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वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम-सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी का पंचामृत से अभिषेक; दक्षिण भारतीय वाद्य और मशालों ने मोहा मन

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व व श्रृंगी ऋषि आश्रम

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: भगवान श्रीरंगराघव जी का भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू

बमबम यादव

Tue, Jul 2, 2024

नवनिर्मित श्रीसंतगोपाल मंडपम में नित्य शालिग्राम भगवान का सवा लाख अर्चन, 111 ब्राह्मण आचार्यों द्वारा श्रीमद्भागवत का मूल पारायण किया जा रहा

व्यासपीठ से कोसलेस सदन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज कर रहे श्रीमद् भागवत कथा की मीमांसा

मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे, हाथी-घोड़े संग निकली विशाल शोभायात्रा व जलयात्रा

अयोध्या। नवनिर्मित श्रीसंतगोपाल मंडपम ऋणमोचन घाट में विशाल शोभायात्रा और जलयात्रा संग श्रीरंगराघव भगवान के प्राण प्रतिष्ठा महा महोत्सव का शुभारंभ हो चुका है। नित्य शालिग्राम भगवान का सवा लाख अर्चन, 111 ब्राह्मण आचार्यों द्वारा श्रीमद्भागवत का मूल पारायण किया जा रहा है। सायंकाल कोसलेस सदन पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज भक्तजनों को श्रीमद्भागवत कथा का रसास्वादन करा रहे हैं। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहा है। महोत्सव की पूर्व पर मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे, हाथी-घोड़े संग विशाल शोभायात्रा व जलयात्रा निकाली गई। जो अयोध्याधाम के मुख्य मार्गों से होते हुए पावन सरयू तट पहुंची। सरयू जल लेकर पुन यह शोभायात्रा एवं जलयात्रा अपने गंतव्य मंदिर को वापस लौटी। वहां मंदिर प्रांगण में जल से भरे सभी कलशों को स्थापित किया गया। श्रीसंतगोपाल मंडपम पीठाधिपति श्रीमज्जगदुरू रामानुजाचार्य स्वामी कूरेशाचार्य महाराज ने बताया कि अयोध्या के एक महान संत हुए स्वामी संतगोपालाचार्य, जिनका 2011 में परम पद हो गया। उन्हीं की स्मृति में श्रीसंतगोपाल मंडपम का निर्माण हुआ। उसी संतगोपाल मंडपम में श्रीरंगराघव भगवान की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। भगवान श्रीरंगनाथ अयोध्या के कुलदेवता हैं। जो श्रीरंगनाथ भगवान अयोध्या से श्रीरंगम दक्षिण भारत चले गए। उन श्रीरंगनाथ भगवान को पुन : अयोध्या लाया गया है। वह रंगनाथ भगवान 9 फिट लंबे व 7 फिट ऊंचे हैं। उनका वजन सौ किलो का है। प्रभु श्रीसीताराम रंगनाथ भगवान की गोद में विराजमान हैं। विग्रह को निर्माण होने में एक वर्ष का समय लगा है। एक वर्ष बाद यह विग्रह अवध की धरा पर पहुंची है। अब उस विग्रह का प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव दाक्षिणात्य विद्वानों द्वारा किया जा रहा है। जिसमें कांची प्रतिवाद भयंकर मूल मठ के स्वामी श्रीनिवासाचार्य महाराज सपरिवार पधार रहे हैं। उन्हीं की अध्यक्षता में प्राणप्रतिष्ठा महा महोत्सव का कार्यक्रम होगा। 7 जुलाई को भगवान की प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण होगी। उसके बाद सायंकाल उनका दिव्य कल्याणोत्सव विवाहोत्सव मनाया जायेगा। 8 जुलाई को सरयू मैया का पूजन-अर्चन, दुग्धाभिषेक, चुनरी मनोरथ का कार्यक्रम है। उसके बाद पूर्णाहुति, भंडारे संग महोत्सव का समापन हो जायेगा। कार्यक्रम के मुख्य यजमान अयोध्या के प्रसिद्ध उघोगपति समाजसेवी आईपी सिंह जी है।

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