: हनुमान चालीसा का पाठ हजारो मंत्रों के बराबर प्रभावशाली: महंत जगदीश दास
Tue, Dec 6, 2022
कहा, किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ हैं तो नियमित हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य ही करना चाहिए
मंदिर में मंगलवार व शनिवार को हनुमान जी का होता है विशेष पूजन व अनुष्ठान साथ ही पूरे मंदिर को फूलों से सजाकर भगवान को लगाया गया छप्पन भोग
अयोध्या। हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा और अपने ईष्ट देवों के लिए मंत्रों का उच्चारण करना बहुत शुभ फलदायक होता है। हिंदू धर्म में भगवान हनुमान सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले देवता हैं। उक्त बातें रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ श्रीहनुमान बाग के महंत जगदीश दास महाराज ने कही। मंगलवार को हनुमान बाग में आयोजित विशेष अनुष्ठान को सम्बोधित करते हुए महंत जगदीश दास कहते है कि भगवान हनुमान को कलयुग का देवता माना गया है। मान्यताओं के अनुसार आज भी राम भक्त हनुमान इस पृथ्वी पर सशरीर भ्रमण करते हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से उन्हें याद करता है वे फौरन ही उसके कष्टों को हरने के लिए आ जाता हैं। हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ बहुत ही लाभदायक माना गया है,क्योंकि मनुष्य के जीवन की सभी समस्याओं का समाधान हनुमान चालीसा का पाठ करने में है। शास्त्रों में कहा है कि जो भी व्यक्ति नियमित रूप से रोजाना सच्चे मन से बजरंग बली को याद करता है और हनुमान चालीसा का पाठ करता है उसके जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष में भी कहा गया कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ हैं तो नियमित हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य ही करना चाहिए।
महंत जगदीश दास ने कहा कि हनुमानजी कलयुग के सबसे पूजनीय देवों में गिने जाते हैं और गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा का पाठ हजारो मंत्रों के बराबर प्रभावशाली है। वैसे तो हनुमान चालीसा का पूरा पाठ बहुत ही उपयोगी माना गया है, लेकिन इसकी कुछ चौपाईयों को भी अगर नियमित जाप किया जाय तो बजरंग बली सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। महंत जगदीश दास कहते है अगर किसी व्यक्ति को हमेशा किसी न किसी चीज का भय सताता रहता है तो नियमित भूत-पिशाच निकट नहीं आवे। महाबीर जब नाम सुनावे। इस चौपाई का जाप करने से मन से भय समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हमेशा किसी न किसी तरह की बीमारियों से पीड़ित रहता हो उसे नियमित रूप से भूत-पिशाच निकट नहीं आवे। महाबीर जब नाम सुनावे। इस चौपाई को सुबह और शाम के वक्त हनुमान जी का नाम लेकर जाप करना चाहिए। हनुमान बाग के महंत जगदीश दास कहते है कि अगर किसी व्यक्ति को जीवन में शक्तियों को प्राप्त करना है तो हनुमान चालीसा की भूत-पिशाच निकट नहीं आवे। महाबीर जब नाम सुनावे।चौपाई का पाठ जरूर करना चाहिए। साथ ही अगर किसी व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि, विवेक, बुद्धि और धन दौलत चाहिए तो हनुमान चालीसा की भूत-पिशाच निकट नहीं आवे। महाबीर जब नाम सुनावे। ये चौपाई का नियमित जाप करना चाहिए। विद्या और चतुराई के लिए तो यह चौपाई बहुत ही उपयोगी है। हनुमान बाग में हर मंगलवार व शनिवार को हनुमान जी का विशेष पूजन व अनुष्ठान किया जाता है। पूरे मंदिर को फूलों से सजाकर भगवान को छप्पन भोग भी लगाया जाता है। इस मौके पर सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री सहित हनुमान बाग सेवा संस्थान के शिष्य परिकर मौजूद रहें।
: अब शौर्य न गम, विकास की ओर बढ़े रामनगरी के कदम
Tue, Dec 6, 2022
विहिप और साधु-संत करेंगे शौर्य दिवस से परहेज तो मुस्लिम समुदाय नहीं मनाया यौम-ए-गम
आज 6 दिसंबर है पता ही नही चला अब अतीत भूलकर कर रहे नई शुरूआत: नन्हे मिंया
अब गम व गुस्से की क्या जरूरत, नई अयोध्या में अब रोजगार की जरूरत है: सुल्तान अंसारी
अयोध्या। रामनगरी 6 दिसंबर पर 30वीं बरसी मना रही है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से टाइट कर दी गई है। मंगलवार को रामनगरी हर रोज की तरह श्रद्धालुओं से गुलजार दिखी। मठ-मंदिरों में जयकारे गूंज रहे थे। कहीं कोई भय व तनाव का माहौल नहीं था। जगह-जगह विकास के काम चल रहे थे। मुस्लिम न तो यौम-ए-गम मनाने की तैयारी में दिखे ई न ही विहिप व साधु-संत शौर्य दिवस की बात कर रहे थे। हर वर्ग का कहना था कि इस तारीख को भूल जाना ही बेहतर है।
अभिराम दास वार्ड के भावी पार्षद समाजसेवी युवा सपा नेता सुल्तान अंसारी कहते है कि अब गम व गुस्से की क्या जरूरत है। नई अयोध्या में अब रोजगार की जरूरत है।जिससे युवाओं को बाहर न जाना पड़े।उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय नहीं मनाएगा यौम-ए-गम अब अयोध्या का गम दूर हो रहा है।
रामनगरी अयोध्या के सर्वधर्म समभाव समिति के अध्यक्ष व गंगा जमुनी तहजीब के मिशाल समाजसेवी मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया कहते है कि आज 6 दिसंबर है पता ही नही चला अब अतीत भूलकर कर रहे नई शुरूआत।उन्होंने कहा कि सब अल्लाह की मर्जी से होता है अल्लाह की शायद यही मर्जी रही हो यह स्थान हिंदू भाइयों का है इसलिए उनके हक में फैसला हुआ। हम सब एक हैं आपस में मिलकर रहते हैं और अब विवाद व गम को भूल कर तरक्की की तरफ नई दिशा की तरफ आगे बढ़ना होगा। समाजसेवी मोहम्मद इरफान अंसारी नन्हे मिंया दोपहर की नमाज के बाद घर पर धूप सेंक रहे थे। उन्होंने कहा कि अब कोई गम नहीं मनाएंगे।
: निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है: प्रभंजनानन्द
Tue, Dec 6, 2022
सियारामकिला झुनकी घाट में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की रसधार
अयोध्या। मां सरयू के पावन तट स्थित श्री सियारामकिला झुनकी घाट में श्रीमद् भागवत कथा के द्धितीय दिवस पर कथाव्यास सियारामकिला के अधिकारी प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण जी महाराज प्रभुजी ने कहा कि सत्यं परमं धीमहि इस संसार में एक ईश्वर ही सत्य है जो दिख रहा है वह केवल वह प्रभु की माया है। भागवत की उत्पत्ति के बारे में बताया सुखदेव भगवान को श्री व्यास जी महाराज ने भागवत को प्रदान किया वही भागवत कथा आज हम सब को सुनने को मिल रही है। प्रभंजनानन्द जी के बताया कि परमात्मा इस संसार में अपने भक्तों की रक्षा के लिए अनेक, अनेक अवतार लेकर आते भागवत में चौबीस अवतारो के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार रहते है। उदाहरण में पांडबो के लिए भगवान सारथी बने। महाभारत की कथा में के बारे में भी महाराज जी ने कहा कि कौरव और पांडवों के युद्ध में विजय सत्य की ही होती है। जिसके रक्षक प्रभु होते हे उसे इस संसार में कोई नहीं हरा सकता। महाराज जी ने पांडवों की कथा को बताया अपने कल्याण के लिए परमात्मा की भक्ति ही एक उपाय हे भक्ति को दो प्रकार की बताया निष्काम भक्ति और सकाम भक्ति। निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है। यह महोत्सव सियारामकिला के महंत करुणानिधान शरण जी महाराज के अध्यक्षता में हो रहा है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन आयोजक विकास कुमार हथदह पटना ने किया। यह कथा महोत्सव स्व मुरारी सिंह जी की पावन स्मृति में हो रहा है। इस मौके पर सियारामकिला झुनकी घाट के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।