: व्यापारियों ने सौंपा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित ज्ञापन
Wed, Nov 30, 2022
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के व्यापारियों ने पूर्व मुख्य्मंत्री अखिलेश यादव को संबोधित ज्ञापन सपा महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव व महासचिव हामिद जाफर मीसम को सौंपा, व्यापारियों ने 6 सूत्रीय मांगपत्र के द्वारा समस्याओं को पूर्व मुख्यमंत्री को अवगत कराया , व्यापारीयो ने मांग की कि पुनर्वास के लिए सहायता राशि 1लाख से 10लाख कि जगह 5 लाख न्यूनतम व 20लाख अधिकतम किया जाए, 6 साल पुराने सर्किल रेट की जगह नए सर्किल रेट निर्धारित कर उसका चार गुना मुआवजा दिया जाए, नजूल की पट्टाशुदा व पर्चा शुदा जमीन का भी मुआवजा दिया जाए, नगर निगम के असेसमेंट को भूमि के स्वामित्व के रूप में मानक माना जाए, 16 दुकानदारों को बगैर सहमति के दुकान तोड़ा गया ,इन सभी मांगों को लेकर व्यापरीयो ने पूर्व मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है,इस मौके पर महानगर अध्यक्ष ने कहा की वर्तमान सरकार अंग्रेजी हुकूमत को भी पीछे छोड़ आज व्यापारियों के साथ जिस तरीके का व्यवहार कर रही है वह निंदनीय है, व्यापारी का उत्पीड़न हो रहा है जिससे व्यापारी भुखमरी की कगार पर पहुंच रहा है ,अयोध्या के व्यापारियों को उजाड़ कर बाहर के व्यापारियों को बसाने की साजिश है, भगवान श्री राम के नाम पर सत्ता पाने वाले आज भगवान श्री राम की प्रजा को तबाह और बर्बाद करना चाहते हैं, महानगर अध्यक्ष ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया की आपकी मांगों को राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचा दिया जायेगा जिसको शीतकालीन सत्र में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव जी द्वारा इस मुद्दे को सदन में उठाया जाएगा। महानगर प्रवक्ता राकेश यादव ने बताया की इस मौके पर व्यापारी नेता नंदू गुप्ता, शक्ति जयसवाल, हीरालाल गुप्ता, अवधेश कुमार,शिव नारायण पटेल, विजय यादव, शोएब खान, राम शरन शर्मा, विजय यादव, उदयकांत झा, सहित इत्यादि लोग मौजूद थे।
: विवाह के बाद मनाया गया कलेवा, गीतों पर झूमते रहे श्रद्धालु
Tue, Nov 29, 2022
श्री हनुमान बाग में कुवर कलेवा छप्पन भोग के साथ श्रीसीताराम विवाह महोत्सव का हुआ समापन
श्रीरामचरित मानस का पारायण भी विवाह प्रसंग तक करने की परम्परा कोहबर में ही विराजते हैं प्रेम में बंधे दूल्हा सरकार
अयोध्या। वैष्णव नगरी अयोध्या में उपासना की दो अलग-अलग शाखाएं हैं। इन शाखाओं में दास परम्परा और सख्य परम्परा शामिल है। मिथिला धाम से अपना रिश्ता जोड़ने वाले मधुरोपासक कहलाते हैं और सख्य भाव से राम व सीता के रूप में दूल्हा-दुलहिन सरकार की उपासना करते हैं। इन दोनों ही परम्पराओं के उपासक संत रामानंद सम्प्रदाय के प्रथम आचार्य के रूप में देवी सीता जी को ही स्वीकारते हैं। गुरु वंदना में सीतानाथ समारम्भाम् रामानंदार्य मध्यमाम अस्मादचार्य पर्यन्ताम वंदे श्रीगुरु परम्पराम् इसी श्लोक का वाचन किया जाता है। फिर भी दास परम्परा के उपासक राजा राम व हनुमान जी की उपासना दास यानी कि सेवक भाव से करते हैं। इसके समानान्तर सख्य भाव के उपासक सखी भाव की गुप्त उपासना करते हैं। इन संतों की मान्यता है कि जनकपुर में विवाह के बाद भगवान दुलहिन सरकार के साथ दूल्हा सरकार के रूप में ही विराजते हैं। यही कारण है कि ये उपासक श्रीरामचरित मानस के पारायण के दौरान विवाह प्रसंग तक का ही पारायण करते हैं। पूजन-अर्चन के दौरान सिर पर पल्लू रखकर त्रिरयोचित भाव से ही आराध्य को रिझाते हुए उनसे अनुनय-विनयपूर्वक प्रत्येक क्रिया करते हैं।
रामनगरी में पिछले पांच दिनों से चल रहे राम विवाह महोत्सव में आज आखरी दिन कलेवा का कार्यक्रम किया गया। जिसमे भगवान राम और तीनो भाइयो को उपहार देकर विदाई के समय गाली देकर विदा किए जाने का कार्यक्रम किया गया। भगवान की जनक पूरी से विदाई के लिए महिलाएं भगवान राम के अचर धराई किया गया जिसमें दूरदराज से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान राम सभी भाइयो को विभिन्न प्रकार के उपहार दिया गया। इसके साथ ही विदाई कार्यक्रम के दौरान भगवान के भजनों पर श्रद्धालुु झूमते नाचते रहे।
नगरी के प्रसिद्ध मंदिरों में शुमार श्री हनुमान बाग में राम विवाह बड़े ही ठाठ बाट से मनाया गया। विवाह की बागडोर खुद महंत जगदीश दास अपने हाथों में ले रखें थे। जिसमे हनुमानगढ़ी के नागा साधुओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। आज उसी हावभाव से कुवर कलेवा मनाया गया।जिसमें छप्पन प्रकार का व्यजंन बनाकर भगवान को भोग लगाया गया।
महंत जगदीश दास बताते हैं कि, ठाकुर जी के कलेवा में जो लोक रीति है। उस तरीके से भगवान कलेवा करते हैं और मौजूदा समाज को सनातन परंपरा की शिक्षा देते हैं। भगवान राम का पांव पूजा गया मां जानकी के साथ अग्नि को साक्षी मानकर भगवान राम ने सात फेरे लिए। इस दरमियान भगवान को मां जानकी के पक्ष के लोगों ने गाली सुनाया और कुंवर कलेवा के दरमियान भगवान ने अपनी जिद पूरी कराई। फिर चाहे वह हाथी घोड़ों की मांग हो या फिर मोटर गाड़ी की हर मांग को कन्या पक्ष ने पूरा किया। इन सब के साथ ही संपूर्ण रामनगरी भगवान राम के विवाह की साक्षी बनी। कार्यक्रम में मुख्य रुप से जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामाचार्य जी महाराज, श्रृंगार कुंज के महंत हरिभजन दास, हनुमानगढ़ी से महंत नंदरामदास, नागा मामा दास, राजेश पहलवान समेत बड़ी संख्या में नागा साधु संत मौजूद रहे। आये हुए अथितियों का स्वागत सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री सहित हनुमान बाग परिवार ने किया।
: श्रीठाकुर जी के कलेवा के साथ संपन्न हुआ विवाह उत्सव
Tue, Nov 29, 2022
करूणानिधान भवन में धूमधाम से मनाया गया सीताराम विवाहोत्सव, कुवर कलेवा पर भगवान का लगा छप्पन भोग
अयाेध्या- प्रभु श्रीराम व माता जानकी के विवाहोत्सव पर रामकाेट स्थित करूणानिधान भवन गुलजार रहा। महाेत्सव की चकाचौंध से पूरा मंदिर परिसर नहाया हुआ था, जिसकी मनाेरमता देखते हुए बन रही थी। उत्सव को पीठ के महंत रामजी दास महाराज ने अपनी सानिध्यता प्रदान किया। मंगलवार काे आश्रम में राम कलेवा धूमधाम के साथ मनाया गया। रामनगरी के नामचीन कलाकारों द्वारा कलेवा के अनेकाें गीत गाए गए। पूरा वातावरण भक्तिमय माहाैल में रंगा रहा। भक्तगण अपनी सुध-बुध खाेकर झूमने काे मजबूर दिखे। इस माैके पर करूणानिधान भवन के अधिकारी रामनारायण दास महाराज ने कहाकि आश्रम में रामबारात निकालने की परंपरा नही है। लेकिन विवाहोत्सव बड़ी ही भव्यता व धूमधाम से मनाया जाता है, जिसका सिलसिला देररात्रि तक चलता है। उसके अगले दिन कलेवा महाेत्सव मनाया जाता है। काफी संख्या में भक्तगण सम्मिलित हाेते हैं। रामविवाह महाेत्सव मनाने की परंपरा मंदिर में सैंकड़ो वर्षाें से चल आ रही है। उस परंपरा को आज भी हम लाेग अक्षुण्ण बनाए हुए हैं। उसी के परिप्रेक्ष्य में इस बार भी रामविवाह और कलेवा मनाया गया। इसमें देश के कई प्रांताें से भक्तगण सम्मिलित हुए। इस अवसर पर करुणानिधान मंदिर से जुड़े संत साधक व शिष्य मौजूद रहें।