Thursday 21st of May 2026

ब्रेकिंग

रिश्तों और निवेश को लेकर उठे कई सवाल कारोबारी तनाव, साझेदारी विवाद और मानसिक दबाव की चर्चाओं के बीच निष्पक्ष जांच की

ज्येष्ठ के दूसरे मंगलवार पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

आईएमए की आड़ में बदनाम अस्पताल संचालक ने ओढ़ी ईमानदारी की चादर, सोशल मीडिया से पोस्ट गायब होते ही तेज हुई चर्चाएं

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भक्तों की सेवा में जुटे महंत संजय दास ने ORS व जूस का वितरण; श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखी

बंगाल ने पहली बार खुलकर ली सांस, श्रेय अमित शाह को: बृजभूषण शरण सिंह

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: जानकीवर शरण महाराज अप्रतिम के धनी संत रहे: महंत सियाकिशोरी शरण 

बमबम यादव

Sat, Feb 10, 2024

सिद्धपीठ सद्गुरू सदन के पूर्वाचार्य को किया नमन

अयोध्या। सिद्धपीठ सद्गुरु सदन, गोलाघाट के पूर्वाचार्य पंडित राज श्री जानकीवर शरण महाराज को पुण्यतिथि पर संतों ने नमन किया। शनिवार मंदिर परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संत-महंतों द्वारा पूर्वाचार्य को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। साथ ही संतों ने उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। पुण्यतिथि पर मठ में कई धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। सगुरु सदन के महंत सियाकिशोरी शरण महाराज द्वारा आए हुए संत- महंत, विशिष्टजनों का स्वागत- सम्मान किया गया। सदुरु सदन पीठाधीश्वर महंत सियाकिशोरी शरण महाराज ने कहा कि इस आश्रम की गणना प्राचीनतम पीठों में होती है। जहां एक से एक बड़े-बड़े सिद्ध, तपस्वी, विद्वान संत हुए हैं। जिन्होंने मठ का कार्यभार संभाला। उन्हीं में से एक थे, पूर्वाचार्य पंडित राज श्री जानकीवर शरण महाराज। जिनकी पुण्यतिथि आश्रम में श्रद्धा के साथ मनाई गई। वह अप्रतिम के धनी संत रहे। संतत्व तो उनमें देखते ही झलकता था। जो भजन-साधना में तल्लीन रहा करते थे। उनकी गणना भजनानंदी संतों में होती थी। भगवान सीताराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति रही। श्रीसीताराम के वह अनन्य उपासक थे। जो गौ और संत सेवी रहे। जिन्होंने मठ का सर्वांगीण विकास किया। जीवन भर मंदिर की उत्तरोत्तर समृद्धि में लगे रहे, जिसकी गणना अयोध्यानगरी के प्रमुख पीठों में होती है। आश्रम में गौ, संत, विद्यार्थी तथा अतिथि सेवा सुचार रूप से चल रही है। सभी उत्सव, समैया, त्यौहार भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। पुण्यतिथि पर सद्गुरु सदन के अधिकारी बालमुकुंद शरण, पुजारी अंबरीष शरण समेत अयोध्याधाम के अन्य विशिष्ट संत-महंत व मंदिर से जुड़े हुए शिष्य-परिकर, अनुयायी मौजूद रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें