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: धर्म को अलग करने के बजाए प्रत्येक कर्म को धर्म में करना सीखें:अशोकाचार्य

बमबम यादव

Fri, Oct 6, 2023

हनुमान बाग के महंत जगदीश दास जी महाराज के अध्यक्षता में हो रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ

अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार श्री हनुमान बाग मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा हो रही है। व्यासपीठ से पंडित अशोकाचार्य जी गंगापुर सिटी वाले कथा कह रहें है। इस पुनीत महोत्सव का आयोजन जन सेवार्थ चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में हो रहा है। कथा के तृतीय दिवस पर कथाव्यास पंडित अशोकाचार्य जी ने कहा कि धर्म को अलग करने के बजाए प्रत्येक कर्म को धर्म में करना सीखें। आज हमारी प्रार्थना भी मात्र क्रिया बनकर रह गई है जबकि प्रत्येक क्रिया ही प्रार्थना बन जाए ऐसा कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा व्यवहार आचरण विचार सब इतना लयबद्ध और ज्ञान मय हो कि यह सब अनुष्ठान जैसा लगने लगे। व्यासजी ने कहा कि धर्म के लिए अलग से कर्म करने की आवश्यकता नहीं अपितु जो कर्म हम कर रहे हैं उसको ऐसे पवित्र भाव से करें कि वही धर्म बन जाए। उन्होंने कहा कि समस्त समस्याओं का समाधान करने के लिए मौन ही सबसे बड़ा अस्त्र है इस अस्त्र से संसार के समस्त विवादों का समाधान हो सकता है।जो मनुष्य बाहरी बातों पर ध्यान देता है उसके घर में कलेश होता है तात्कालिक आवेश में लिया गया निर्णय हमेशा पश्चाताप का कारण बनता है जो सरलता असत्य और अन्याय का विरोध न कर सके वह समाज और स्वयं दोनों के लिए घातक है। कथा को समझाते हुए पंडित जी ने कहा कि झूठ और अन्याय को सह लेना ही अगर सरलता होती तो भगवान श्री राम बाली के अन्याय और रावण के अत्याचार को सहते इन सब को दंडित करने के बाद भी भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम , सरल एवं संकोची कहा गया है। आज की कथा में भरत चरित्र, अजामिलापाख्यान व प्रहलाद चरित्र का प्रसंग पंडित जी ने सुनाया। इस महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग के महंत जगदीश दास जी महाराज कर रहें है। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन आयोजकों ने किया।ट्रस्टी एडवोकेट दिनेश शर्मा, एडवोकेट ओपी गुप्ता व एडवोकेट दिनेश गुप्ता ने सयुंक्त रुप आने वाले संत साधक अतिथियों का स्वागत कर रहें है। महोत्सव की देखरेख हनुमान बाग के पुजारी योगेंद्र दास, सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहे है।

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