Tuesday 7th of July 2026

ब्रेकिंग

महंत जगदीश दास बोले-ट्रस्ट में महंत अवधेश दास और विनय कटियार को किया जाए शामिल

कहा- एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक चंपत राय को दोषी मानना उचित नहीं

महंत संजयदास बने राष्ट्रीय प्रवक्ता, रामनगरी का संत नेतृत्व अब देशभर में गूंजेगा

कंचन भवन के पीठाधीश्वर बोले-आरोप और अपराध सिद्ध होना अलग बातें, निष्पक्ष जांच से सामने आएगा पूरा सच

पुलिस ने घरवालों से की पूछतांछ, पड़ोसियों से भी ली जानकारी, अविनाश शुक्ला के किराये के मकान लगाया ताला

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: विशुद्ध चित्त ही वसुदेव है और देवकी निष्काम भक्ति: राधेश्याम शास्त्री

बमबम यादव

Thu, Sep 1, 2022

मन ही हमारे बंधन और मोक्ष का कारण है: गोपाल कृष्ण

जानकी महल ट्रस्ट में व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा कर रहे वृंदावन धाम से पधारे गोपाल कृष्ण

अयोध्या। आध्यात्मिक योग मोक्ष का साधन है। मन ही हमारे बंधन और मोक्ष का कारण है। जब संत पुरुषों का संग होता है तो मन सतोगुण संयुक्त होकर भगवत चिंतन करता है जो ही मुक्तिका कारण भी बन जाता है।

उक्ताशय के उद्गार रामनगरी के जानकी महल ट्रस्ट में आयोजित श्रीमद् भागवत महोत्सव के तृतीय दिवस वृंदावन धाम से पधारे प्रख्यात कथावाचक गोपाल कृष्ण महाराज जी ने भागवत कथा में कपिल भगवान व माता देवहूति प्रसंग का वर्णन करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब कर्म अथवा यज्ञ का उद्देश्य परमेश्वर के लिए होता है तो वह सफल होता है। कर्मों के उपभोक्ता तो वास्तव में ईश्वर ही है वही हमें कर्म फल प्रदान करते हैं। मनुष्य को अपने माता पिता, गुरु व अपने श्रेष्ठ का अपमान नहीं करना चाहिए। गुरु ज्ञान का दाता है, जो जीवन को परम लक्ष्य परमात्मा से मिलाता है। गोपाल कृष्ण जी ने कहा कि मनुष्य का जीवन अद्भुत है। एक बार ही मिलता है। मनुष्य ने जीवन को रसिकता के साथ जीना चाहिए। जीवन के प्रत्येक क्षण को अमूल्य मानकर उसका महत्तम आनंद उठाना, जीवन को सार्थक बनाता है। आनंद ईश्वरस्वरुप होता है। इसलिए दुखों को ज्यादा देर अपने मन में संजोये नहीं रखना चाहिए। यह महोत्सव पूज्य राधेश्याम शास्त्री जी महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा है।

श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में श्रीकृष्ण नंद महोत्सव प्रसंग पर पूज्य राधेश्याम शास्त्री जी महाराज ने कहा कि विशुद्ध चित्त ही वसुदेव है और देवकी निष्काम भक्ति। इन दोनों के मिलन होने पर भगवान कृष्ण का जन्म होता है। जब बुद्धि ईश्वर का अनुभव करती है, तब संसार के सारे विषय बंधन टूट जाते है। जो भगवान को अपने मष्तक पर विराजमान करता है, उसके लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते है। कथा के शुभांरभ पर व्यासपीठ का पूजन आयोजक गीता देवी, कमला देवी, गिरवरलाल मोदी एवं समस्त मोदी परिवार करैरा ने किया। इस अवसर पर कन्हैयालाल पोद्दार, गोपाल जी पोद्दार सहित बड़ी संख्या में कथा प्रेमी मौजूद रहें।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें