: अशर्फी भवन से दिव्य रथों पर निकली भगवान श्री राम प्रभु की शोभायात्रा
Thu, Mar 16, 2023
श्री राम लला भवन रामकृतु स्तंभ का लोकार्पण कार्यक्रम छाया उल्लास
आज होगी भगवान की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं कल्याण उत्सव मनाया जाएगा
अयोध्या। प्रसिद्ध पीठ श्री अशर्फी भवन के श्री राम लला भवन रामकृतु स्तंभ के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रातः कालीन सत्र में दाक्षिणात्त् विद्वानों द्वारा आगम पद्धति से मंडप पूजन वैदिक मंत्रों द्वारा चतुर्वेद परायण किया। इसके साथ-साथ श्री लक्ष्मी नृसिंह मंत्र एवं मूल मंत्र एवं श्री सूक्त पुरुष सूक्त आगम पद्धति द्वारा गौ घृत चरु कमल पुष्प कमल बीज मधु विविध पदार्थों से से यज्ञ कुंड में आहुति डाली गई। दक्षिण से पधारे जगद्गुरु रामानुजाचार्य जीयर स्वामी श्री रामचंद्र स्वामी महाराज एवं प्रतिष्ठित भिन्न भिन्न प्रांतों से पधारें आचार्यों द्वारा विविध यज्ञ द्रव्यों से लक्ष्मी नरसिंह महायज्ञ रामलला प्रभु के प्रतिष्ठा महोत्सव में शिखर स्नान दक्षिण से पधारे श्री रामानुजाचार्य रामचंद्र जीयर स्वामी जी महाराज तिरुपति से पधारे भगवान श्री वेंकटेश के मुख्य अर्चक श्री वेणुगोपाल स्वामी श्रीरंगम से पधारे भगवान के मुख्य अर्चक श्री निवासन स्वामी दक्षिण से पधारे विद्वानों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सायंकाल सत्र में 4 से भगवान श्री राम प्रभु को दिव्य रथ में विराजमान कर अशर्फी भवन से शोभा यात्रा का प्रारंभ हुआ एवं मुख्य मार्ग से नया घाट होते हुए श्री राम लला भवन में प्रभु को आगम पद्धति से रथ से उतारा गया। शोभायात्रा के मध्य मुख्य आकर्षण जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्र जीयर स्वामी जी महाराज, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज एवं तेलंगाना कर्नाटक से पधारे हुए कलाकारों द्वारा भगवान श्री राम के भजनों पर लोक नृत्यों की प्रस्तुति सुंदर भगवान की झांकियां एवं वेद मंत्र घोष द्वारा भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। करनूल तेलंगाना से पधारे श्रीमान जनार्दन रेड्डी एमएलए इस यज्ञ के मुख्य यजमान है। सभी संतों का सम्मान किया उत्तरीय वस्त्र भेंट किए सभी संतो ने अपने मंगलाचरण में भगवान का मंगला नुशासन किया। यज्ञ के मुख्य यजमान जनार्दन रेड्डी विधायक एवं उनके साथ पधारे सभी भक्तजन आनंदित हो गए। कार्यक्रम में शुक्रवार को भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होगी एवं सायंकाल भगवान का कल्याण उत्सव मनाया जाएगा।
: अयोध्या सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी के रूप में हो रही विकसित: अनूप चौधरी
Thu, Mar 16, 2023
रामनगरी में 17, 18 मार्च को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य समेत जुटेगी नामी गिरामी हस्तियां
अयोध्या। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के सलाहकार सदस्य अनूप चौधरी ने पत्रकारों से बताया कि सांस्कृतिक राजधानी अयोध्या में 17 और 18 मार्च को उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के साथ सांस्कृतिक व आध्यात्मिक क्षेत्र के लोग यूपी तक के मंच पर अपना विचार रखेंगे। उन्होंने बताया कि धर्म राजनीति मनोरंजन और देश प्रदेश के बजट पर चर्चा होगी और साथ ही साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकार मनोरंजन के साथ-साथ अपना पक्ष भी रखेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार और राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार बजट में किसानों के लिए युवाओं के लिए जो कार्य योजना तैयार की है और जो कार्य कर रही है उस पर खुलकर बहस होगी जिसमें यूपी के दोनों डिप्टी सीएम के साथ राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ,मैथिली ठाकुर, मालिनी अवस्थी, जयविजय सचान, अनामिका अंबर, गौरांग दास, मनोज मुंतशिर और जया किशोरी जैसे मशहूर विद्वान और अपने क्षेत्र में महारत हासिल करने वाले अन्य लोग अपने विचार रखेंगे। उन्होंने कहा कि 2024 में रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे उसके पूर्व अयोध्या सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी के रूप में विकसित हो जाएगी। आज पूरी दुनिया में भारत देश का वैभव प्रधानमंत्री जी के सानिध्य में बढ़ रहा है।
: भगवान ऋषभदेव की जन्मजयन्ती पर निकली रथ यात्रा, हुआ मस्तिकाभिषेक
Thu, Mar 16, 2023
श्री दिगम्बर जैन मन्दिर में 31 फुट उत्तुंग भगवान ऋषभदेव का पंचामृत अभिषेक
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या भूमि ऐसी है, जहां पर सभी धर्मों के बहुरंगी फूल खिले। हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, इस्लाम सब के सब इसके आंगन में पले-बसे और बड़े हुए। यह ऐसी पवित्र भूमि है जिसने सबको रिझाया। अयोध्या में जैन धर्म की भी जड़ें गहरी हैं।
पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि अयोध्या है। पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई।जिसमें महामस्तकाभिषेक किया गया। भगवान के मस्तक पर जल, दूध, घी, दही, सर्वोपधि, पुष्पवृष्टि, हरिद्रा, केशर आदि का अभिषेक किया गया सारे विश्व में मंगल की कामना को लेकर भगवान के मस्तक पर की शांतिधारा इस अवसर पर सर्वप्रथम झण्डारोहण पूर्वक कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। झण्डारोहण करने का सौभाग्य संजय धर्मपत्नी श्रीमती रेखा दीवान सूरत निवासी को ये सौभाग्य प्राप्त हुआ। सहितासूरि प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार ने बताया कि इस अवसर पर जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी, प्रज्ञाश्रमणी श्री चंदनामती माताजी का ससंघ सानिध्य प्राप्त हुआ, इस अवसर पर रथ यात्रा निकाली गई। रायगंज जैनमन्दिर से रथ भगवान के जन्मस्थान टोंक मन्दिर तक गया वहाँ पर भगवान का पंचामृत अभिषेक सम्पन्न किया गया। मार्ग में रथयात्रा में जैन मुद्धालू केशरिया वस्त्र पहनकर के चल रहे थे बैंड बाजे के साथ संगीत मंडली एवं ध्वज लेकर के भक्तगण जय-जयकार के नारे लगाते हुए चल रहे थे। पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी जी ने सबको बताया कि भगवान ऋषभदेव ने करोड़ो वर्ष पूर्व पुण्य धरा पर जन्म लिया एवं सम्पूर्ण विश्व को जीवन जीने की कला सिखाई। पक्रियाओं के द्वारा जीवन यापन करना बतलाया उनके प्रथम पुत्र भगवान भरत चक्रवर्ती के नाम पर इस देश का नाम भारत पड़ा। रथ पर भगवान को लेकर बैठने का सौभाग्य अध्यात्म जैन, सिद्धार्थ जैन लखनऊ को प्राप्त हुआ। भगवान के रथ का सारथी बनने का संजय दीवान को प्राप्त हुआ। कुबेर बनने का अवसर सम्यक् जैन लखनऊ को प्राप्त हुआ इसी क्रम में चंवर दुलाने का अवसर विनोद जैन दिल्ली को प्राप्त हुआ। शाम को 1008 दीपकों से श्री जी की आरती सम्पन्न की गई। इस अवसर पर मुख्यरूप से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए तीर्थ के महामंत्री अमरचंद जैन, टिकैतनगर पंकज जैन बिलहरा, विजय कुमार जैन,जम्बूद्वीप निधेश जैन, मुकुल जैन, परमेन्द्र जैन, अकलंक जैन, शुभचंद जैन, टिकैतनगर, लखनऊ प्रदीप जैन कानपुर, संयम जैन, हस्तिनापुर आदि सम्पूर्ण अवध के भक्तगण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का सानिध्य प्राप्त हुआ एवं शोभायात्रा में भगवान के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में लडडू का वितरण किया गया।