श्री जय राम गोविंद आश्रम के महंत बने रघुनंदन दास : गुरु के साकेतवास के बाद संत-महंतों ने सौंपी जिम्मेदारी, वैष्णव परंपराओं के निर्वहन का लिया संकल्प
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Sat, Oct 24, 2026
श्री जय राम गोविंद आश्रम के महंत बने रघुनंदन दास
गुरु के साकेतवास के बाद संत-महंतों ने सौंपी जिम्मेदारी, वैष्णव परंपराओं के निर्वहन का लिया संकल्प
अयोध्या। धर्मपथ स्थित श्री जय राम गोविंद आश्रम के नए महंत के रूप में रघुनंदन दास को जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके गुरुदेव के साकेतवास के बाद तेरहवीं पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अयोध्या के संत-महंतों की उपस्थिति में वैष्णव परंपरा के अनुसार उन्हें महंत पद पर प्रतिष्ठित किया गया। संतों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में आश्रम की धार्मिक परंपराओं और सेवा कार्यों को निरंतर गति मिलेगी।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान संत-महंतों ने रघुनंदन दास महाराज को कंठी, चादर और तिलक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर आश्रम की परंपराओं, मर्यादाओं और धार्मिक गतिविधियों को पूर्ववत संचालित करने पर जोर दिया गया। संतों ने कहा कि आश्रम में संत सेवा, गोसेवा, विद्यार्थी सेवा, धार्मिक उत्सवों और ठाकुरजी की सेवा जैसे कार्यों की निरंतरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
गुरुदेव के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प
महंत पद की जिम्मेदारी मिलने पर रघुनंदन दास महाराज ने कहा कि गुरुदेव भगवान की कृपा सदैव उनके ऊपर बनी हुई है। गुरुदेव के साकेतवास के बाद भी आश्रम की व्यवस्था उनके निर्धारित नियमों और परंपराओं के अनुरूप संचालित होती रहेगी। उन्होंने आश्रम की धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखने और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
श्रद्धांजलि सभा में जुटे संत-महंत
कार्यक्रम में बिंदुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, श्री रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, महामंडलेश्वर महंत गिरीशदास, महंत सुकदेव दास, महंत मनीषदास, महंत शशिकांत दास, महंत कमलाकांत रामायणी, महंत तुलसी दास नव्यनयाचार्य, महंत बृजमोहन दास, महंत रामकुमार दास और बालयोगी महंत रामदास, राम हर्षण कुंज के संत समाजसेवी राघव दास सहित बड़ी संख्या में संत-महंत एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने आश्रम की परंपराओं के संरक्षण और धार्मिक गतिविधियों के सुचारु संचालन की कामना की।
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