: मित्रता में त्याग और समर्पण होना चाहिए: प्रभंजनानन्द
Sun, Dec 11, 2022
श्रीमहंत करुणानिधान शरण जी महाराज के पावन अध्यक्षता में बह रही भागवत कथा की रसधार
अयोध्या। रामनगरी को संतो की सराह भी कही जाती है यहां अनेक भजनानंदी संत हुये है जिनकी त्याग तपस्या साधना उच्च कोटि की रही। उन्हीं संतों में एक थे परमपूज्य झुनझुनियां बाबा जी महाराज। झुनझुनियां बाबा की तपोस्थली के रुप मे सुविख्यात श्री सियारामकिला झुनकी घाट पर इन दिनों श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव की अमृत वर्षा हो रही है। जिसमें व्यासपीठ से भागवत कथा की अमृत वर्षा प्रख्यात कथावाचक प्रेममूर्ति स्वामी प्रभंजनानन्द शरण जी महाराज कर रहे है। यह महोत्सव मंदिर के श्रीमहंत करुणानिधान शरण जी महाराज के पावन अध्यक्षता में चल रहा है। कथा के छटवें दिवस पर कथा में सुदामा व परमात्मा श्री कृष्ण की मित्रता की कथा सुनाते हुए कथा व्यास स्वामी प्रभंजनानन्द शरण जी ने कहा कि यदि मित्रता करना सीखना है तो हमें सुदामा की त्याग और परमात्मा के समर्पण की कथा अवश्य सुनना चाहिए। मित्रता निस्वार्थ व निष्काम भाव से करना चाहिए। मित्रता में जहां स्वार्थ आता है वहां मित्रता मित्रता नहीं रह जाती। बल्कि एक स्वार्थ से परिपूर्ण संबंध बन करके रह जाता है। उन्होंने कहा कि मित्रता में त्याग और समर्पण अत्यधिक आवश्यक है एक तरफ जहां सुदामा अत्यंत गरीब होते हुए भी परमात्मा श्री कृष्ण से स्वार्थ नहीं रखता है जबकि सुदामा परमात्मा श्री कृष्ण का बालसखा है। वहीं दूसरी ओर परमात्मा श्री कृष्ण जब सुदामा जी को अपने पास आया हुआ देखते हैं तो मित्र को किसी भी प्रकार की ग्लानि न हो यह ध्यान रखते हुए सुदामा के दिए हुए चावल अत्यंत प्रेम के साथ खाते हैं और अपना सर्वस्व सुदामा के लिए समर्पित कर देते हैं। कथा वाचक ने कहा कि जहां पर त्याग और समर्पण की भावना है मित्रता वही है और मित्रता का असली स्वरूप भी यही है।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन आयोजक विकास कुमार हथदह पटना ने किया। यह कथा महोत्सव स्व मुरारी सिंह जी की पावन स्मृति में हो रहा है।कार्यक्रम में सियारामकिला से जुडे शिष्य परिकर मौजूद रहे।
: महायोजना को शासन से मिली स्वीकृति, अयोध्या के विकास को लगेंगे पंख
Sun, Dec 11, 2022
योजना में मुख्य मार्ग की चौड़ाई 30 मीटर प्रस्तावित
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के चौमुखी विकास से जुड़ी महायोजना को शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दिया है। इसके साथ ही अयोध्या के सुनियोजित विकास का नया दौर शुरू हो गया है। इसके तहत अब श्रीरामजन्मभूमि के आस-पास के क्षेत्र धार्मिक भू-उपयोग के रूप में विकसित होगा। मंदिर जोन और उससे जुड़े मार्गों की ऊंचाई सीमित होगी। इस क्षेत्र में 17.5 मीटर से ज्यादा ऊंचे भवन नहीं बनाए जा सकेंगे। इससे धार्मिक भवन को मुक्त किया गया है। इसके साथ ही भवन और रामलला की तरफ जाने वाले तथा उससे जुड़े एक दर्जन मार्गों पर कामन बिल्डिंग कोड लागू हो गया है। इसका निर्माण एक तरह और एक रंग का हो सकेगा। अयोध्या विजन 2047 में चिह्नित परियोजनाओं का भी समावेश किया जाएगा। सरयू नदी तथा आस-पास के क्षेत्र में निर्माण के नियंत्रण के लिए नदी केंद्रित विकास संबंधी प्रावधान किए गए हैं। अयोध्या के मुख्य मार्गों पर प्रवेश द्वार तथा यातायात सुविधाओं को चिन्हित किया गया है। ग्रीन फील्ड टाउनशिप के लिए 1400 एकड़ भूमि को चिह्नित कर वहां विदेशों और देश के अधिकांश राज्यों के भवन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। यह क्षेत्र पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा जिसे बोलचाल भी भाषा में नव्य अयोध्या अर्थात नई अयोध्या कहा जा रहा है। शहर में वाहनों को प्रतिबंधित करने एवं उनके आवाजाही के लिए 2888 करोड़ से 70 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के निर्माण को लेकर जमीन हासिल करने का काम आरंभ हो चुका है। अयोध्या के 14 कोसी 5 कोसी और 84 कोस के परिक्रमा मार्ग के विकास एवं इस पूरे क्षेत्र के सुनियोजित विकास का खाका तैयार किया गया है। इसी साल जुलाई महीने में एडीए ने अपनी 82 वीं बोर्ड की बैठक में अयोध्या महायोजना 2031 को स्वीकृत कर सरकार के पास भेज दिया था। इस योजना में मुख्य मार्ग की चौड़ाई 30 मीटर प्रस्तावित है।
राम की पैड़ी को दिया जाएगा स्टेडियम का स्वरूप
राम की पैड़ी को नये तरीके से संवारने की कवायद भी शुरू हो गई है, राम की पैड़ी को स्टेडियम का स्वरूप दिया जाएगा। इसमें 15 से 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही राम की पैड़ी के रास्ते को भी चौड़ा किया जाएगा। इस योजना को मूर्त रूप देने में 18 करोड़ 68 लाख 22 हजार रुपये का खर्च आएगा। शासन ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। शासन की ओर से अधिकृत एजेंसी के आर्किटेक्ट ने अधिशासी अभियंता सरयू नहर जय सिंह के साथ राम पैड़ी का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि पूर्वी छोर पर बॉर्डर पिचिंग स्थल पर स्टेडियम के स्वरूप में दर्शक दीर्घा का निर्माण कराया जाएगा। लता मंगेशकर चौक से लेकर सरयू पुल के पश्चिम घाट के अंतिम छोर तक दर्शकों के बैठने के लिए सीढ़ियां बनवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि इसकी क्षमता 15-20 हजार दर्शकों की होगी। इस दर्शक दीर्घा के अतिरिक्त पश्चिम घाट से राम पैड़ी जाने वाले मार्ग को भी टू-लेन बनाया जाएगा। वर्तमान में टू-लेन है और मध्य में डिवाइडर लगा है, लेकिन यह रास्ता सकरा है और गाड़ियां यू-टर्न नहीं ले पाती है, जिसके कारण रास्ते को अधिक चौड़ा कर डिवाइडर के अंतिम छोर पर यू-टर्न की व्यवस्था बनाई जाएगी।
: साकेत महाविद्यालय में चुनाव की मांग को लेकर छात्र आंदोलित
Sat, Dec 10, 2022
कालेज का गेट बंद कर छत पर किया प्रदर्शन
अयोध्या। का.सु. साकेत महाविद्यालय का छात्र संघ चुनाव स्थगित होने के तीन बाद शुक्रवार को कालेज खुला। छात्रों के विरोध को देखते हुए सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। तकरीबन 12 बजे के दौरान छात्र चुनाव की मांग को लेकर आंदोलित हो गए और महाविद्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। इस दौरान छात्रों ने महाविद्यालय की बिल्डिंग पर चढ़ कर विरोध जताया। छात्र जमकर नारेबाजी करते दिखे। गौरतलब है कि 12 दिसंबर को छात्र संघ के चुनाव की घोषणा हुई थी, लेकिन जिस दिन निकाय चुनाव की अध्यक्षी का आरक्षण जारी हुआ। उसी के बाद जिला प्रशासन अनुमति देने से मना कर दिया। खबर लिखे जाने तक आंदोलित छात्र व महाविद्यालय प्रशासन के बीच वार्ता का सिलसिला जारी था।