Sunday 28th of June 2026

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पुलिस ने घरवालों से की पूछतांछ, पड़ोसियों से भी ली जानकारी, अविनाश शुक्ला के किराये के मकान लगाया ताला

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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी : पुलिस ने घरवालों से की पूछतांछ, पड़ोसियों से भी ली जानकारी, अविनाश शुक्ला के किराये के मकान लगाया ताला

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी

पुलिस ने घरवालों से की पूछतांछ, पड़ोसियों से भी ली जानकारी

अविनाश शुक्ला के किराये के मकान लगाया ताला

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के सभी आठ आरोपियों के घर रविवार को सुबह पुलिस ने एक साथ दबिश दी। टीमें एक साथ सभी के घर पहुंची। घरवालों से पूछताछ की। साथ ही पड़ोसियों से बातचीत करके जानकारी जुटाई। पुलिस टीम अनुकल्प मिश्रा, अवनीश शुक्ला, मनीष यादव, टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों के आवासों पर पहुंची। घरों की तलाशी लेने के साथ मौजूद परिजनों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान स्थानीय लोगों को भी अपने बयान और साक्ष्य पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के घरों के प्रवेश द्वार पर पुलिस बल तैनात रहा, ताकि जांच में किसी प्रकार का व्यवधान न हो और अनधिकृत लोगों का प्रवेश रोका जा सके। इस मामले में बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज किया गया था। जबकि, शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। अब पुलिस साक्ष्य जुटाने और मामले की विवेचना को आगे बढ़ाने में जुटी है। इसी क्रम में कौशलपुरी फेस-एक में आरोपी अविनाश शुक्ला के किराये के मकान पर भी पुलिस ने कार्रवाई की। जांच के दौरान मकान के प्रवेश मार्ग पर ताला लगाकर क्षेत्र को पुलिस निगरानी में ले लिया गया। पुलिस मौके पर जांच-पड़ताल में जुटी है। मामले में अब तक सात आरोपियों से करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक करीब 20 लाख रुपये अविनाश शुक्ला के पास से बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस सभी आरोपियों के आवासों पर साक्ष्य जुटाने और मामले की गहन जांच कर रही है। बताते चलें कि बीती छह जून को राम मंदिर की चढ़ावा धनराशि में से चोरी का मामला सामने आया था। बाद में मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की। दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इसके बाद बृहस्पतिवार की शाम को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने गणना में शामिल कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा व पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव व महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। रामजन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर में कृष्ण मोहन ने बताया कि मंदिर में चढ़ावा धनराशि के गबन/चोरी के संबंध में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी रिपोर्ट से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गणना प्रक्रिया में सेवारत कुछ कर्मियों ने भेंट/चढ़ावा धनराशि की चोरी की है। पर्यवेक्षणीय कार्य में लगे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षणीय कर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथम दृष्टया है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बिना सत्यापन रखे गए थे कर्मचारी

राम मंदिर प्रबंधन ने कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। यह सीधे तौर पर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ है। बताया जाता है कि एसआईटी ने अपनी जांच में इस तथ्य को गंभीरता से लिया है। इसमें सुधार के निर्देश भी दिए गए हैं। राम मंदिर देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है। इसकी सुरक्षा व्यवस्था बेहद अहम है। एसआईटी की जांच में यह बड़ी लापरवाही उजागर हुई। अधिकतर कर्मियों की भर्ती ट्रस्ट के पदाधिकारियों व उनके करीबियों की सिफारिश पर हुई थी। इसलिए कोई जांच-पड़ताल नहीं हुई और उन्हें वेतन मिलने लगा। राम मंदिर परिसर में लगभग 800 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से करीब 600 कर्मी ठेके पर रखे गए हैं। लगभग 200 कर्मी ट्रस्ट ने सीधे नौकरी पर रखे हैं। इन सभी कर्मियों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया। अमूमन हर नौकरी के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य होता है। मंदिर प्रंधन में भर्ती का खेल खूब चला। पहले ट्रस्ट के पदाधिकारियों, उनके रिश्तेदारों व करीबियों ने अपने लोगो की भर्ती कराई। फिर जो लोग भर्ती हुए वह अपने रिश्तेदारों व दोस्तों की भर्ती करवाने में जुट गए। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कई बड़े खुलासे हुए हैं। एसआईटी ने अपनी विस्तृत जांच में करीब 40 लोगों को दोषी पाया है। इनमें कंट्रोल रूम प्रभारी, वहां तैनात कर्मी और गणना कक्ष के बाहर के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है। निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस और पीएसी के कर्मी भी इसमें शामिल हैं। आपराधिक संलिप्तता पाए जाने पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। अन्य दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। करोड़ों की चोरी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई गई। गणना कक्ष और आसपास तैनात कर्मियों की जिम्मेदारी तय हुई है। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में इन तथ्यों का जिक्र किया है। पुलिस अब केस की विवेचना में इन जानकारियों को शामिल करेगी। वहीं ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को अभी क्लीन चिट नहीं मिली है। अनिल मिश्रा और निर्माण समिति के सहायक गोपाल राव की भी जांच चल रही है। एसआईटी इनकी भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। प्राथमिक रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख किया गया है। विस्तृत जांच रिपोर्ट में इनकी लापरवाही स्पष्ट होगी। मंदिर में हुई चोरी को सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया है। एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट में सुरक्षा खामियों का जिक्र किया है। अहम बदलावों की सिफारिश भी की गई है। सुरक्षा में लगे अधिकारी और कर्मचारी बदले जाएंगे। निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जा रही है।

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