: मुआवजे को लेकर भरमाने का कार्य कर रहा प्रशासन : सुशील जायसवाल
Sat, Dec 3, 2022
अयोध्या। व्यापार अधिकार मंच के संयोजक भाजपा नेता सुशील जायसवाल ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के अंतर्गत पीड़ित व्यापारी एवं निवासियों को लगातार मुआवजे को लेकर भरमाने का कार्य जिला प्रशासन कर रहा है, साथ ही खंडों खंडों में बांटने का कार्य करते हुए,आपस में भी बांटने का कार्य कर रहा है, यही कारण है कि पीड़ित एक ना होकर अपनी-अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए सुशील जायसवाल ने कहा कि यह चौड़ीकरण सौन्दर्यीकरण केवल राम पथ ही नहीं, अपितु पूरे अयोध्या नगर के समस्त चौराहों और प्रमुख सड़कों पर होना है, अतः हम सब को एक होकर समस्या का निदान सामूहिक रूप से निकालना होगा, अयोध्या में बहुत सी भूमि नजूल भूमि से संबंधित है, जिसका बहुत समय से हस्तांतरण पट्टा रिन्यूअल वह फ्री होल्ड पर सरकार के द्वारा रोक के कारण अधिकतर क्षेत्र के भूस्वामी मुआवजे के हकदार नहीं है। इसलिए अपनी संपत्ति व मुआवजे की राशि को लेकर लोगों में असंतोष है जिसे सरकार व प्रशासन को सहानुभूति पूर्वक विचार कर विकल्प देकर आर्थिक क्षति वास्तविकता के आधार पर देना चाहिए, वहीं अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में वादे के अनुसार दुकान के बदले शीघ्र दुकान, दुकान के पीछे दुकान की जगह की व्यवस्था, वह पीड़ित समय तक भरपाई, व जीविकोपार्जन के लिए आर्थिक सहयोग सहित मुआवजे की उचित राशि देकर संतुष्ट करने का कार्य, दर्शन नगर क्षेत्र के व्यापारियों को मुआवजे के नाम पर बात ना सुनना व सुनने के बाद हल ना देने के कारण फैले असंतोष को भी शीघ्र समाधान देने का कार्य प्रशासन को करना होगा जिससे श्रीराम जी के कार्य में अड़चनें ना पड़े, पिछले 2 वर्षों से धीरे-धीरे हो रहा कार्य मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के आदेशानुसार समय पर व्यवस्थित तरीके से बिना किसी भेदभाव पूरा किया जा सके।
: प्रेरक है स्वामी विश्वनाथ प्रसादाचार्य की सरलता: देवेंद्रप्रसादाचार्य
Sat, Dec 3, 2022
दशरथ राज महल बड़ा स्थान के पूर्वाचार्य विश्वनाथ प्रसादाचार्य की 25वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके व्यक्तित्व-कृतित्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान के पूर्वाचार्य विश्वनाथ प्रसादाचार्य जी की 25वीं पुण्यतिथि विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मनाई गई। मंदिर के वर्तमान पीठाधिपति बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य की अध्यक्षता में विश्वनाथ प्रसादाचार्य की प्रतिमा का पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्घांजलि समारोह में संत-धर्माचार्यों ने विश्वनाथ प्रसादाचार्य को नमन करते हुए उन्हें बिंदु संप्रदाय का गौरव बताया। पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। दशथ राज महल के वर्तमान महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य के संयोजन में पूर्वाह्न पूर्वाचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके व्यक्तित्व-कृतित्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई। देवेंद्रप्रसादाचार्य ने अपने गुरु एवं पूर्वाचार्य को याद करते हुए कहा, उनकी सरलता-साफगोई आज भी प्रेरित करती है और उनसे मिला वात्सल्य अविस्मरणीय है। इस दौरान साकेतवासी आचार्य को निकट से जानने वाले बड़ी संख्या में संत-महंत मौजूद रहे और उन्होंने अनेक संस्मरण सुनाकर महंत विश्वनाथप्रसादाचार्य के व्यक्तित्व में निहित उदारता और सच्चाई बयां की। महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य ने कहा कि सद्गुरुदेव द्वारा स्थापित परंपराओं का सम्यक निवर्हन कर मंदिर में सतत धर्म ध्वजा फहराती रहे इसके लिए हम प्रतिबद्घ रहते हैं। आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथलीरमण शरण ने कहा कि वे बिंदु संप्रदाय के गौरव थे। संत समाज सदैव उनसे प्रेरणा लेता रहेगा। जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि उनकी स्मृति सदैव धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित करती है।बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन व सुंदर सदन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास महाराज ने श्रद्घांजलि में पहुंचे संतों का स्वागत सम्मान किया।श्रद्धांजलि समारोह का दूसरा चरण भंडारा के नाम रहा। इस मौके पर बड़ी संख्या में संत साधक व शिष्य मौजूद रहें।
: श्रीरामजन्मभूमि के उद्धारक बाबा अभिराम दास काे संताें ने किया नमन
Sat, Dec 3, 2022
41वीं पुण्यतिथि श्रीरामजन्मभूमि समर्पित बाबा अभिराम दास वेद वेदांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यापीठम, राजघाट पर मनाई गई
अयाेध्या। श्रीरामजन्मभूमि के उद्धारक बाबा अभिराम दास महाराज काे संताें ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शनिवार को उनकी 41वीं पुण्यतिथि श्रीरामजन्मभूमि समर्पित बाबा अभिराम दास वेद वेदांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यापीठम, राजघाट उद्यान के पीछे मनाई गई। इस माैके पर एक श्रद्धांजलि सभा आयाेजित हुई, जिसमें संताें ने पूर्वाचार्य के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया और उनके कृतित्व पर प्रकाश भी डाला। साकेतवासी महंत के शिष्य महंत धर्मदास हनुमानगढ़ी ने कहा कि बाबा अभिराम दास महाराज भजनानंदी संत थे। उनका व्यक्तित्व बड़ा ही उदार रहा। सरलता ताे उनमें देखते ही झलकती थी। वह गाै, संत सेवी रहे। रामनगरी के सभी संत-महंत उनका आदरपूर्वक सम्मान करते थे। वह विलक्षण प्रतिभा के धनी संत रहे। उन्हें श्रीरामजन्मभूमि उद्धारक के रूप में जाना जाता है। राममंदिर आंदोलन में उनकी अग्रणी भूमिका रही। रामजन्मभूमि के लिए उन्होंने अपना सर्वस्य न्याैछावर कर दिया। राममंदिर के प्रति उनके द्वारा किए गए त्याग काे कभी भुलाया नही जा सकता है। राममंदिर आंदोलन में उनका नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज हाे गया है। आज उन्हीं की त्याग, तपस्या का प्रतिफल है कि श्रीरामजन्मभूमि पर दिव्य मंदिर का निर्माण हाे रहा है। जल्द ही रामलला भव्य भवन में विराजमान हाेंगे। जहां हम सभी संत-महंत, रामभक्त उनका दर्शन-पूजन व आरती कर सकेंगे। इस अवसर पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी व निर्माेही अखाड़ा महंत दिनेंद्र दास, खड़ेश्वरी मंदिर महंत रामप्रकाश दास, इकबाल अंसारी, रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष स्वामी दिलीप दास त्यागी, याेगाचार्य महेश याेगी, समाजसेवी विकास श्रीवास्तव, विदुर, बाबा सुखदेव दास, रवि नागा, नीरज शास्त्री, बाबा सुखदेव दास, रामरतन साहनी आदि उपस्थित रहे।