: माधव नगर लालबाग से निकली तिरंगा यात्रा
Sun, Dec 12, 2021
भारत माता की आरती कर समाजसेविका दीपिका सिंह ने नौजवानों के अंदर भरा देशभक्ति का जोश,लगाये गगनभेदी नारें
अयोध्या। माधव नगर लालबाग स्थित लक्ष्मी सागर सरोवर से तिरंगा यात्रा को अमृत महोत्सव समिति के महानगर संयोजक व महानगर सदस्य ने झंडा दिखाकर रवाना किया।
अयोध्या में आजादी के 75वें वर्ष के मौके पर जनपद में चलाए जा रहे अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उसी कड़ी में अयोध्या शहर के माधव नगर लाल बाग स्थित लक्ष्मी सागर सरोवर से तिरंगा यात्रा की शुरुआत करने से पहले भारत माता की उतारी गई। आरती यात्रा में आए हुए मुख्य अतिथि अमृत महोत्सव समिति के सह संयोजक बालेंद्र भूषण सिंह, महानगर सदस्य दीपिका सिंह को रामनवमी पहनाकर सम्मानित किया गया। फिर तिरंगा यात्रा को मुख्य अतिथि सह संयोजक महानगर अमृत महोत्सव समिति के बालेंद्र भूषण सिंह व महानगर अमृत महोत्सव समिति की दीपिका सिंह ने झंडा दिखाकर भारत माता की जय कारे लगाते हुए यात्रा को नगर में भ्रमण के लिए रवाना किया किया गया। तिरंगा यात्रा में अवध राज गोस्वामी ,धीरेंद्र सिंह ,रामेश्वर पांडे, अमित शंकर ,हर्ष सिंह ,रितिक अग्रहरी, अनुराग सिंह ,देवेंद्र रहे मौजूद रहे।
समाजसेविका दीपिका सिंह तिरंगा यात्रा की अगुवाई करती
: बिंदु संप्रदाय के गौरव थे महंत विश्वनाथ प्रसादाचार्य
Sun, Dec 12, 2021
चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान के 12वें बिंदुगाद्याचार्य की 24वीं पुण्यतिथि सोमवार को
अयोध्या।श्रीराम नगरी अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ जी के राजमहल बड़ा स्थान के बारहवें बिंदुगाद्याचार्य महंत स्वामी विश्वनाथ प्रसादाचार्य जी महाराज कि 24 वी पुण्यतिथि सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। जिसकी तैयारी दशरथ राजमहल बड़ा स्थान में पूरी कर ली गई है। प्रभु श्री राम के पावन विवाह उत्सव के बाद श्री महाराज जी की पुण्यतिथि बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। जिसमें अयोध्या के सभी संत धर्माचार्य आचार्य श्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वर्तमान पीठाधीश्वर बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज ने बताया कि श्री महाराज जी 12 वें आचार्य थे और गौ सेवा संत सेवा को ही अपना धर्म मानते थे। हमेशा संतों की सेवा अयोध्या में चलती रहती थी दशरथ राजमहल में जो भी व्यक्ति श्री महाराज जी के सम्मुख आया वह खाली हाथ नहीं लौटा उसकी इच्छाओं की पूर्ति श्री महाराज जी ने की।
उन्होंने बताया कि श्री महाराज जी हमेशा यही कहते थे कि सेवा में ही परमात्मा का वास होता है और हमेशा सेवा चलती रहनी चाहिए। उन्होंने बताया था कि पूर्वाचार्यों द्वारा भी दशरथ महल में सेवा की जा रही थी और वैसी सेवा अनंत काल तक चलती रहेगी। श्री महाराज जी ने बताया दशरथ महल बिंदु संप्रदाय की आचार्य गद्दी है और यहां सदियों से सेवा चल रही थी और आज भी गौ सेवा संत सेवा निरंतर चल रही है। सभी उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं। सोमवार को श्री महाराज जी की 24 वीं पुण्यतिथि बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। जिसमें श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। अयोध्या के संत महंत श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस आयोजन में बिंदुगाद्याचार्य के कृपापात्र शिष्य महंत कृपालु रामभूषण दास जी लगे हुए है।
: लोगों की सेवा करके ही जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता: महंत कमलनयन दास
Sun, Dec 12, 2021
श्री दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय में लगा शिविर कैंप,931 नेत्र रोगियों का हुआ पंजीकरण
अयोध्या। मानव सेवा ही परम धर्म है। सेवा के द्वारा ही समाज को स्वस्थ रखा जा सकता है। हर व्यक्ति को सेवा का व्रत लेना चाहिए। उक्त उद्गार व्यक्त किया श्री मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास जी ने श्री दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय वासुदेव घाट अयोध्या मे आयोजित नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा सेवा शिविर के समापन समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा करके ही उनके जीवन को खुशहाल बनाया जा सकता है। इस कार्य में सभी लोगों को तन- मन से मानव सेवा करनी चाहिए।
परमपूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज एवं परम पूज्य महंत महामंडलेश्वर श्री हरिचरण दास जी महाराज की सद्प्रेरणा से से सद्गुरु मित्र मंडल ट्रस्ट,मुंबई के आर्थिक सहयोग से श्री मणिराम दास छावनी सेवा ट्रस्ट अयोध्या एवं कल्याण्ं करोति लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में 8 दिसंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित किए गए इस शिविर में कुल 931 नेत्र रोगियों का पंजीकरण किया गया जिनमें 243 नेत्र रोगियों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। इनमें 156 महिला तथा 87 पुरुष नेत्र रोगी शामिल रहे। 688 नेत्र रोगियों को रिफ्लेक्शन एवं अन्य नेत्र उपचार से लाभान्वित किया गया। इस शिविर में अयोध्या से 20, अंबेडकर नगर से 35, गोंडा 42, बस्ती के 07,संत कबीरनगर के 08, आजमगढ़ के 51,जौनपुर के 18,बहराइच के 19, बाराबंकी के चार, मऊ के एक, सिद्धार्थनगर के तीन, सुल्तानपुर के पांच, श्रावस्ती के दो, गोरखपुर के 06, बलिया के दो, बलरामपुर के 13, बिहार के छह, और खीरी लखीमपुर के एक मरीज शामिल हैं।
समापन समारोह में दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय के प्रबंधक देवनारायण मिश्रा ने चिकित्सालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 5 नवंबर 2005 से 10 दिसंबर 2021 तक कुल 769333 नेत्ररोगी पंजीकृत हुए, जिनमें 186654 मरीजों का आई ओ एल विधि से मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया जबकि 2385 नेत्र रोगियों के अन्य ऑपरेशन किए गए। इस प्रकार अब तक कुल 18939 नेत्र रोगियों के ऑपरेशन किए गए इनमें 130164 ऑपरेशन पूर्णतया नि:शुल्क हुए तथा 58873 नेत्र रोगियों के ऑपरेशन उनसे कुछ आंशिक योगदान देकर संपन्न किए गए। समापन समारोह का शुभारंभ पूज्य संत रणछोड़ दास जी महाराज के चित्र व भारत के शहीद हुए सी डी एस विपिन रावत सहित सभी वीर सपूतों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। समारोह की शुरुआत में ही शहीद हुए वीर सपूतों के प्रति 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समापन समारोह में परम् पूज्य महंत महामंडलेश्वर श्री हरिचरण दास जी महाराज, गुजरात से पधारे महंत जयराम दास तथा नितिन भाई जी ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कल्याण्ं करोति के संयुक्तमंत्री राजेश तिवारी ने किया जबकि कल्याण्ं करोति के महामंत्री राष्ट्र गौरव शर्मा ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण करके स्वागत किया। इस अवसर पर कल्याण्ं करोति के सदस्य अजय मिश्र,हरीश मलिक, हनुमान प्रसाद मिश्रा सहित सभी चिकित्सक और कर्मचारी तथा भारी संख्या में नेत्र रोगी और उनके तीमारदार उपस्थित रहे। समारोह के अंत में सभी नेत्र रोगियों को सद्गुरु मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा वस्त्र, बिस्किट देकर सम्मानित किया गया। उन्हें निशुल्क चश्मा,दवाइयां तथा लंच पैकेट चिकित्सालय द्वारा वितरित किए गए।