: पत्थर मंदिर में बही धर्म-अध्यात्म, गीत-संगीत की वैतरणी
Thu, Aug 7, 2025
पत्थर मंदिर में बही धर्म-अध्यात्म, गीत-संगीत की वैतरणीएकादशी से मंदिर में भक्तों की खुशी का कोई ठिकाना नही है,वह अपनी सुध-बुध खोकर आह्लादित हो झूमने को आतुर दिखेअयोध्या। रामनगरी के प्राचीन पीठ पत्थर मंदिर में धर्म, अध्यात्म एवं गीत-संगीत की वैतरणी बही। पूरा मंदिर प्रांगण महोत्सव से ओत-प्रोत रहा। जहां अनुपम छटा निखर कर सामने आ रही थी। अयोध्यानगरी के नामचीन कलाकारों ने अपने गायन-वादन से उत्सव में चार चांद लगाया। उन्होंने महोत्सव की शमां बांध दी, जिससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। मठ में गीत- संगीत का सिलसिला देररात्रि रात्रि तक चलता रहा। महोत्सव में साधु संतों से लेकर भक्तजनों ने गोता लगाया। भक्तों की खुशी का कोई ठिकाना नही था। वह अपनी सुध-बुध खोकर आह्लादित हो झूमने को आतुर दिखे। चहुंओर भक्तिमय वातावरण फैला हुआ था, जिसका उल्लास देखते ही बना। मंदिर के महंत मनीष दास महाराज ने महोत्सव को अपना सानिध्य प्रदान किया। मठ प्रांगण पूरे एकादशी से झूलन महोत्सव के उल्लास में डूबा रहा। जहां श्रावण शुक्ल पूर्णिमा अर्थात रक्षाबंधन तक झूलन का कार्यक्रम चला। उसके बाद विधि-विधान पूर्वक महोत्सव का समापन हुआ। इस अवसर पर पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास महाराज ने बताया कि यह बहुत ही प्राचीनतम मंदिर है। जहां श्रावण शुक्ल एकादशी से शुरू हुआ झूलनोत्सव रक्षाबंधन तक धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में झूलन महोत्सव पूरी तरह अपने चरमोत्कर्ष पर रहा। प्रतिदिन हजारों भक्तगणों ने झूलन पर पुण्य लाभ अर्जित किया। हर रोज झूलन सरकार की दिव्य झूलन झांकी सज रही थी। साथ ही साथ कत्थक एवं नामचीन कलाकारों ने अनेकानेक झूलन पदों से झूलन महोत्सव की शोभा बढ़ाने का काम किया। उनके द्वारा झूलन पदों से युगल सरकार को रिझाने का काम किया गया। उत्सव के अवसर पर कलाकारों को न्यौछावर भी उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। झूलन में आज अयोध्या के लोकप्रिय नेता पूर्व मंत्री तेजनारायण पाणेय पवन पहुंच कर झूलन का आनंद लिये साथ ही संतो का आशीर्वाद भी लिया।
: बड़े हनुमान मंदिर के झूलनोत्सव की बिखरी छटा
Thu, Aug 7, 2025
बड़े हनुमान मंदिर के झूलनोत्सव की बिखरी छटा
मंदिर के अधिकारी महंत छवि राम दास महाराज के पावन सानिध्य में संत साधक भगवान को रजत के हिंडोले पर झूला रहें झूलन
अयोध्या। राम नगरी का प्रसिद्ध सावन झूला मेला अपने शबाब पर है। अयोध्या के हजारों मंदिरों में एक साथ झूले पड़ गए। इसे अनादिकाल से परंपरागत रूप मनाया जाता है। भगवान श्रीराम माता जानकी द्वारा सावन मास में की गई आनंद विहार की लीलाओं को आधार मानकर यह उत्सव मंदिरों में होता है। इसी के साथ अयोध्या के मंदिरों में झूलनोत्सव शुरुवात हो गई। यह उत्सव रक्षाबंधन तक यानी सावन पूर्णिमा तक चलेगा।
रामनगरी का अति प्राचीन प्रसिद्ध मंदिर श्री बड़े हनुमान मंदिर में अधिकारी महंत छविराम दास महाराज की अध्यक्षता में भव्य झूलन महोत्सव भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में भव्य झूले में बिहार करते श्री भगवान श्री सीताराम की अनुपम छटा का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। रजत के हिंडोले में भगवान को संत साधक झूला रहें झूलन। इस महोत्सव की भव्यता बड़े हनुमान मंदिर की साज सज्जा और भी आनंदित कर रही है। पूरा मंदिर रंग बिरंगे लाइट के झालरों से सजा हुआ है। पूरा मंदिर दुल्हन की तरह सजा हुआ है। हर तरह महोत्सव की आनंद में संत साधक गोता लगा रहें। इसी प्रकार रामनगरी के कनक भवन, दशरथ राज महल बड़ा स्थान, हनुमान बाग, जानकी महल ट्रस्ट, कोशलेश सदन, श्रीमणिराम छावनी, सियाराम किला, वेद मंदिर, लक्ष्मणकिला, जानकीघाट बड़ास्थान, श्यामा सदन, वैद्यजी मंदिर, रंगमहल आदि मंदिरों में झूलनोत्सव का उल्लास छाया है।
: श्री राम महायज्ञ का भूमि पूजन व ध्वज स्थापना आज
Thu, Aug 7, 2025
श्री राम महायज्ञ का भूमि पूजन व ध्वज स्थापना आजभारत नहीं बल्कि पूरे विश्व में 501 रामार्चा पूजन एक साथ अयोध्या में 5 अक्टूबर से51 कुण्डीय श्री राम महायज्ञ, श्री राम मंत्र जप अनुष्ठान का होगा भव्य अनुष्ठान,लाखों रामभक्तों का होगा अद्वितीय महाकुंभश्रीमद् जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी वल्लभाचार्य महाराज के संयोजन में श्री रामहर्षण मैथिल सख्य पीठ धर्माथ सेवा ट्रस्ट श्री रामहर्षणम चारुशीला मंदिर में होगा महोत्सवमहोत्सव में सीएम योगी समेत आधा दर्जन मुख्यमंत्री होगें शामिल, पीएम मोदी को भी जायेगा गया आमंत्रितअयोध्या। भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में पहली बार एक साथ 501 रामार्चा पूजन साथ 51 कुण्डीय श्री राम महायज्ञ, श्री राम मंत्र जप अनुष्ठान 5 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक अयोध्या में।श्रीमद् जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी वल्लभाचार्य महाराज के संयोजन में श्री रामहर्षण मैथली सख्य पीठ धर्माथ सेवा ट्रस्ट श्री रामहर्षणम चारुशीला मंदिर जानकी घाट अयोध्या द्वारा भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में किया जाएगा। जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मध्य प्रदेश राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री की आने की संभावना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया जाएगा। जिसका भूमि पूजन श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अगस्त को मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, महंत स्वामी देवेंद्राप्रसादाचार्य, श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास के सानिध्य में होगा। जगतगुरु रामानन्दाचार्य स्वामी वल्लभाचार्य महाराज ने बताया कि सन 2000 से अनंत श्री विभूषित श्रीमद् रामहर्षण देवाचार्य महाराज के द्वारा राम नाम जप का अनुष्ठान चल रहा है करोड़ों लोग प्रतिदिन अनुष्ठान करते हैं उसी का रजत जयंती समारोह मनाया जाना है क्योंकि राम नाम जप से ही हमारे आराध्य प्रभु श्री राम पुनः जन्म स्थान पर भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। उन्होंने बताया कि मलूकपीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज की कथा होगी। 5 अक्टूबर की कलश यात्रा में 1100 माताएं बहाने पीली साड़ी में कलश लेकर के सरयू तट से कार्यक्रम स्थल तक आएगी जिसमें हाथी घोड़े दर्जन रथ होंगे महान विभूतियां उसे पर विराजमान होगी और इस कार्यक्रम में लाखों भक्तों सम्मिलित होंगे हवन पूजन दर्शन यज्ञ अनुष्ठान करेंगे। कार्यक्रम की तैयारी में प्रमुख रूप से अध्यक्ष डॉ अभिलाष प्रसाद त्रिपाठी, कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा सचिन बृजेंद्र तिवारी कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद तिवारी महिला मंडल की अध्यक्ष मानवती मिश्रा पूरे मनोयोग से लगी हुई हैं।