: रामनगरी में विराजेंगे भगवान राधा मोहन, भव्य प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को
Sun, Nov 27, 2022
श्री राधा मोहन कुंज में भगवान के विराजने के साथ श्रीमद् जगद्गुरु निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर स्वभु द्वाराचार्य श्री राधामोहन शरण देवाचार्य जी महाराज की होगी महंताई
रामनगरी समेत पूरे भारत से आये संत धर्माचार्य साधुशाही परंपरानुसार देगें कंठी, चद्दर, तिलक
अयोध्या। श्री सर्वेश्वर गीता मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में नवनिर्मित भव्य श्री राधा मोहन कुंज का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के तृतीय दिवस श्रीमद् जगद्गुरु निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर स्वभु द्वाराचार्य श्री राधामोहन शरण देवाचार्य जी महाराज ने व्यासपीठ से सृष्टि के वर्णन में बताया कि भगवान ब्रह्मा क्रत सृष्टि का दिव्य वर्णन ब्रह्मा जी ने सृष्टि रचने का दृढ़ संकल्प लिया और उनके मन से मरीचि, नेत्रों से अत्रि, मुख से अंगिरा, कान से पुलस्त्य, नाभि से पुलह, हाथ से कृतु, त्वचा से भृगु, प्राण से वशिष्ठ, अंगूठे से दक्ष तथा गोद से नारद उत्पन्न हुये। कथाव्यास ने कहा कि ब्रह्मा जी ने आदि देव भगवान की खोज करने के लिए कमल की नाल के छिद्र में प्रवेश कर जल में अंत तक ढूंढा। परंतु भगवान उन्हें कहीं भी नहीं मिले। ब्रह्मा जी ने अपने अधिष्ठान भगवान को खोजने में सौ वर्ष व्यतीत कर दिये। अंत में ब्रह्मा जी ने समाधि ले ली। उन्होंने कहा कि इस समाधि द्वारा उन्होंने अपने अधिष्ठान को अपने अंतःकरण में प्रकाशित होते देखा। शेष जी की शैय्या पर पुरुषोत्तम भगवान अकेले लेटे हुए दिखाई दिये। ब्रह्मा जी ने पुरुषोत्तम भगवान से सृष्टि रचना का आदेश प्राप्त किया और कमल के छिद्र से बाहर निकल कर कमल कोष पर विराजमान हो गये। इसके बाद संसार की रचना पर विचार करने लगे।जगद्गुरू जी ने कहा कि ब्रह्मा जी ने दस प्रकार की सृष्टियों की रचना की महत्तत्व की सृष्टि, भगवान की प्रेरणा से सन्त्वादि गुणों में विषमता होना ही इसका गुण है। अहंकार की सृष्टि,इसमें पृथ्वी आदि पंचभूत एवं ज्ञानेन्द्रयि और कर्मेन्द्रिय की उत्पत्ति होती है। भूतसर्ग की सृष्टि, इसमें पंचमाहा भूतों को उत्पन्न करने वाला तन्मात्र वर्ग रहता है। इन्द्रियों की सृष्टि, यह ज्ञान और क्रियाशील शक्ति से उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि सात्विक सृष्टि, अहंकार से उत्पन्न हुए इन्द्रियाधिष्ठाता देवताओं की सृष्टि है। मन इसी सृष्टि के अंतर्गत आता है।अविद्या की सृष्टि इसमें तामिस्त्र, अन्धतामिस्त्र, तम, मोह, माहमोह, पांच गांठें हैं। वैकृत की सृष्टि, यह छह प्रकार के स्थावर वृक्षों की है। इनका संचार जड़ से ऊपर की ओर होता है। तिर्यगयोनि की सृष्टि, यह पशु पक्षियों की सृष्टि है। इनकी 28 प्रकार की योनियां मानी गयी हैं। मनुष्यों की सृष्टि, इस सृष्टि में आहार का प्रवाह ऊपर मुंह से नीचे की ओर होता है। देवसर्ग वैकृत की सृष्टि− इनके अतिरिक्त सनत्कुमार आदि ऋषियों का जो कौमार सर्ग है यह प्राकृत वैकृत दोनों है। द्वाराचार्य श्री राधामोहन शरण देवाचार्य जी के कृपापात्र शिष्य महंत सनत कुमार शरण जी ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का मुख्य उत्सव आज यानि 28 नवंबर सोमवार को समारोह पूर्वक होगा। जिसमें रामनगरी अयोध्या के संत धर्माचार्यों के द्धारा गुरुदेव की महंताई समारोह भी होगा। आये हुए अतिथियों का स्वागत श्री सर्वेश्वर गीता मंदिर ट्रस्ट करेगा। आज की कथा में तुलसी दास जी की छावनी के महंत जनार्दन दास, डांडिया मंदिर के महंत महामंडलेश्वर गिरीश दास,राम हर्षण कुंज के संत राघव दास,नागा कृष्ण कांत दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: मानवता के लिए कल्याणकारी है श्री सीताराम विवाहोत्सव: श्रीमहंत जगदीश दास
Sat, Nov 26, 2022
प्रसिद्ध पीठ श्रीहनुमान बाग से निकलेगी राजसी वैभव के साथ भगवान राम की भव्य बारात
मंदिर में रामविवाह महोत्सव की धूम, दुल्हन की तरह सजा हनुमान बाग मंदिर, कलकत्ता के कारीगर बना रहें विविध पकवान, चहुंओर छायी खुशियां
राम बारात में दर्जनों रथ, घोड़े, हाथी व ऊंट के साथ कई राज्यों के पारंपरिक नृत्य भी होगे
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में राम विवाह की खुशियां चहुंओर बिखरी नजर आ रही है। पूरा मंदिर अपने आराध्य के विवाह में शामिल होने को आतुर दिख रहा है। मंदिर को दुल्हन की तरह से सजाया गया है। तो वही विविध पकवान बनाने के लिए कलकत्ता से विशेष कारीगर बुलायें गये है। हर कोई नाच गा थिरक रहें है। राममंदिर निर्माण के साथ आयोजित श्री सीताराम विवाहोत्सव का रंग पूरी अयोध्या में चटक हो गया है। इस बार उत्सव को विशेष रूप से मनाया जा रहा है। मंदिरों को सजाकर विभिन्न प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। कथा प्रवचन और लीलाओं का दौर शुरू हो चुका है। 28 नवंबर को अगहन पंचमी के पर्व पर दर्जनों मंदिरों से श्रीराम बारात निकाली जाएगी। श्री सीताराम विवाहोत्सव के लिए देश के कोने- कोने से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचने लगे हैं। हनुमान बाग मंदिर में बारात को दिव्य भव्य बनाने की तैयारी हो रही है। बारात में दर्जनों रथ, घोड़े, हाथी व ऊंट के साथ कई राज्यों के पारंपरिक नृत्य भी होगे। यह पूरा महोत्सव हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज के सानिध्य में हो रहा है।
वैष्णो नगरी अयोध्या के मंदिरों में विवाह की अलग-अलग परंपराएं हैं जिन्हें संस्थापक आचार्यों ने बनाया है।
विभिन्न परंपराओं में सदियों से विवाह के आयोजन होते रहे हैं। नगरी का प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में श्री सीताराम विवाह के कार्यक्रम परंपरा के अनुसार आयोजित किया जाता हैं। महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में बहुत ही दिव्य भव्य राम विवाह उत्सव मनाया जाता है। पूरे राजशी ठाठ बाट से भगवान अपने अनुजों के साथ 28 नवंबर को घोड़े पर सवार होकर निकलेंगे साथ में वशिष्ठ मुनि दशरथ जी व प्रजा के रुप में संत साधक सजधज कर निकलेंगे। राम बारात की अगुवानी अयोध्या के साधु संत करेंगे। हाथी घोड़े बैड बाजे के मध्य नाचते गाते बाराती आकर्षण का केंद्र होगे। विवाह की तैयारी में पूरा हनुमान बाग परिवार लगा हुआ है।
श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज ने बताया कि श्री सीताराम विवाह महोत्सव सभी के लिए कल्याणकारी है और वर्तमान समय में मानवता को पुनः स्थापित करने के लिए शिक्षाप्रद भी है। सकल विश्व के नायक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और माता जानकी के विवाह से समाज को बहुत बड़ा संदेश मिलता है। अगर मनुष्य मर्यादा का पालन करें एक पत्नी व्रत रखे और पत्नी भी हमेशा पति के साथ उसके सुख दुख में सहभागी हो तो बड़े से बड़ा कष्ट और समस्या का समाधान बहुत ही आसानी से हो जाता है। कार्यक्रम की तैयारी में सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री, गोलू शास्त्री लगे है।
: पारम्परिक उत्सव फुलवारी लीला ने दर्शकों का मनमोहा
Sat, Nov 26, 2022
श्री सीताराम विवाह महोत्सव हुआ चटक,दुल्हा सरकार की सेवा सत्कार में जुटा जानकी महल ट्रस्ट
भव्य राम मंदिर बनने से इस बार का विवाह महोत्सव हो रहा है अद्भुत, बरातियों में है काफी उत्साह: आदित्य सुल्तानिया
अयोध्या। श्री राम विवाह महोत्सव पर रामनगरी के जानकी महल ट्रस्ट को दुल्हन की तरह सजाया गया है। इस महल में भगवान श्रीराम को दुल्हा सरकार के रुप में सेवा सत्कार किया जा रहा है। श्री किशोरी सीता जी का मायका होने के कारण भगवान श्रीराम यहां जमाई के रुप में प्रतिष्ठित है।
इस बार रामनगरी में भव्य राम मंदिर बनने की खुशी व विगत दो साल कोरोना के कारण सूक्ष्म उत्सव होने से इस बार बड़े पैमाने पर उत्सव मनाया जा रहा। श्रीजानकी महल ट्रस्ट अद्भुत विवाह महोत्सव और भी भव्य रुप से मनाया जा रहा है। विवाह उत्सव में आज दिव्य फुलवारी लीला का आयोजन किया गया, यह लीला दर्शकों का मन को मोहित करने वाला था। मंदिर के चहुंओर लीला की तारीफ होती रही। ट्रस्ट का विवाह महोत्सव वैसे भी अयोध्या वासियों के लिए बेहद खास होती है। क्योंकि मारवाड़ी रीति रिवाज से बड़े ही ठाट बाट से श्रीराम बारात जानकी महल से निकलती है, जिसको देखने के लिए अयोध्या वासी लालायित रहते है। पूरे मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। राम बारात में हाथी घोड़ा पालकी के साथ श्री राम रथ तैयार किया गया है,जिसपर श्रीराम अपने अनुज समेत अपनी बारात लेकर निकलेगें। इस खास बारात के बाराती होगे अयोध्या वासी। जानकी महल ट्रस्ट की बारात और भी आनंदित करने वाला होता है क्योंकि बाराती मारवाड़ी समाज के लोग ठाट बाट से सुसज्जित होकर नाचते गाते निकलते हैं। अपने आराध्य प्रभु श्री राम की फुलवारी लीला देखने के लिए सुबह से ही माताएं बहने तैयारी शुरू कर दी है, मंगल गीत के साथ-साथ हाथों में मेहंदी रचा कर के सज धज कर प्रभु श्री राम और माता जानकी के प्रथम मधुर मिलन की लीला देखने के लिए तैयार हो रही है भगवान श्रीराम नगर भ्रमण करते हुए पुष्प वाटिका में पहुंचते हैं। जहां माता जानकी गौरी पूजन के लिए आई है पहली बार प्रभु श्री राम और माता जानकी का मिलन पुष्प वाटिका में होता है। यह मंगल दृश्य देखकर वहां उपस्थित लोग हर्षित होकर माता जानकी और प्रभु श्री राम के जयकारे लगाने लगे। पुष्प वाटिका का पूरा मंचन मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास, महंत रामचन्द्र दास, महंत बृजमोहन दास, डा सुनीता शास्त्री, महंत गिरीश पति त्रिपाठी के सानिध्य में मनाया गया।
श्रीजानकी महल ट्रस्ट के ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया कहतें है कि हमारे यहां भगवान श्रीराम को दुल्हा रुप में पूजते है, ये महल किशोरी जी का मायका घर है इसलिए हमारे भाव भी उसी प्रकार के होते है। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर को भगवान का तिलक उत्सव और 28 नवंबर को भव्य बारात निकाली जाएगी रात में भगवान का विवाह संपन्न होगा,तो 29 नवंबर को भव्य रामकलेवा होगा जिसमें युगल सरकार को छप्पन भोग लगाया जायेगा। इस अवसर पर दिलीप सुल्तानिया, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया आदि लोग मौजूद रहे।