: रामपथ चौड़ीकरण को लेकर लता मंगेशकर चौक मार्ग बंद
Mon, Dec 5, 2022
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से बंद किया गया है मुख्य मार्ग
अयोध्या। राम पथ के चौड़ीकरण को लेकर लता मंगेशकर चौक से तुलसी प्रमोद वन तिराहे तक मुख्य मार्ग बंद कर दिया गया है। इस समय नयाघाट क्षेत्र में दुकानें और मंदिर गिराए जा रहे है।श्रद्धालुओं और राहगीरों की सुरक्षा के लिहाज से बंद ऐसा किया गया है।छोटी देवकाली तक दुकानें खाली कर दी गई है। लता मंगेशकर चौक से तुलसी उद्यान तक ऊंची बिल्डिंग और दुकानें गिराई जा रही है। यह काम तुलसी दास छावनी मंदिर के सामने तक पहुंच चुका हैस इस कार्यवाही को देखते हुए छोटी देवकाली तक दुकानें खाली कर दी गई है। बेबस दुकानदार अपनी-अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
मार्ग चौड़ीकरण की कार्रवाई हुई तेज़ होने के बाद लता मंगेशकर चौक से शहर में आने के लिए रूट डायवर्ट किया गया है। हनुमान गुफा से प्रमोद वन होते हुए मुख्य मार्ग पर चार पहिया- दोपहिया वाहन आ सकेंगे। राम पथ चौड़ी करण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा हैस इसके लिए दो पोकलैंड औए एक जेसीबी मशीन लगाई गई हैस मलबा हटाने का काम भी जारी है। अयोध्या उद्योग व्यापार मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष नन्द कुमार गुप्ता “नंदू “ ने कहा कि राम पथ चौड़ीकरण कार्ययोजना में प्रशासनिक मनमानी थमने का नाम नही ले रहा रहास नयाघाट पर उत्तर पटरी पर बीच सड़क से दस मीटर के डीपीआर के बायजूद प्रशासन को दो पोकलैंड दो बुलडोजर लगातार कहर बरपाते हुए जबरिया 15से 20मीटर तक बने दुकानों मकानो को जमींदोज कर रहा है। नेपाली भवन से शुरू हुआ यह अभियान गंगाबाई धर्मशाला और शुक्ला मंदिर मंदिर होते हुए राजा बोध सिंह मंदिर तक पहुँच चुका है। मुवाअजा नहीं मिलने डीपीआर से ज्यादा लेने विस्थापित हो दुकानदारो को बिना एलाटमेंट लेटर दिये स्थानीय लोगो द्वारा 2 दिसबंर को विरोध के कारण पीएसी के साथ भारी पुलिस फोर्स का जमावड़ा रहास राजा बोध मंदिर के दोनों ऐतिहासिक शिवालों को जमींदोज किया जा चुका है। नन्द कुमार गुप्ता “नंदू “ ने कहा प्रशासनिक कार्यवाही की आलोचना करते हुए उसे तानाशाही करार दिया है। कहा कि जब डीएम द्वारा स्वयं डोर टू डोर एक एक दुकानदारों से मिलकर 15दिसबंर तक स्वयं तोड़ लेने का समय दिया गया था तो किसके आदेश पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन डीपीआर से ज्यादा जमीन लेकर दुकानदारों को जबरिया विस्थापित करा रहा है। उपरोक्त प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच कराकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिख तत्काल कारवाई होनी चाहिए। दुकानदारों से जो डीपीआर से अधिक जमीने ली गयी है प्रशासन उपरोक्त पीड़ितो को वह जमीन वापस दिलाकर कब्जा दिलाये।
: रामलीला के आधुनिक शिल्पकार को शिद्दत से किया गया शिरोधार्य
Mon, Dec 5, 2022
पत्थर मंदिर में मना महंत जयराम दास की 5वीं पुण्यतिथि, संत धर्माचार्यों अर्पित किया श्रद्धा सुमन
अयोध्या। रामनगरी ही नहीं पूरी दुनिया में अयोध्या की रामलीला का संजीव चित्रण कर राम के चरित्र का रामलीला में दर्शन कराने वाले महंत जयराम दास जी महाराज को उनके 5वीं पुण्यतिथि पर रामनगरी के संत धर्माचार्यों ने शिद्दत से शिरोधार्य करते हुए नमन किया। नगरी के प्राचीन मंदिर पत्थर मंदिर में महंत जयराम दास श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया गया। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि महंत जयराम दास जी महाराज रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र को पूरी दुनिया दर्शन कराया। कार्यक्रम के संयोजक मंदिर के वर्तमान मंहत मनीष दास व राम कचेहरी के महंत शशिकांत दास जी ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर रामनगरी के संत धर्माचार्यों ने आचार्य श्री को नमन किया।इस मौके पर आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथलीरमण शरण, जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, अधिकारी राजकुमार दास जी महाराज, रसिक पीठाधीश्वर महंत जनमेजय शरण, महंत मिथलेश नन्दनी शरण, महंत गौरीशंकर दास, महंत सुरेश दास, महंत रामदास, महंत रामकुमार दास,महंत बालयोगी श्रीधर दास, दिलीप दास त्यागी, महंत बालयोगी रामदास, महंत गिरीश दास, महंत अवधेश दास, विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा, पुजारी पार्षद रमेश दास, भाजपा नेता विकास सिंह, संजय शुक्ला सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहे।
: श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है: प्रभंजनानन्द
Mon, Dec 5, 2022
प्रसिद्ध पीठ श्री सियारामकिला झुनकी घाट में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ, मंदिर से निकली शोभायात्रा
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के मां सरयू के पावन तट पर सुशोभित प्रसिद्ध पीठ श्री सियारामकिला झुनकी घाट जो झुनझुनियां बाबा की तपोभूमि के नाम से सुविख्यात है। आज सियारामकिला झुनकी घाट में धूमधाम से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व मंदिर से शोभायात्रा निकाली। जो मां सरयू के पावन तट गई जहां पर विधिवत पूजन अर्चन किया गया इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर वापस आई। व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा सियारामकिला के अधिकारी प्रख्यात कथावाचक प्रभंजनानन्द शरण जी महाराज प्रभुजी कर रहें है। कथा के प्रथम दिवस प्रभंजनानन्द शरण जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा शरणागति की कथा है शरणागति का अर्थ है भगवान के चरणों में समर्पित हो जाना और भगवान के चरणों में समर्पित होने के लिए सबसे बड़ी बात है अपने आप का परित्याग कर देना। उन्होंने कहा कि जब आप अपने अहम का परित्याग करके भगवान के शरण आप होते हैं तब एक समर्थ गुरु सुखदेव जी महाराज जैसा प्रगट हो करके आपके जीवन के उन तमाम झंझावात को खत्म करके आपके जीवन में भक्ति की ज्योति जला देता है। स्वामीजी ने कहा कि गुरु की शरणागति जीवन में मृत्यु के बंधन को काटकर मोक्ष की ओर आपके मार्ग को प्रशस्त करती है। श्रीमद्भागवत की कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है।यह महोत्सव सियारामकिला के महंत करुणानिधान शरण जी महाराज के अध्यक्षता में हो रहा है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन आयोजक विकास कुमार हथदह पटना ने किया। यह कथा महोत्सव स्व मुरारी सिंह जी की पावन स्मृति में हो रहा है। इस मौके पर सियारामकिला झुनकी घाट के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।