वेदमंत्रों के साथ श्रीराम का हुआ राज्याभिषेक, हर हर महादेव के उद्घोष : गुरुवार को प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की झांकी लीलाप्रेमियों के हृदय में उतर गई
admin
Sat, Oct 24, 2026
वेदमंत्रों के साथ श्रीराम का हुआ राज्याभिषेक, हर हर महादेव के उद्घोष से गूंजी दिशाएं
गुरुवार को प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की झांकी लीलाप्रेमियों के हृदय में उतर गई
राजा रामचंद्र की जयकार व हर हर महादेव के उद्घोष से चहुंदिशाएं गूंज उठीं
भगवदाचार्य स्मारक सदन की विश्व प्रसिद्ध रामलीला में श्रीराम राज्याभिषेक की लीला का हुआ मंचन
अयोध्या। जनकसुता समेत रघुराई, पेखि प्रहरषे मुनि समुदाई। बेद मंत्र तब द्विजन्ह उचारे, नभ सुर मुनि जय जयति पुकारे... अर्थात श्री जानकीजी के सहित रघुनाथजी को देखकर मुनियों का समुदाय अत्यंत ही हर्षित हुआ। तब ब्राह्मणों ने वेदमंत्रों का उच्चारण किया। आकाश में देवता और मुनि जय हो, जय हो की पुकार करने लगे। गुरुवार को प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की झांकी लीलाप्रेमियों के हृदय में उतर गई। राजा रामचंद्र की जयकार व हर हर महादेव के उद्घोष से चहुंदिशाएं गूंज उठीं। भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या जी की सबसे प्रचीन व ऐतिहासिक पौराणिक विश्व प्रसिद्ध रामलीला जो भगवदाचार्य स्मारक सदन में संत तुलसीदास रामलीला समिति द्धारा हो रही है। रामलीला में श्रीराम राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। समारोह में गुरु वशिष्ठ, विभीषण, सुग्रीव, अंगद व हनुमान समेत वानर-भालू वीर प्रभु श्रीराम के राजा रूप का दर्शन करने को आतुर दिखे। गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से श्रीराम सिर झुकाकर सभी का अभिवादन करते हुए अयोध्या के राजसिंहासन पर विराजते हैं। गुरु वशिष्ठ राजतिलक करते हैं और माता कौशल्या दान देती हैं। इस अवसर पर रामनगरी के संत धर्माचार्य भूमि पर बैठते हैं और श्रीराम का तिलक कर भेंट देते हैं। बदले में श्रीराम स्वरूप अपने गले की माला उतारकर संत धर्माचार्यों को पहनाते हैं। इसके साथ ही राजा रामचंद्र की जय का उद्घोष गूंज उठता है। रामलीला में आरती देखने के लिए हजारों लोग इंतजार करते रहे। समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज उत्तराधिकारी-धर्म सम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज, उपाध्यक्ष बावन मंदिर पीठाधीश्वर महंत वैदेही बल्लभ शरण महाराज,कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश कुमार दास महाराज, सरयू आरती समिति के आयोजक रामकचेहरी पीठाधीश्वर महंत शशिकांत दास जी महाराज, पत्थर मंदिर पीठाधीश्वर महंत मनीष दास, शिवम श्रीवास्तव एवं आदि साधु संत सद्गृहस्थ मौजूद रहें।
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