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: गद्दीनशीन भगवान रामलला को सुनायेंगे रामरक्षा स्त्रोत

बमबम यादव

Sun, Apr 27, 2025
गद्दीनशीन भगवान रामलला को सुनायेंगे रामरक्षा स्त्रोत
22वें गद्दीनशीन शाही जुलूस के साथ करेंगे शाही स्नान व भगवान रामलला का दर्शन पूजन
हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा होगी शाही जुलूस पर, जुलूस के ऐतिहासिक स्वागत को लेकर अयोध्यावासी है उत्साहित, घर आंगन होगें रौशन
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में पहली बार ऐसा कार्यक्रम होने जा रहा है, जो कई वर्षों में नहीं हुआ। अयोध्या के सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के श्रीगद्दीनशीन श्रीमहंत जी करीब 200 वर्षों की परंपरा में जब गद्दीनशीन रामलला का दर्शन करने जाएंगे। हनुमानगढ़ी की आचार संहिता में गद्दीनशीन के लिए इस पीठ के 52 बीघा परिसर से बाहर जाना निषिद्ध है और उसके मूल में यही ले भावना है कि वह हनुमानजी के मुख्य अनुचर एवं सेवक के रूप में सतत सन्नद्ध रहेंगे। श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज हनुमानगढ़ी के तीसरें गद्दीनशीन होंगे, जो 52 बीघा की परिधि का अतिक्रमण करेंगे। चार दशक पूर्व तत्कालीन गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधुदास को गंभीर रूप से घायल के होने पर चिकित्सालय ले जाना पड़ा था, तो वही श्रीमहंत रमेश दास जी को भी चिकित्सा हेतु चिकित्सालय ले जाना पड़ा था इस पर हनुमानगढ़ी की निर्णायक पंचायत को आपत्ति हुई थी और अंततः तत्कालीन गद्दीनशीन को अति आकस्मिकता एवं मानवीय आधार पर छूट मिल सकी थी। वर्तमान गद्दीनशीन जी का मामला अलग है। उन्हें तो हनुमानजी ने प्रेरित कर अपनी इच्छा से अवगत कराया। गत तीन माह से श्रीमहंत प्रेमदास जी हनुमानजी की इच्छापूर्ति का प्रयास करने लगे। पहले उन्होंने शिष्यों से विचार साझा किया। इसके बाद बात पंचायत तक पहुंची। पंचायत ने गत 21 तारीख को बैठक कर गद्दीनशीन को 52 बीघा परिसर से बाहर जाने की अनुमति प्रदान की। पहली बार हनुमानगढ़ी परिसर, यानी 52 एकड़ परिसर के बाहर, राम मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। उनके साथ सभी चारों पट्टियों के महंत और हजारों साधु-संत भी शामिल होंगे। ऐसा पहली बार होगी और इस मौके को खास बनाने के लिए तमाम तरह की तैयारी चल रही हैं।इतना ही नहीं, जब हनुमानगढ़ी के श्रीगद्दीनशीन बाहर निकलेंगे, तो उनके साथ हनुमान जी का निशान, हाथी, घोड़ा, ऊंट भी होगा. यानी पूरी तरह से यह एक शाही यात्रा होगी. यह शाही जुलूस हनुमानगढ़ी से निकलकर सरयू घाट जाएगा, जहां सभी साधु-संत स्नान करेंगे. उसके बाद पैदल चलकर प्रभु राम का दर्शन और पूजन करेंगे. प्रभु राम को 56 व्यंजनों का भोग भी अर्पित किया जाएगा। रामलला के दरबार में गद्दीनशीन जी करीब एक घंटे बितायेंगे। भगवान रामलला को रामरक्षास्तोत्र का पाठ सुनायेंगे। खास बात यह है कि हनुमान जी ने स्वयं गद्दीनशीन को प्रेरणा दी कि आप जाएं और प्रभु राम का दर्शन करें. ऐसे में हनुमानगढ़ी के सभी पंचायती अखाड़े ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर हनुमानगढ़ी से हनुमान जी के निशान के साथ शाही जुलूस निकाला जाएगा. सरयू में स्नान होगा, पूजन होगा और फिर गेट नंबर 3 से प्रभु राम का दर्शन किया जाएगा. प्रभु राम को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। इस दौरान शाही जुलूस में जगह-जगह फूलों से स्वागत किया जाएगा और हेलीकॉप्टर से भी पुष्प वर्षा होगी. इतना ही नहीं, इस पूरी यात्रा में हाथी, ऊंट, घोड़ा, छड़ी और हनुमान जी का निशान भी नजर आएगा. जोरों-शोरों से इस यात्रा की तैयारी हो रही है। कार्यक्रम की व्यवस्था में अखाड़े के मुख्तार अजय श्रीवास्तव लगे है।प्रेसवार्ता में निर्वाणी अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, गद्दीनशीन श्रीमहंत जी के उत्तराधिकारी महंत डा महेश दास, संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास, राजेश पहलवान, उपेंद्र दास, मनीराम दास, अखाड़े के मुख्तार अजय श्रीवास्तव,महंत संजय दास के निजी सचिव  शिवम श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहें।

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