झांकी ने सभी को अभिभूत कर दिया। कथा के आयोजक व यजमान प्रेमसागर बाहेती सहित श्रद्धालुओं ने गौवर्धन भगवान की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर मुख्य यजमान हरीराम पाण्डेय, हरी प्रसाद पाण्डेय, अयोध्या प्रसाद पाण्डेय,कालिका मिश्र,डा.दिलीप सिंह,आजाद सिंह, राम जग पाठक,भास्कर मिश्र,के एन सिंह,अटल त्रिपाठी, छट्ठू पाण्डेय, शिवकुमार सिंह,अमन विक्रम सिंह, अनिल सिंह मौजूद रहें।
: हिंदू धाम में हवन पूजन के साथ महोत्सव का समापन
Sun, Mar 5, 2023
अयोध्या। श्रीधाम अयोध्या के पंचकाेसी परिक्रमा मार्ग नयाघाट स्थित प्रसिद्ध हिंदूधाम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का शनिवार को पूर्णाहुति व भंडारे से समापन हुआ। कथाव्यास वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि वेदांती महाराज ने सात दिनाें तक भक्तगणों काे अमृतमयी श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया। श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान चुंगलाे गिरिडीह धनबाद, झारखंड के रामकिशोर पांडेय रहे। जिन्हाेंने पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान की कथा का श्रवण और संताें का स्वागत-सम्मान किया। कथा महाेत्सव से पूरा हिंदूधाम प्रांगण सात दिनों तक भक्तिमय माहाैल में रंगा रहा, जिसमें काफी संख्या में संत-महंत एवं भक्तगणों ने गाेता लगाकर अपना जीवन धन्य बनाया। भागवत कथा के संयाेजक महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती ने बताया कि विगत 25 फरवरी से आश्रम में कथाव्यास वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि वेदांती महाराज की श्रीमद् भागवत कथा चल रही थी। कथा के मुख्य यजमान चुंगलाे गिरिडीह धनबाद, झारखंड के रामकिशोर पांडेय रहे। सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन 3 मार्च काे हुआ। उसके बाद विद्वान वैदिक आचार्य द्वारा हवन-पूजन, पूर्णाहुति का कार्यक्रम किया गया। तदुपरांत भंडारा का आयोजन हुआ, जिसमें संताें ने प्रसाद पाया। अंत में मुख्य यजमान रामकिशोर पांडेय ने पधारे हुए संत-महंताें काे अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत-सत्कार किया। श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान महायज्ञ में महंत मनीष दास, आचार्य सत्येंद्र दास वेदांती, आचार्य वरूण दास, संत दिवाकराचार्य, महंत सीताराम दास, संतदास विहिप के सुरेंद्र सिंह व अमित दूबे, अविनाश किशाेर पांडेय एवं उनकी धर्मपत्नी अनामिका श्राेत्रिय, धीरेंद्र पांडेय, किरण महेश शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला, ताराशंकर पांडेय, भाेलानाथ पांडेय, रामानुज व आरती पांडेय, चतुर्गुण पांडेय, साधूचरण पांडेय, भीम सिंह, बसंत पांडेय, मुकेश कुमार, लालजीत पांडेय, श्यामबाबू गुप्ता, अशाेक पांडेय, दिलीप बाबा, अशोक पंडा आदि समेत बड़ी संख्या में संत-महंत, भक्तगण सम्मिलित हुए।