: महामंडलेश्वर श्रीमहंत राम कुमार दास को संत धर्माचार्यों के साथ सांसद बृजभूषण सिंह ने किया नमन
Tue, Nov 29, 2022
सरल स्वभाव के संत थे स्वामी राम कुमार दास: सांसद बृजभूषण सिंह
अयोध्या । रविवार सायंकाल अयोध्या के रामकोट स्थित श्री वेद मंदिर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें अयाेध्यानगरी के संत-महंत और धर्माचार्यों ने साकेतवासी श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी रामकुमार दास महाराज काे भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही आत्मा की शांति के लिए दाे मिनट का माैन रखा। श्री महाराज जी का पूरे भारत में दर्जनों स्थान है। उनका स्वर्गवास 21 नवंबर मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी को हरिद्वार आश्रम में हुआ। श्री महाराज जी का अंतिम संस्कार सनातन साधु वैष्णव परंपरा के अनुसार वेद मंदिर के राम नरेश दास ने हरिद्वार में किया। सभा में रामलला सदन पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य जी महाराज ने कहा कि रामकुमार दास महाराज अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। उनके साकेत गमन से हम सब शाेकाकुल और दुखी हैं। उनका यूं ही चला जाना संत समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है।
कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि महाराजश्री बहुत ही मिलनसार संत थे। उनके अंदर एक अद्भुत प्रतिभा थी। भगवान उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। रसिक पीठाधीश्वर श्रीजानकीघाट बड़ास्थान के महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि स्वामी रामकुमार दास महाराज भले ही हम लाेगाें के साथ नही हैं। लेकिन वह सूक्ष्म रूप से हम सबके बीच में हैं।बड़ाभक्तमाल के महंत स्वामी अवधेश कुमार दास ने कहा कि महाराज जी संत थे और निरंतर सेवा करते रहते थे। हनुमानगढ़ी के महंत गौरी शंकर दास ने कहा कि महाराज जी संत सेवा गौ सेवक में हमेशा लीन रहते थे। जगतगुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि संत और सनातन धर्म परंपरा के संवाहक थे राम कुमार दास जी महाराज।श्रद्धांजलि सभा में महंत राममंगल दास रामायणी, सनकादिक आश्रम महंत संतोष दास, रामचरित मानस विद्यापीठ महंत कमलादास रामायणी, महंत रामशंकर दास रामायणी, ने भी अपनी भाव पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर साकेत भवन महंत सीताराम दास, गाेवर्धन दास, पहलवान घनश्याम दास, आचार्य नारायण मिश्रा, प्रियेश दास, आचार्य वरूण दास, दिव्य कृष्ण शास्त्री, सतीश दास, अविनाश ओझा सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
: चारों दुलहा में बड़का कमाल सखियां…
Tue, Nov 29, 2022
श्रीराम बारात की अगुवाई महंत मिथलेश नन्दनी शरण जी महाराज ने किया तो बारातियों का स्वागत आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथलीरमण शरण जी महाराज ने
लक्ष्मणकिला में मिथिला की सखियों ने गाये मंगल गीत, जनकनन्दिनी के हुए भगवान राम
अयोध्या। अगहन शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को मनाए जाने वाले सीता-राम विवाहोत्सव के साथ रामनगरी की आस्था सोमवार को फलक पर पहुंची। रामनगरी में बैंड-बाजे, सजे-धजे हाथी, घोड़े व सतरंगी आतिशबाजी से रामविवाह की अलौकिक छटा मनोहारी रही।
रामनगरी के मंदिरों से सोमवार को जब राम बरात निकली तो वहां का दृश्य कुछ इसी तरह का रहा। रामायण स्वरूपों से सजी-धजी बरात का दर्शन करने के लिए लोग उमड़ पड़े। संत-धर्माचार्यों के साथ संत-श्रद्धालु श्रीराम के जयकारे लगा रहे थे तो बरात में शामिल लोग राम जी की निकली सवारी..., दूलह श्री रघुनाथ बने, दुलही सिय सुंदर मंदिर माही...चारों दुलहा में बड़का कमाल सखियां... जैसे पदों को लयबद्ध कर गाते रहे।
सिद्ध पीठ हनुमत निवास से भव्य राम बारात निकली जो गोला बाजार होते आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला गई। जहां पर भगवान राम का विवाह महोत्सव मिथिला परम्परा के अनुसार हुआ। बारात की अगुवाई महंत मिथलेश नन्दनी शरण जी महाराज कर रहे थे तो बारातियों का स्वागत आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथलीरमण शरण जी महाराज कर रहे थे।
प्रभु श्री राम माता जानकी के विवाह का उत्सव के आनंद में पूरी राम नगरी झूम उठी। ऐसी भव्य और अलौकिक बारात कभी-कभी देखने को मिलती है ऐसा लग रहा था कि मानो अयोध्या त्रेता युग में वापस लौट चुकी है हाथी घोड़े बैंड बाजे के साथ जहां प्रभु श्री राम की भव्य बारात निकली वही देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु अपने आराध्य प्रभु श्री राम और माता जानकी के विवाह में मग्न होकर नाचते हुए नजर आए ऐसी अलौकिक छटा अयोध्या के अलावा और कहीं भी देखने को नहीं मिलती है।
प्रभु श्री राम की बारात में हाथी घोड़े बैंड बाजे रोड लाइट रथ पर प्रभु श्री राम की विग्रह और स्वरूप की अनुपम छटा देखते ही बनती थी। श्रद्धालुओं ने बारात का जगह-जगह पुष्प वर्षा व आरती उतारकर स्वागत किया। रामनगरी में इस दौरान जय श्री राम व हर-हर महादेव के नारे गूंजते रहे। हनुमत निवास की राम बारात में सांसद बृजभूषण शरण सिंह, पार्षद आलोक मिश्रा, संत सूर्य प्रकाश शरण समेत बड़ी संख्या में भक्त रहें।
: खूब सजा जानकी महल ट्रस्ट सीता जी के हुए प्रभु श्रीराम
Tue, Nov 29, 2022
जमकर थिरके भक्त, भगवान की बारात का दर्शन पाने को आतुर दिखे लोग
अयोध्या। जानकी महल का रामविवाह बहुत ही बेजोड़ रहा। पूरे जानकी महल में उत्साह है। उमंग है। मेले जैसा माहौल है। आकाश से पुष्प वर्षा हो रही है। महिलाएं मंगल गीत गा रही हैं। गीतों की आवाज से पूरा वातावरण गुंजायमान हो रहा है। यहां के अयोध्या के गलियां जहां भगवान राम की बारात जिस ओर जा रही थी उस ओर हजारों श्रद्धालुओं के बीच माता सीता व प्रभु राम का स्वयंवर हुआ। विवाह पंचमी के अवसर पर जानकी महल से डोला यात्रा निकली और हंसी-ठिठोली के बीच स्वयंवर संपन्न हुआ। इस मौके पर भारत से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
‘आज मिथिला नगरिया निहाल सखियां, चारों दूल्हा में ई बड़का कमाल सखिया। माथे मढ़ि मोतिया.. कुंडल सोहे मथिया...’। विवाह पंचमी महोत्सव पर सोमवार को जानकी महल के प्रधान मंदिर परिसर सहित पूरा अयोध्या धाम विवाह गीतों से सराबोर हो रहा हैं। मिथिला विधि-विधान से स्वयंवर हुआ। इस दौरान सीता जी की सखियों ने हंसी-ठिठोली की। सखियों ने ‘जयमाला पहनाओ श्री रघुवर कोमल कमल नयन को...’ गीत गाते हुए सीता से माला पहनाने की अपील की। प्रभु श्रीराम व सीता ने एक-दूसरे को माला पहनायी। बारात की अगुवाई ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया खुद कर रहे थे। एक एक चीजों पर नजर जमाये आदित्य कहते है कोई कमी न रह जाये बाराती के स्वागत में बारात जाने से लेकर देर रात तक विवाह की रस्में होने तक आदित्य बारातियों के आवाभगत में लगे रहें। विवाह महोत्सव में दिलीप सुल्तानिया, नीता सुल्तानिया, अरुण बाबू सहित पूरा जानकी महल परिवार लगा रहा।