: भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है श्री राम जन्मभूमि मंदिर: रामदिनेशाचार्य
Mon, Dec 12, 2022
नन्दीग्राम भरत कुंड में श्रीराम कथा के तृतीय दिवस पर मनाया गया श्री रामजन्मोत्सव, चारों तरह छाया उल्लास
दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के पीठाधीश्वर बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज की अध्यक्षता में हो रही रामकथा
अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण बड़े ही जोर शोर से चल रहा है। इसकी खुशी श्रीराम कथा महोत्सव से बयां हो रही है। अयोध्या के नन्दीग्राम भरत कुंड के श्रीराम जानकी मंदिर में भव्य श्रीरामकथा का आयोजन हो रहा है। जिसमें जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हर्याचार्य जी के शिष्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य के मुखारविंद श्रीराम कथा की अमृत वर्षा हो रही है। कथा के तृतीय दिवस में आज राम जन्म महोत्सव मनाया गया। रामानंदाचार्य जी ने कहा कि लोक कल्याण के लिए होता है भगवान श्रीराम का जन्म। जहां सभी वेद वेदांत के परे परमात्मा कौशल्या पुत्र बनकर आते हैं निश्चित रूप से यह सनातन परंपरा के गौरव है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की पावन भूमि में निश्चित रूप से यह गौरव का क्षण है जब भारतीय संस्कृति और आस्था के प्रतीक श्री राम जन्मभूमि मंदिर का दिव्य भव्य मंदिर बन रहा है। ऐसे समय में राम जन्मोत्सव मनाना बड़े सौभाग्य का विषय है।कथाव्यास ने कहा कि जब धारा पर दुष्टों का अत्याचार बढ़ जाता है परमात्मा को प्राप्त करने के लिए भक्त अपने सारे संबंधों की रस्सी बनाकर भगवान के चरणाविंद से बांध देता है बांध कर खींच लेता है तो भगवान अपने आप को रोक नहीं पाते और अवतार ग्रहण कर लेते हैं।
कथा की अध्यक्षता करते हुए दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के पीठाधीश्वर बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज ने कहा कि जगत कल्याण जगत का उद्धार और जगत में के ऊपर कृपा करने के लिए अयोध्या के इस पावन भूमि को और गौरव प्रदान करने के लिए साक्षात परमात्मा भगवान श्री राम के रूप में अवतरित हुए और सारा समाज परमात्मा के अवतरित होने से आनंदित उल्लासित अपने आप को सौभाग्यशाली मानने लगा। वह ब्रह्म जो बड़े-बड़े ज्ञानी महानी ध्यानी के ज्ञान गम में से परे होता है लेकिन जब कोई भक्ति मयी कौशल्या और बैराग्य रूपी दशरथ उस परमात्मा को प्राप्त करना चाहते हैं तब वह अवतार धारण करके पुत्र बनकर आ जाता है।
महोत्सव के संयोजक बिंदुगाद्याचार्य के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी ने आये हुए अतिथियों का स्वागत अभिनन्दन किये।
व्यवस्थापक में गौरव दास शास्त्री शिवेंद्र दास शास्त्री रहे।आज की कथा में तुलसीदास जी की छावनी के महंत जनार्दन दास जी महाराज, वैदेही भवन के महंत रामजीशरण जी महाराज, डा उद्धव शरण जी महाराज, रामकृष्ण मंदिर के महंत महामंडलेश्वर गणेशानंद जी महाराज,महंत राममिलन दास, महंत अतुलित दास सहित सैकड़ों संत महंत एवं राम कथा के रसिक गण उपस्थित रहे।
: चलते-फिरते तीर्थंकर होते हैं संत महात्मा: प्रभंजनानन्द शरण
Sun, Dec 11, 2022
सियारामकिला झुनकी घाट में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन
अयोध्या। रामनगरी को संतो की सराह भी कही जाती है यहां अनेक भजनानंदी संत हुये है जिनकी त्याग तपस्या साधना उच्च कोटि की रही। उन्हीं संतों में एक थे परमपूज्य झुनझुनियां बाबा जी महाराज। झुनझुनियां बाबा की तपोस्थली के रुप मे सुविख्यात श्री सियारामकिला झुनकी घाट पर चल रहे श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का आज समापन हो गया। कथा के विश्राम दिवस पर प्रख्यात कथावाचक प्रेममूर्ति स्वामी प्रभंजनानन्द शरण जी महाराज ने कहा कि संत-महात्माओं का आगमन सदैव मंगलकारी होता है, संतों से कभी कार्य की हानि नहीं होती, अपितु उनसे कार्य की सिद्धि होती है। उन्होंने कहा कि संतों के चरणों में समस्त तीर्थों का निवास होता है, क्योंकि संत के चरण तीर्थों में घूमते-रहते हैं, वो सभी जगह जाते हैं, इसलिए जब कभी भी संत आएं तो उनके चरणों को धो लेना चाहिए, क्योंकि उनके चरणों में सारे तीर्थों का स्पर्श पहले से ही विद्यमान रहता है। इसीलिए संतों को तीर्थंकर कहा जाता है। प्रभंजनानन्द जी ने कहा कि तीर्थ तभी तीर्थ बनता है जब वहां संतों के चरण पड़ जाते हैं, अगर तीर्थों में संत ना जाएं, केवल सामान्य लोग ही जाएं तो वो तीर्थ, तीर्थ नहीं होता। भागवत में गंगाजी की महिमा का वर्णन है, जिसमें गंगाजी कहती हैं मेरे अंदर बडे़-बड़े संत महात्माओं के डुबकी लगाने से लाखों लोगों को पवित्र करने का सामर्थ्य पैदा हो जाता है। इसीलिए आज भी कुंभ में संत-महात्माओं पहले शाही स्नान इसलिए करते हैं, ताकि संतो के नहाने से उस गंगा में लाखों लोगों को पवित्र करने का सामर्थ्य पैदा हो जाए। ये भागवत शास्त्र में लिखा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि जिसके घर के दरवाजे पर संतों के चरण नहीं धोये जाते हों और संतों के चरण के धोने से वहां की जमीन ना भीगती हो, द्वार पर संतों का चरण प्रक्षालन नहीं होता है वो घर शमशान के समान है। संत महात्मा और विद्वान पुरूषों का सबसे बड़ा सम्मान विनम्रतापूर्व उनको प्रमाण करना ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। प्रमाण से बड़ा कोई सम्मान नहीं होता। लेकिन वो प्रणाम बनावटी नहीं यथार्थ हो। नमस्कार पद की न्याय शास्त्र में व्याख्या है कि जिसको हम प्रणाम कर रहे हैं उसके सामने मेरा अपकर्ष और जिसको प्रणाम कर रहे हैं उसका उत्कर्ष। हमारी गतिविधि, क्रिया के द्वारा परिलक्षित हो। उसका नाम नमस्कार है। ये नमस्कार प्रणाम ये अंजली मुद्रा इतनी अद्भुत मुद्रा है, जिसके लिए शास्त्रो में कहा गया है कि ये मुद्रा ऐसी विलक्षण मुद्रा है कि एक क्षण मे देवता को प्रसन्न कर देती है, लेकिन वो सच्चे मन से हो। कथा की अध्यक्षता श्रीमहंत करुणानिधान शरण जी महाराज कर रहे है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन आयोजक विकास कुमार हथदह पटना ने किया। यह कथा महोत्सव स्व मुरारी सिंह जी की पावन स्मृति में हो रहा है। इस मौके पर सियारामकिला झुनकी घाट के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।
: कृषि मंत्री ने निकाय चुनाव की रणनीति व तैयारियों की ली जानकारी
Sun, Dec 11, 2022
नगर निगम चुनाव संचालन समिति के साथ की बैठक
अयोध्या। प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सहादतगंज स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी की नगर निगम चुनाव संचालन समिति के साथ बैठक किया। बैठक के दौरान उन्होने महानगर की संगठनात्मक स्थिति, चुनाव को लेकर बनायी गयी रणनीति व तैयारियों के बारे में जानकारी हासिल की। इससे पहले पार्टी कार्यालय पहुंचने पर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कृषि मंत्री का स्वागत किया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही नगर निगम चुनाव के प्रभारी भी है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रत्येक पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को सम्पर्क और संवाद की प्रक्रिया को और बढ़ाना है। संचालन समिति लगातार चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों व उसके क्रियान्वयन की समीक्षा करें। प्रत्येक पदाधिकारी को मिली जिम्मेदारियों का निर्वाहन पूरे सामथ्य से करना चाहिए। महानगर जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने बताया कि चुनाव संचालन समिति की बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर गम्भीरता से चर्चा हुई। कृषि मंत्री संचालन समिति के सदस्यों से तैयारियों के बारें में सवाल भी पूछे। केन्द्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की वजह से आम जनता में उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर नगर निगम चुनाव संयोजक कमलेश श्रीवास्तव, अरविंद सिंह, प्रतीक श्रीवास्तव, देवेश तिवारी, प्रमोद साहू, राम कुमार सिंह राजू उपस्थित रहे।