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: गुरु और शिष्य की परंपरा आज भी संतो की उदासीन परंपरा में संरक्षित

बमबम यादव

Mon, Sep 12, 2022

बाबा संगत बक्स उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली में गुरु पर्व महोत्सव सादगी के साथ शुरु

20 को गुरु पर्व का मुख्य उत्सव, धर्म ध्वजा का होगा विशेष पूजन व आश्रम में समाधिस्थ महापुरुषों को दी जायेगी श्रद्धांजलि

अयोध्या। गुरु और शिष्य की परंपरा आज भी संतो की उदासीन परंपरा में संरक्षित है। वैसे तो पूरी राम नगरी अयोध्या में गुरु शिष्य की परंपरा अपने रस की सुगंध से महकती रहती है लेकिन त्याग तपस्या की प्रमुख सिद्ध पीठ बाबा संगत बक्स उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली में प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष के अवसर पर अपने गुरु स्मृति में समारोह से गुंजायमान होती रहती है। प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में अपने गुरुओं को नमन करने इस परंपरा से जुड़े हजारों शिष्य देश के कोने-कोने से आश्रम में पहुंचते थे और नमन करते थे। उदासीन ऋषि आश्रम के युवा महंत डॉ भरत दास जी महाराज ने बताया  गुरु पर्व मनाया जा रहा है जिसमें 12 सितंबर से ही श्रीमद् भागवत महापुराण का पाठ प्रारंभ कर दिया गया जिसका पारायण 18 सितंबर को होगा। उन्होंने बताया कि 200 वर्ष पहले भजनानंदी सिद्ध संत संगत बक्स बाबा ने इस आश्रम की स्थापना की थी और देश के कोने कोने में उनके शिष्य थे और वह सभी लोग गुरु पर्व के अवसर पर आश्रम में आकर के गुरु भगवान को नमन करते थे। संगत बाबा के साथ आश्रम से जुड़े सभी यशस्वी संतो को याद किया जाएगा।
19 सितंबर को राम चरित मानस पाठ शुरु होगा जिसका समापन 20 को होगा। इसके साथ ही धर्म ध्वाजा का विशेष पूजन व आश्रम में समाधिस्थ महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी जायेगी। गुरु पर्व का समापन 22 सितंबर को आयाराम अखाड़े में भंडारे के साथ होगा।

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