: खेल का हमारे जीवन में अहम हिस्सा : प्रो. प्रतिभा गोयल
Tue, Nov 29, 2022
विश्वविद्यालय में अन्तर विभागीय खेल प्रतियोगिता का शुभारम्भ
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पद्मश्री अरूणिमा सिन्हा, स्टूडेंट एमिनिटी सेंटर, आवासीय क्रीड़ा विभाग में अन्तर विभागीय खेल प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 प्रतिभा गोयल व मुख्य अतिथि इंटरनेशनल टेबल टेनिस खिलाड़ी जबरजीत सिंह ने टेबल टेनिस खेलकर प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। अवध विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 प्रतिभा गोयल ने कहा कि खेल का हमारे जीवन में अहम हिस्सा है। इसमें खिलाड़ी को जीतने का भरसक प्रयास करते रहना चाहिए। हारने पर पुनः सफलता प्राप्त करने के लिए खुद को तैयार करते रहे। कुलपति ने कहा कि एक खिलाड़ी को अपने सामने वाले खिलाड़ी से कम नही आंकना चाहिए। स्वस्थ्य मन के साथ खेल पर पूरा ध्यान देना चाहिए। कॅरियर बनाने के लिए खिलाड़ी को स्वयं को हमेशा फिट रखना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान खिलाड़ियों की नर्सरी होते है। भविष्य के खिलाड़ी यहीं से पैदा होते है। इसलिये खिलाड़ियों को शारीरिक गतिविधियों से जुड़ा होना चाहिए। कुलपति प्रो0 प्रतिभा गोयल ने विश्वविद्यालय में कुलपति व कुलसचिव बिग्रेड के बीच होने वाली प्रतियोगिता की सराहना की। और कहा कि इससे शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मध्य एक स्वस्थ्य परिवेश का निर्माण होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंटरनेशनल टेबल टेनिस खिलाड़ी जबरजीत सिंह ने कहा कि खेल हम सभी को जोड़ता है। एक खिलाड़ी को मेडल और कर्म से अच्छा बन सकता है। खेल में प्रतिभाग करने से खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरती है। ये संस्थान के ब्राण्ड एम्बेसडर होते है। इन्हीं खिलाड़ियों से विश्वविद्यालय का नाम जुड़ा होता है। अच्छे अनुशासन व खेल से विश्वविद्यालय को ऊचाईयों पर ले जाए। कार्यक्रम में क्रीड़ा परिषद उपाध्यक्ष प्रो0 जसवंत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के क्रीड़ा परिषद द्वारा राष्ट्रीय व विश्वविद्यालयीय स्तर प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहती है। इसमें विश्वविद्यालय को कई मेडल भी प्राप्त हुए है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने खेल के क्षेत्र में एक नया आयाम दिया है। कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो0 नीलम पाठक ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यहां के खिलाड़ी खेल की भावना के साथ आगे ब़ढ़ रहें।
प्रतियोगिता के पूर्व अतिथियों का स्वागत बैज लगाकर किया गया। इसके उपरांत स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ भेटकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन इंजीनियर शाम्भवी मुद्रा शुक्ला व डॉ0 स्नेहा पटेल द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन आवासीय क्रीड़ा प्रभारी डॉ0 मुकेश वर्मा ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव उमानाथ, प्रो0 एसएस मिश्र, प्रो0 हिमांशु शेखर सिंह, प्रो0 राजीव गौड़, प्रो0 आके सिंह, प्रो0 आशुतोष सिन्हा, की्रड़ा सचिव डॉ0 अशाष प्रताप सिंह, प्रो0 फारूख जमाल, सरल ज्ञाप्रटे, डॉ0 पीके द्विवेदी, डॉ0 संजय चौधरी, डॉ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी, डॉ0 अनिल मिश्र, डॉ0 अनुराग पाण्डेय, डॉ0 अर्जुन सिंह, डॉ0 कपिल राना, डॉ0 अंशुमान पाठक, डॉ0 अंकित मिश्र, डॉ0 शैलेन वर्मा, डॉ0 शिवांश कुमार, इंजीनियर आस्था कुशवाहा, डॉ0 प्रतिभा त्रिपाठी, देवेन्द्र वर्मा, मंगलम सिंह, मोहनी पाण्डेय, स्वाति उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
: दोबारा सर्वे कर उचित मुवाअजा का दिलाया भरोसा
Tue, Nov 29, 2022
व्यापारियों से डोर-टू-डोर सम्पर्क कर रहा प्रशासनिक अमला
अयोध्या।रामपथ कार्ययोजना मे प्रशासन द्वारा मनमानी के विरोध वा विभिन्न मागो को लेकर चल रहे आन्दोलन मे लगातार दो दिन की बंदी व धरने की घोषणा से प्रशासन दबाव में आया। सुबह 10बजे जिलाधिकारी स्वयं मय प्रशासनिक अमला एव व्यापारी प्रतिनिधियो के साथ नयाघाट अयोध्या में सैकड़ो व्यापारी से डोर टू डोर मिलकर समस्याओं को समझा। व्यापारीयों को कम मुवाअजे की बात पर एवं न्यूनतम 5 लाख से अधिकतम 20 लाख की माग पर दोबारा सर्वे कर व्यापारियों की उचित मुवाअजा का भरोसा दिया। साथ ही एक सिरे बुलडोजर से तोड़ने के बजाय व्यापारियों द्वारा स्वयं तोड़ने की वा कुछ दिन और समय की मांग पर जिलाधिकारी महोदय दोनो मांग को मानते हुए 15दिसबंर तक स्वयं तोड़ लेने का मौका दिया,रामगुलैला के 16व्यापारी भी मिले उनको संतुष्ट करने के लिए एडीएम प्रशासन से बोले। फसाड/डिजाइन आदि मे एकरूपता का आश्वासन दिया बताते चले भक्ति पथ पर बार बार डिजाइन बदल जा रही जिससे फसाड आदि को तोड़कर नया डिजाइन बनवाना पड़ रहा है।मकानमालिको/किरायेदार से विवाद को निपटाने के प्रशासन व्यापारी प्रतिनिधियो एव मकानमालिको की कमेटी एक दो दिन मे बनाने का आश्वासन दिया। रामपथ की चौड़ाई 20 मीटर लिखित मांग को मौखिक ही दिया। नन्द कुमार गुप्ता नंदू के कहा रामपथ निर्माण मे आज जिलाधिकारी द्वारा डोर टू डोर समस्याओं को जानकर अधिकतर गतिरोध को दूर किया गया किये गये वादे के लिखित मांग,5-20 लाख मुवाअजे की मांग आदि कुछ मुद्दो पर गतिरोध अभी बना है यदि उपरोक्त मुद्दे पर जल्द ही निराकरण नही किया गया तो व्यापार मंडल फिर से आन्दोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। पंकज गुप्ता ने कहा प्रशासन के सकारात्मक पहल का स्वागत है हमे पूर्ण विश्वास है कि अब प्रशासन मनमानी के बजाय हम लोगो की हितो को देखते सहानुभूति के कार्ययोजना को बढायेगी। प्रशासन के साथ मे प्रमुख रूप से नन्द कुमार गुप्ता“ नंदू“ पंकज गुप्ता नन्द लाल गुप्ता,विनोद श्रीवास्तव, बृजकिशोर पांडेय,शोयब खान,विनोद पाठक,अवधेश यादव,श्याम सुन्दर, अनिल मोर्या ,आनद कसौधन,अश्वनी गुप्ता आदि शामिल रहे।
: श्री सीताराम विवाह जगत को एक नया आयाम प्रदान करता है: देवेंद्र प्रसादाचार्य
Tue, Nov 29, 2022
चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान में रामकलेवा के साथ सीताराम विवाह महोत्सव का हुआ समापन
अयोध्या। रामनगरी में चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ महल यानी भगवान श्रीराम के पिता दशरथ का महल स्थित है, जिसे आज एक सिद्धपीठ माना जाता है। मान्यता के अनुसार, राजा दशरथ ने इस महल की स्थापना की थी। यहां पर श्रीराम और उनके भाइयों ने बाललीलाएं की थीं।इस स्थान पर श्री वैष्णव परंपरा की प्रसिद्ध पीठ एवं बिन्दुगादी की सर्वोच्च पीठ भी स्थित है। सिद्ध संत बाबा श्री रामप्रसादाचार्य जी महाराज ने यहां पुनः मंदिर की स्थापना की और वर्तमान स्वरूप प्रदान किया। सीताराम महोत्सव में आयोजित रामकथा के समापन दिवस पर व्यासपीठ से कथा का महत्व बताते हुए तन तुलसी मिथिला पीठाधीश्वर स्वामी श्री विष्णुदेवाचार्य जी महाराज कहते है कि अनंत गुणों से युक्त भगवान और दिव्य गुणों से युक्त मैया किशोरी का विवाह हुआ। एक भारतीय संस्कृति परंपरा दोनों के मिलने से अक्षर हुई और उस समस्त मानवीय मूल्यों की स्थापना हुई। कथा की अध्यक्षता करते हुए दशरथ राजमहल बड़ास्थान के बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य जी ने कहा कि श्री सीताराम विवाह जगत को एक नया आयाम प्रदान करता है और बेटी के विदाई के समय पिता की सीख कि पति को देवता मानकर उसकी पूजा करना यही भारतीय संस्कृति को पूरी तरह से पुष्ट बनाती है। उन्होंने कहा कि ने कहा कि आज पूरे विश्व में एक दिव्य आदर्श विवाह के रूप में यह किसी को माना जा सकता है तो वह श्री सीताराम विवाह। इसके बाद मंदिर में चल रहे विवाह महोत्सव का भी भव्य समापन रामकलेवा के साथ हुआ। जिसमें दशरथमहल बड़ास्थान के बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य जी ने भगवान को कलेवा कराया। कार्यक्रम के संयोजक बिंदुगाद्याचार्य के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन व सुंदर सदन पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास जी महाराज ने भी भगवान के स्वरुपों को कलेवा कराया। यह सारा आयोजन दशरथमहल बड़ास्थान के बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य की अध्यक्षता और श्री महाराज जी के कृपा पात्र शिष्य महंत कृपालु राम भूषण दास जी महाराज के संयोजन में हुआ। इस मौके पर दशरथ राज महल परिवार के संत साधक व शिष्य परिकर सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहे।इस मौके पर सांसद बृजभूषण शरण सिंह, सुदीप भूषण सिंह, महंत बलराम दास, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत साधक व शिष्य मौजूद रहें।