Monday 6th of July 2026

ब्रेकिंग

महंत जगदीश दास बोले-ट्रस्ट में महंत अवधेश दास और विनय कटियार को किया जाए शामिल

कहा- एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक चंपत राय को दोषी मानना उचित नहीं

महंत संजयदास बने राष्ट्रीय प्रवक्ता, रामनगरी का संत नेतृत्व अब देशभर में गूंजेगा

कंचन भवन के पीठाधीश्वर बोले-आरोप और अपराध सिद्ध होना अलग बातें, निष्पक्ष जांच से सामने आएगा पूरा सच

पुलिस ने घरवालों से की पूछतांछ, पड़ोसियों से भी ली जानकारी, अविनाश शुक्ला के किराये के मकान लगाया ताला

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: शिद्दत से शिरोधार्य हुए आचार्य रामप्रसादाचार्य

बमबम यादव

Fri, Aug 1, 2025
शिद्दत से शिरोधार्य हुए आचार्य रामप्रसादाचार्य विंदु संप्रदाय के प्रथम आचार्य विंदुगाद्याचार्य बाबा रामप्रसादाचार्य महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई आचार्य रामप्रसादाचार्य की गणना नगरी के शीर्ष आचार्यों एवं पहुंचे संतों में होती है, मान्यता है कि स्वामी जी को मां सीता ने साक्षात दर्शन दिया और आशीर्वाद स्वरूप अपने हाथों से स्वयं टीका लगाया हम उनकी परंपरा आगे बढ़ाते हुए स्वयं का जीवन सार्थक समझते हैं: विंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य अयोध्या। सावन शुक्ल सप्तमी तिथि पर चक्रवर्ती सम्राट महाराजा दशरथ जी का राजमहल बड़ास्थान संस्थापक एवं विंदु संप्रदाय के प्रथम आचार्य विंदुगाद्याचार्य बाबा रामप्रसादाचार्य महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। जयंती महोत्सव पर गुरुवार को मठ प्रांगण में कई धार्मिक अनुष्ठान-कार्यक्रम संपन्न हुआ। सुबह सर्वप्रथम मंदिर परिसर में विराजमान स्वामी रामप्रसादाचार्य महाराज की प्रतिमा का पूजन-अर्चन, आरती किया गया। तदुपरांत अयोध्यानगरी के विशिष्ट संत-महंत, धर्माचार्यों उनके कृतित्व-व्यक्तित्व का बखान किया। उसके बाद उपस्थित संत-महंत और भक्तजनों द्वारा जयंती उत्सव पर प्रसाद ग्रहण किया गया। करीब तीन सौ वर्ष पूर्व रहे आचार्य रामप्रसादाचार्य की गणना नगरी के शीर्ष आचार्यों एवं पहुंचे संतों में होती है। मान्यता है कि स्वामी जी को मां सीता ने साक्षात दर्शन दिया और आशीर्वाद स्वरूप अपने हाथों से स्वयं टीका लगाया। यह चमत्कार तो प्रसंगवश सामने आया। अन्यथा उनका संपूर्ण जीवन किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। दशरथ के पुराने महल में उन्होंने धूनी रमाई वह अपनी विरासत के अनुरूप रोशन हुआ ही। उनके शिष्यों एवं अनुयायियों की भी बड़ी संख्या सामने आई। मंदिर के अनेक विशाल प्रखंड और विस्तृत भू-संपदा से यह गौरव संयोजित है। संस्कृत महाविद्यालय, संत सेवा एवं उपासना के गहन केंद्र के रूप में भी रामप्रसादाचार्य के आरम की प्रतिष्ठा शताब्दियों से कायम है। वर्तमान बिदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य हम उनकी परंपरा आगे बढ़ाते हुए स्वयं का जीवन सार्थक समझते हैं। उनके कृपापात्र मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरू अर्जुनद्वाराचार्य स्वामी श्री महान्त कृपालु रामभूषण देवाचार्य के अनुसार रामप्रसादाचार्य की स्मृति हमें मार्ग दिखाती है। यह भावना मंदिर में विग्रह की तरह प्रतिष्ठित आचार्य प्रतिमा से बखूबी बयां होती है। इस अवसर पर दशरथ महल के वर्तमान विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि बाबा स्वामी रामप्रसादाचार्य महाराज अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत थे। जो दशरथ महल संस्थापक व प्रथम आचार्य रहे। जिन्हें गोस्वामी तुलसीदास का अवतार माना जाता है। वहीं मंगल भवन पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरू अर्जुनद्वाराचार्य स्वामी श्री महान्त कृपालु रामभूषण देवाचार्य जी महाराज द्वारा पधारे हुए संत-महंत, धर्माचार्यों का अंगवस्त्र ओढ़ा स्वागत-सम्मान कर भेंट, विदाई दिया गया। जयंती महोत्सव पर मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, लक्ष्मणकिला धीश महंत मैथिलीरमण शरण, जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, जगतगुरु रामानुजाचार्य राघवाचार्य, रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरण दास, अधिकारी राजकुमार दास, रामकथाकुंज के महंत डॉ. रामानंद दास, दिगंबर अखाड़ा के उत्तराधिकारी महंत रामलखन दास, उदासीव आश्रम के महंत डॉ. भरत दास, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, बड़ाभक्तमाल के महंत स्वामी अवधेश कुमार दास, बावन मंदिर के महंत वैदेहीवल्लभ शरण, महंत गौरीशंकर दास, हनुमत निवास महंत मिथिलेश नंदनी शरण, सियारामकिला के महंत करूणानिधान शरण, डाड़िया महंत गिरीश दास, सार्वभौम दार्शनिक आश्रम के महंत जनार्दन दास, श्रीरामाश्रम महंत महंत जयराम दास वेदांती, लालसाहेब दरबार के महंत रामनरेश शरण, जानकीकुंज के महंत वीरेंद्र दास, महंत अवधकिशोर शरण, महंत रामलोचन शरण, महंत सीताराम दास, महंत मनीष दास, महंत शशिकांत दास, महंत रामलखन शरण, महंत प्रियाशरण, महंत राजन बाबा, महंत रामनारायण दास, महंत राजीवलोचन शरण, महंत जनार्दन दास, महंत धर्मदास, महंत उद्धव शरण, महंत गणेशानंद दास, नागा रामलखन दास, महंत तुलसीदास, महंत कमलादास, महंत बालयोगी रामदास, महंत प्रशांत दास, भाजपा नेता अभिषेक मिश्रा, नंदकुमार मिश्र आदि संत-महंत

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें