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: हनुमान बाग में बही धर्म-अध्यात्म, गीत-संगीत की वैतरणी

बमबम यादव

Fri, Aug 8, 2025
हनुमान बाग में बही धर्म-अध्यात्म, गीत-संगीत की वैतरणी तेरह दिनों से मंदिर में भक्तों की खुशी का कोई ठिकाना नही है,वह अपनी सुध-बुध खोकर आह्लादित हो झूमने को आतुर दिखे अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग मंदिर में धर्म, अध्यात्म एवं गीत-संगीत की वैतरणी बही। पूरा मंदिर प्रांगण महोत्सव से ओत-प्रोत रहा। जहां अनुपम छटा निखर कर सामने आ रही थी। अयोध्यानगरी के नामचीन कलाकारों ने अपने गायन-वादन से उत्सव में चार चांद लगाया। उन्होंने महोत्सव की शमां बांध दी, जिससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। मठ में गीत- संगीत का सिलसिला देररात्रि रात्रि तक चलता रहा। महोत्सव में साधु संतों से लेकर भक्तजनों ने गोता लगाया। भक्तों की खुशी का कोई ठिकाना नही था। वह अपनी सुध-बुध खोकर आह्लादित हो झूमने को आतुर दिखे। चहुंओर भक्तिमय वातावरण फैला हुआ था, जिसका उल्लास देखते ही बना। पीठ के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने महोत्सव को अपना सानिध्य प्रदान किया। मठ प्रांगण पूरे तेरह दिनों तक झूलन महोत्सव के उल्लास में डूबा रहा। झूलन महोत्सव का आनंद लेने पहुंचे अयोध्या के लोकप्रिय नेता पूर्व मंत्री तेजनारायण पाणेय पवन,संतों का आशीर्वाद भी लिया।जहां श्रावण शुक्ल पूर्णिमा अर्थात रक्षाबंधन तक झूलन का कार्यक्रम चलेगा। उसके बाद विधि-विधान पूर्वक महोत्सव का समापन होगा। इन तेरह दिनों तक मंदिर से जुड़े साधु-संत एवं भक्तजन उत्सव के उल्लास में डूबे रहे। इस अवसर पर हनुमान बाग मंदिर के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने बताया कि यह बहुत ही प्राचीनतम मंदिर है। जहां श्रावण शुक्ल तृतीया से शुरू हुआ झूलनोत्सव रक्षाबंधन तक धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में झूलन महोत्सव पूरी तरह अपने चरमोत्कर्ष पर रहा। प्रतिदिन हजारों भक्तगणों ने झूलन पर पुण्य लाभ अर्जित किया। हर रोज झूलन सरकार की दिव्य झूलन झांकी सज रही थी। साथ ही साथ कत्थक एवं नामचीन कलाकारों ने अनेकानेक झूलन पदों से झूलन महोत्सव की शोभा बढ़ाने का काम किया। उनके द्वारा झूलन पदों से युगल सरकार को रिझाने का काम किया गया। उत्सव के अवसर पर कलाकारों को न्यौछावर भी उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। महोत्सव की व्यवस्था पुजारी योगेंद्र दास,सुनील दास, रोहित शास्त्री,नितेश शास्त्री ने किया। झूलन महोत्सव में रामनगरी के संत-महंत, धर्माचार्य, श्रीमहंत, महामंडलेश्वर, जगतगुरु से लेकर राजनेता एवं भक्तगण सम्मिलित हुए विराजमान युगल सरकार का दर्शन कर अपना जीवन धन्य बनाया।

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