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: सिख समाज के पथ प्रदर्शक थे गुरु हरगोविंद महाराज:जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह

बमबम यादव

Mon, Jun 20, 2022

हरगोविंद साहब महाराज के प्रकाश पर्व पर हुए शबद कीर्तन से संगत निहाल हो गई, वाहे गुरु का खालसा वाहे गुरु की जय से वातावरण गूंज उठा

अयोध्या। ऐतिहासिक गुरुनानक गोविंदधाम गुरुद्वारा, नजरबाग में सिख धर्म के छठवें गुरू हरगोविंद सिंह महाराज का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया।हरगोविंद साहब महाराज के प्रकाश पर्व पर हुए शबद कीर्तन से संगत निहाल हो गई। वाहे गुरु का खालसा वाहे गुरु की जय से वातावरण गूंज उठा। गुरु हरगोविंद साहब को सिख समाज का पुरोधा बतया गया।
गुरु ग्रंथ साहिब के सम्पूर्ण पाठ की समाप्ति उपरांत अरदास और कीर्तन का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद भक्तगणों ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर गुरूद्वारा नजरबाग के जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह ने बताया कि सिख धर्म के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह महाराज का जन्म बडाली अमृतसर में हुआ था। वह सिक्खों के पांचवें गुरु अर्जुन सिंह के पुत्र थे। उनकी माता का नाम गंगा रहा। उन्होंने अपना ज्यादातर समय युद्ध प्रशिक्षण एवं युद्ध कला में लगाया। बाद में वे कुशल तलवारबाज, कुश्ती व घुड़सवारी में माहिर हो गए। उन्होंने ही सिखों को अस्त्रत्त्-शस्त्रत्त् का प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सिख पंथ को योद्धा चरित्र प्रदान किया। गुरु हरगोविंद सिंह एक परोपकारी और क्रांतिकारी योद्धा रहे। सेवादार नवनीत सिंह ने बताया कि छठवें गुरूदेव का प्रकाशोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।सेवादार नवनीत सिंह ने बताया कि सिखों के छठवे गुरु, गुरु हरगोविंद सिंह जी का जन्म बडाली (अमृतसर, भारत) में हुआ था। वे सिखों के पांचवें गुरु अर्जुनसिंह के पुत्र थे। उनकी माता का नाम गंगा था। उन्होंने अपना ज्यादातर समय युद्ध प्रशिक्षण एवं युद्ध कला में लगाया तथा बाद में वे कुशल तलवारबाज, कुश्ती व घुड़सवारी में माहिर हो गए। उन्होंने ही सिखों को अस्त्र-शस्त्र का प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया व सिख पंथ को योद्धा चरित्र प्रदान किया। वे स्वयं एक क्रांतिकारी योद्धा थे। गुरु हरगोविंद एक परोपकारी योद्धा थे। उनका जीवन-दर्शन जन-साधारण के कल्याण से जुड़ा हुआ था। समारोह पर बड़ी संख्या में भक्तगणों ने सम्मिलित होकर अपना जीवन कृतार्थ किया।

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