: श्रीभरत के चरित्र से श्रीराम प्रेम के दिव्य अमृत का प्राकट्य होता है: रामानुजाचार्य
Sun, Feb 26, 2023
श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण के सप्तम-दिवस में जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य ने भरत चरित्र का वर्णन किया
अयोध्या। श्रीभरत के चरित्र से श्रीराम प्रेम के दिव्य अमृत का प्राकट्य होता है।श्रीभरत तो श्रीभरत के ही समान थे।’भरत भरत सम जानि।’सभी साधनों का फल है श्रीसीताराम जी का दर्शन और उनके दर्शन का फल है श्रीभरत जैसे प्रेमी का,संत का दर्शन हो जाना। उक्त उद्गार प्रख्यात कथावाचक जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य ने जानकी महल ट्रस्ट में चल रहे श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण के सप्तम-दिवस में कही। भरत चरित्र पर मीमांसा करते हुए जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि रचित रामायण में ‘‘श्रीभरत” जी का स्थान बहुत ऊंचा है। भरत जी में मर्यादा का, धार्मिकता का,श्रीराम के प्रति आदर व स्नेह और ज्येष्ठानुवृति की विलक्षण विवेचना है। उन्होंने कहा कि सभी युगवालों के लिए श्रीभरत जी में प्रेरणा है। सतयुग वालों के लिए प्रेरणा इसलिए है कि भरत महान योगी हैं, साधक हैं, त्रेतायुग वालों के लिए इसलिए है कि उनके चरित्र में लोकोपकार और सेवा रूपी सर्वश्रेष्ठ यज्ञ भावना है। द्वापर के लोगों के लिए वे इसलिए प्रेरक हैं कि उनके जैसा पूजा करने वाला भी कोई नहीं है - ह्रदय में असीम प्रेम के लिए वे नित्यप्रति प्रभु की पादुकाओं का पूजन करते हैं । लेकिन गोस्वामीजी कहते हैं कि सबसे अधिक प्रेरक तो श्रीभरत कलियुग के लिए हैं, क्योंकि हमारे युग की समस्याओं का जो समाधान श्रीभरत ने दिया है वह अन्य किसी ने नहीं दिया। जगद्गुरू जी ने कहा कि भरत के व्यक्तित्व का दर्शन हमें ‘राम वन गमन’ के पश्चात् ही होता है। उसके पहले उनका चरित्र-मूक समर्पण का अद्भुत दृष्टान्ट है जिसे देख कर कुछ भी निर्णय कर पाना साधारण दर्शक के लिए कठिन ही था। इसी सत्य को दृष्टिगत रखकर गोस्वामी जी ने ‘राम वन-गमन’ के मुख्य कारण के रूप में भरत प्रेम-प्राकट्य को स्वीकार किया। जैसे देवताओं ने समुद्र मंथन के द्वारा अमृत प्रकट किया था ठीक उसी प्रकार राम ने भी भरत-समुद्र का मंथम करने के लिए चौदह वर्षों के विरह का मन्दराचल प्रयुक्त किया। और उससे प्रकट हुआ-राम प्रेम का दिव्य अमृत।कथा से पूर्व आयोजक कुसुम सिंह व डॉ० दिनेश कुमार सिंह ने व्यास पीठ का पूजन किया।
: कमिश्नर ने एफएसडब्ल्यू वैन को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना
Sat, Feb 25, 2023
खाद्य पदार्थों में पाये जाने वाले मिलावट के सम्बन्ध में किया जायेगा जागरूक
अयोध्या। मण्डलायुक्तम गौरव दयाल द्वारा मण्डल में खाद्य कारोबारियों एवं आम-जनमानस को खाद्य एवं पेय पदार्थों की शुद्धता एवं मिलावट की जॉच एवं जागरूकता बढ़ाने के सम्बन्ध में एफएसएसएआई, नई दिल्ली द्वारा उपलब्ध कराये गये नव-मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन (एफएसडब्ल्यू) को आयुक्त आवास परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उक्त वैन मण्डल के समस्त जनपदों में खाद्य पदार्थों में पाये जाने वाले मिलावट के सम्बन्ध में सर्व-जन को जागरूक करने में अत्यंत सहायक होगी। उक्त वैन पर हुए खाद्य जॉच का उपयोग केवल जन-जागरूकता के लिए होगी, किसी प्रकार की कार्यवाई किसी के विरूद्ध नही किये जाने का प्रावधान है। अतः सर्व-सामान्य से अनुरोध है कि बिना किसी संकोच के अपने खाद्य पदार्थों की जॉच उक्त फूड-वैन पर करायें। मौके पर श्री पी.एन.सिंह सहायक आयुक्त (खाद्य), खाद्य सुरक्षा अधिकारी मंडलीय सिराज अहमद आदि उपस्थित थे।
: प्रीतिभोज में शामिल होने जा रहे पति-पत्नी के साथ लूट
Sat, Feb 25, 2023
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मिल्कीपुर-अयोध्या। प्रीतिभोज में अपने पति के साथ शामिल होने जा रही महिला के साथ पल्सर सवार तीन युवकों ने तमंचे के बल पर लूट की, सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की जांच करने के बाद पीड़ित महिला की तहरीर लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना कुमारगंज के कस्बा कुमारगंज निवासी धर्मेंद्र मौर्या पुत्र अमरनाथ मौर्या अपनी पत्नी श्रीमती व 10 साल के बेटे के साथ शुक्रवार की शाम लगभग सात बजे मोटरसाइकिल से सिधौना गांव निवासी राम कुमार मौर्या के बेटे कुलदीप के प्रीत भोज में शामिल होने जा रहे थे।पीछे से पल्सर सवार तीनों युवकों ने सिधौना गांव से लगभग 500मीटर पहले ओवरटेक कर मोटरसाइकिल को रोक लिया और तमंचा लगाकर श्रीमती की सोने की तीन तल्ला की झुमकी, लॉकेट व सीकड़ को लूट कर फरार हो गए । घटना की जानकारी मिलते ही कुमारगंज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन करने के बाद पीड़ित महिला श्रीमती की तहरीर पर मुकदमा अपराध संख्या 23/23 धारा 392 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक शिव बालक का कहना है कि पीड़ित महिला के बताए अनुसार संदिग्ध दो युवकों से पूछताछ की जा रही है, किसी निर्दोष के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जाएगी।