: महायोजना को शासन से मिली स्वीकृति, अयोध्या के विकास को लगेंगे पंख
Sun, Dec 11, 2022
योजना में मुख्य मार्ग की चौड़ाई 30 मीटर प्रस्तावित
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के चौमुखी विकास से जुड़ी महायोजना को शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दिया है। इसके साथ ही अयोध्या के सुनियोजित विकास का नया दौर शुरू हो गया है। इसके तहत अब श्रीरामजन्मभूमि के आस-पास के क्षेत्र धार्मिक भू-उपयोग के रूप में विकसित होगा। मंदिर जोन और उससे जुड़े मार्गों की ऊंचाई सीमित होगी। इस क्षेत्र में 17.5 मीटर से ज्यादा ऊंचे भवन नहीं बनाए जा सकेंगे। इससे धार्मिक भवन को मुक्त किया गया है। इसके साथ ही भवन और रामलला की तरफ जाने वाले तथा उससे जुड़े एक दर्जन मार्गों पर कामन बिल्डिंग कोड लागू हो गया है। इसका निर्माण एक तरह और एक रंग का हो सकेगा। अयोध्या विजन 2047 में चिह्नित परियोजनाओं का भी समावेश किया जाएगा। सरयू नदी तथा आस-पास के क्षेत्र में निर्माण के नियंत्रण के लिए नदी केंद्रित विकास संबंधी प्रावधान किए गए हैं। अयोध्या के मुख्य मार्गों पर प्रवेश द्वार तथा यातायात सुविधाओं को चिन्हित किया गया है। ग्रीन फील्ड टाउनशिप के लिए 1400 एकड़ भूमि को चिह्नित कर वहां विदेशों और देश के अधिकांश राज्यों के भवन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। यह क्षेत्र पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा जिसे बोलचाल भी भाषा में नव्य अयोध्या अर्थात नई अयोध्या कहा जा रहा है। शहर में वाहनों को प्रतिबंधित करने एवं उनके आवाजाही के लिए 2888 करोड़ से 70 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के निर्माण को लेकर जमीन हासिल करने का काम आरंभ हो चुका है। अयोध्या के 14 कोसी 5 कोसी और 84 कोस के परिक्रमा मार्ग के विकास एवं इस पूरे क्षेत्र के सुनियोजित विकास का खाका तैयार किया गया है। इसी साल जुलाई महीने में एडीए ने अपनी 82 वीं बोर्ड की बैठक में अयोध्या महायोजना 2031 को स्वीकृत कर सरकार के पास भेज दिया था। इस योजना में मुख्य मार्ग की चौड़ाई 30 मीटर प्रस्तावित है।
राम की पैड़ी को दिया जाएगा स्टेडियम का स्वरूप
राम की पैड़ी को नये तरीके से संवारने की कवायद भी शुरू हो गई है, राम की पैड़ी को स्टेडियम का स्वरूप दिया जाएगा। इसमें 15 से 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही राम की पैड़ी के रास्ते को भी चौड़ा किया जाएगा। इस योजना को मूर्त रूप देने में 18 करोड़ 68 लाख 22 हजार रुपये का खर्च आएगा। शासन ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। शासन की ओर से अधिकृत एजेंसी के आर्किटेक्ट ने अधिशासी अभियंता सरयू नहर जय सिंह के साथ राम पैड़ी का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि पूर्वी छोर पर बॉर्डर पिचिंग स्थल पर स्टेडियम के स्वरूप में दर्शक दीर्घा का निर्माण कराया जाएगा। लता मंगेशकर चौक से लेकर सरयू पुल के पश्चिम घाट के अंतिम छोर तक दर्शकों के बैठने के लिए सीढ़ियां बनवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि इसकी क्षमता 15-20 हजार दर्शकों की होगी। इस दर्शक दीर्घा के अतिरिक्त पश्चिम घाट से राम पैड़ी जाने वाले मार्ग को भी टू-लेन बनाया जाएगा। वर्तमान में टू-लेन है और मध्य में डिवाइडर लगा है, लेकिन यह रास्ता सकरा है और गाड़ियां यू-टर्न नहीं ले पाती है, जिसके कारण रास्ते को अधिक चौड़ा कर डिवाइडर के अंतिम छोर पर यू-टर्न की व्यवस्था बनाई जाएगी।
: साकेत महाविद्यालय में चुनाव की मांग को लेकर छात्र आंदोलित
Sat, Dec 10, 2022
कालेज का गेट बंद कर छत पर किया प्रदर्शन
अयोध्या। का.सु. साकेत महाविद्यालय का छात्र संघ चुनाव स्थगित होने के तीन बाद शुक्रवार को कालेज खुला। छात्रों के विरोध को देखते हुए सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। तकरीबन 12 बजे के दौरान छात्र चुनाव की मांग को लेकर आंदोलित हो गए और महाविद्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। इस दौरान छात्रों ने महाविद्यालय की बिल्डिंग पर चढ़ कर विरोध जताया। छात्र जमकर नारेबाजी करते दिखे। गौरतलब है कि 12 दिसंबर को छात्र संघ के चुनाव की घोषणा हुई थी, लेकिन जिस दिन निकाय चुनाव की अध्यक्षी का आरक्षण जारी हुआ। उसी के बाद जिला प्रशासन अनुमति देने से मना कर दिया। खबर लिखे जाने तक आंदोलित छात्र व महाविद्यालय प्रशासन के बीच वार्ता का सिलसिला जारी था।
: रामपथ चौड़ीकरण की प्रक्रिया हुई तेज, ढ़हाये जा रहे भवन
Sat, Dec 10, 2022
रामपथ चौड़ीकरण में 15561 रूपए प्रति वर्ग मीटर दिया जा रहा मुआवजा
दुकानदारों को दी जा रही 1 से 10 लाख तक की पुर्नवास सहायता
अयोध्या। रामपथ के लिए सहादतगंज से नयाघाट तक सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गयी है। 13 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर नयाघाट बाजार के बाद शुक्रवार को बुलडोजर बाबू बाजार पहुंच गया, बीती रात इस बाजार में 10 दुकानें गिराई गई हैं। प्रशासन की रफ्तार देख लोग अब दूकाने व मकान खुद तोड़ और खाली कर रहे हैं।
वहीं चौड़ीकरण से प्रभावित हो रहे दुकानदार और भवन स्वामी अपनी सम्पत्ति राज्यपाल के नाम बैनामा कर रहे हैं। प्रभावितों को मुआवजे के तौर पर 15561 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से कुर्सी रेट यानी कांस्ट्रक्शन लागत का भुगतान किया जा रहा है। यह बैनामा स्टाम्प शुल्क फ्री है। अब तक करीब 150 बैनामे हो चुके हैं। सआदतगंज से नयाघाट तक 4 चरणों में रामपथ चौड़ीकरण का प्रोजेक्ट है। सआदतगंज बाईपास से 0.35 कि.मी. सिविल लाइंस तक सड़क पूरी तरह से साफ है। यहां किसी भी व्यक्ति को कोई मुआवजा नहीं दिया जाना है। चौड़ीकरण की जद में लगभग 2600 दुकान व भवन आ रहे हैं। चौड़ीकरण का मुख्य कार्य रिकाबगंज से नियावां, नियावां से टेढ़ीबाजार और टेढ़ी बाजार से नयाघाट तक किया जाना है। रिकाबगंज से नयाघाट तक अनुमानित 1000 बैनामे होने हैं। अब तक 150 बैनामे हो चुके हैं। भवन स्वामियों से बैनामा लेने की प्रक्रिया में जिला प्रशासन के साथ पीडब्ल्यूडी के जेई, रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी और 5 एसडीएम लगाये गये हैं। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि मुआवजे की धनराशि कुर्सी रेट के आधार पर दिया जा रहा है। प्रति वर्ग मीटर 15561 रुपये कांस्ट्रक्शन लागत की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। करीब 2000 दुकानदारों को पुनर्वास के लिए सहायता राशि दी जानी है। दुकानों के लिए यह सहायता राशि न्यूनतम 1 लाख और अधिकतम 10 लाख रुपये निर्धारित है। अब तक 600 दुकानदारों ने बैनामा करने की सहमति दे दी है। 400 की सहमति प्रक्रिया में है। मुआवजा देने की प्रक्रिया भी बनी है। यह मुआवजा भवन की चौड़ाई, गहराई व भवन की आयु के आधार पर दिया जा रहा है।
जनवरी तक पूरा होगा ध्वस्तीकरण कार्य
रामपथ चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले भवन स्वामियों से बैनामा लेने की प्रक्रिया दिसम्बर के अंत तक पूरा होने की संभावना है। एडीएम प्रशासन के अनुसार जनवरी 2023 तक चौड़ीकरण का कार्य पूरा करा लिया जायेगा। इसके बाद सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य शुरू होंगे। इन कार्यों के लिए टेण्डर हो चुका है। सड़क के साथ विद्युत भूमिगत केबल, नाला और सीवर लाइन का निर्माण विभागीय समन्वय से एक साथ कराया जायेगा। बताते चले कि सआदतगंज बाईपास से श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या तक शहरी क्षेत्र में पड़ने वाले मार्ग का चौड़ीकरण होना है। यह रामपथ सआदतगंज से लेकर सिविल लाइंस, रिकाबगंज, नियावां, गुदड़ीबाजार, साहबगंज, बेनीगंज होते हुए नयाघाट तक बनेगा। रामपथ की लम्बाई करीब 13 किलोमीटर है। इसकी चौड़ाई सआदतगंज से हनुमानगढी तक 30 मीटर (15 मीटर एक तरफ), हनुमानगढ़ी से रिकाबगंज चौराहे के करीब 800 मीटर पहले तक 41 मीटर (20.5 मीटर एक तरफ) और रिकाबगंज से नयाघाट तक 20 मीटर (10 मीटर एक तरफ) चौड़ी होगी।